सिक्सलेन और फोरलेन ब्रिज का विस्तार, राजधानी में यात्रा की सुविधा बढ़ेगी

भोपाल  भोपाल में कोलार सिक्सलेन से केरवा डैम के बीच अब केरवा नदी बाधा नहीं बनेगी। पीडब्ल्यूडी कोलार रोड पर इनायतपुर के पास केरवा नदी पर चार लेन नया ब्रिज (New fourlane Bridge) बना रहा है। इसके लिए फरवरी में एजेंसी तय कर दी जाएगी। अगले डेढ़ माह में काम शुरू होगा। डेढ़ से दो साल में लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ईई एआर मोरे ने कहा कि हम केरवा का नया ब्रिज तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रक्रियाएं इसी माह पूरी कर देंगे। अगले डेढ़ साल में ये तैयार हो जाएगा।  सीहोर, सलकनपुर

Wrriten By :

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Published On :

जनवरी 25, 2026

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भोपाल 

भोपाल में कोलार सिक्सलेन से केरवा डैम के बीच अब केरवा नदी बाधा नहीं बनेगी। पीडब्ल्यूडी कोलार रोड पर इनायतपुर के पास केरवा नदी पर चार लेन नया ब्रिज (New fourlane Bridge) बना रहा है। इसके लिए फरवरी में एजेंसी तय कर दी जाएगी। अगले डेढ़ माह में काम शुरू होगा। डेढ़ से दो साल में लोगों को इसका लाभ मिलना शुरू हो जाएगा। पीडब्ल्यूडी ब्रिज ईई एआर मोरे ने कहा कि हम केरवा का नया ब्रिज तैयार कर रहे हैं। इसके लिए प्रक्रियाएं इसी माह पूरी कर देंगे। अगले डेढ़ साल में ये तैयार हो जाएगा। 

सीहोर, सलकनपुर और नसरुल्लागंज तक बेहतर राह

अभी गोलजोड़ व इससे कुछ आगे तक सिक्सलेन है। इसके बाद जर्जर पुल है, जिससे गुजरने में आशंका रहती है। बड़े वाहन मंडीदीप के रास्ते आगे बढ़ते हैं। अब उच्चस्तरीय पुल बनने से मंडीदीप की बजाय सीधे केा पुल, कोलार डेम से होते हुए आगे बढ़ जाएंगे। नसरूल्लागंज और रातापानी तक की एप्रोच आसान होगी। ये नया ब्रिज रातापानी के झिरी एंट्री तक निकाल देगा। कोलार रोड से जुड़े 25 गांवों को इससे सीधे लाभ होगा।

चार लेन का ब्रिज खत्म करेगा दुर्घटना की स्थिति

केरवा नदी पर कोलार डैम के बीच चार लेन का ब्रिज नदी पर दुर्घटना की स्थिति खत्म करेगा। अभी केरवा नदी (Kerwa Dam) को पार करने जिस रास्ते कमा उपयोग किया जाता है वह करीब 30 साल पुराना है। भारी वाहन के दबाव से टूटने की स्थिति है। अब नया मजबूत उच्चस्तरीय ब्रिज के बनने से भारी वाहन भी सरपट आगे बढ़ जाएंगे। गौरतलब है कि हाल में जर्जर पुलिया के पास कार वबाइक दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इसमें वाहन चालकों की जान भी चली गई थी।
15 किमी का सिक्सलेन, अब 50 किमी तक लाभ देगा

अभी कोलार तिराहा से नहर तिराहा होते हुए गोलजोड व आगे तक 15 किमी में सीसी सिक्सलेन किया गया है। इसमें कलियासोत ब्रिज को पहले ही सिक्सलेन कर दिया गया है। इसमें अब केरवा नदी का ब्रिज बचा था, जिसके लिए अब प्रक्रिया की जा रही है। इस ब्रिज के बनने से पब्लिक ट्रांसपोर्ट के तहत बस का भी आगे के लिए रास्ता खुल जाएगा। बैरागढ़ चीचली से आगे का क्षेत्र विकसित हो जाएगा।

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