पीएम सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना से सरगुजा में बढ़ रही ऊर्जा आत्मनिर्भरता

रायपुर प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में परिवारों को बिजली खर्च से राहत देने के साथ उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। घरों की छतों पर स्थापित रूफटॉप सोलर संयंत्र अब केवल घरेलू बिजली की जरूरत पूरी करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हितग्राही अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर विद्युत ग्रिड में भी योगदान दे रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा निवासी आलम साय रजवाड़े इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं। बिजली उपभोक्ता से बने बिजली दाता  आलम साय ने अपने घर की छत पर प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के

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Published On :

सितम्बर 7, 2026

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रायपुर

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना सरगुजा जिले में परिवारों को बिजली खर्च से राहत देने के साथ उन्हें ऊर्जा के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाने का प्रभावी माध्यम बन रही है। घरों की छतों पर स्थापित रूफटॉप सोलर संयंत्र अब केवल घरेलू बिजली की जरूरत पूरी करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि हितग्राही अतिरिक्त बिजली का उत्पादन कर विद्युत ग्रिड में भी योगदान दे रहे हैं। अम्बिकापुर विकासखंड के ग्राम पंचायत आमदरहा निवासी आलम साय रजवाड़े इसकी प्रेरणादायी मिसाल हैं।

बिजली उपभोक्ता से बने बिजली दाता

 आलम साय ने अपने घर की छत पर प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के तहत सोलर संयंत्र स्थापित कराया। उन्होंने बताया कि संयंत्र लगने से पहले उनके घर का मासिक बिजली बिल लगभग 1,500 से 2,000 रुपये तक आता था। सौर ऊर्जा का उपयोग शुरू होने के बाद पिछले लगभग साढ़े तीन महीने से उनका बिजली बिल शून्य है। इससे परिवार के मासिक खर्च में उल्लेखनीय राहत मिली है।

 आलम साय कहते हैं, “पहले मैं बिजली उपभोक्ता था, लेकिन अब बिजली दाता बन गया हूं।” उन्होंने बताया कि सोलर संयंत्र से उत्पादित बिजली से पहले घर की जरूरत पूरी होती है और इसके बाद बचने वाली अतिरिक्त बिजली ग्रिड में चली जाती है।

साढ़े तीन माह में 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी

 आलम साय के अनुसार उनके घर में स्थापित सोलर संयंत्र से घरेलू खपत के बाद अतिरिक्त बिजली का भी उत्पादन हो रहा है। लगभग साढ़े तीन महीने की अवधि में करीब 850 यूनिट अतिरिक्त बिजली ग्रिड को दी जा चुकी है। इस तरह उनका परिवार बिजली की जरूरत पूरी करने के साथ ऊर्जा उत्पादन में भी भागीदार बन गया है।

1.08 लाख रुपये की डबल सब्सिडी से कम हुआ आर्थिक भार

 आलम साय ने बताया कि सोलर संयंत्र स्थापित करने के लिए उन्हें केंद्र सरकार की ओर से 78 हजार रुपये तथा राज्य सरकार की ओर से 30 हजार रुपये की सहायता प्राप्त हुई। इस तरह कुल 1 लाख 8 हजार रुपये की सब्सिडी मिलने से सोलर संयंत्र स्थापित करने का आर्थिक भार काफी कम हुआ। उन्होंने बताया कि योजना के तहत आवेदन से लेकर संयंत्र स्थापना तक की प्रक्रिया सुविधाजनक रही। योजना से मिले लाभ से उत्साहित आलम साय ने अन्य पात्र बिजली उपभोक्ताओं से भी प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना का लाभ लेने की अपील की।

“बिजली बिल से मिली राहत, योजना से बहुत खुश हूं”

 आलम साय ने कहा, “मेरा बिजली बिल लगभग साढ़े तीन महीने से शून्य है। योजना का मुझे बहुत फायदा मिला है और मैं इससे बहुत खुश हूं।” उन्होंने आम परिवारों को सौर ऊर्जा से जोड़ने और इसके लिए आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए केंद्र एवं राज्य सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

लक्ष्य के करीब पहुंचा सरगुजा, 1,733 घरों में लगे सोलर संयंत्र

विभागीय जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले में शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों को मिलाकर कुल 2,000 सोलर संयंत्र स्थापित करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके विरुद्ध अब तक 1,733 घरों में रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित किए जा चुके हैं। इनमें शहरी क्षेत्र के 1,360 तथा ग्रामीण क्षेत्र के 373 संयंत्र शामिल हैं।

प्रधानमंत्री सूर्य घर-मुफ्त बिजली योजना के माध्यम से सरगुजा में घरों की छतें अब ऊर्जा उत्पादन का केंद्र बन रही हैं। योजना से जहां परिवारों के बिजली खर्च में कमी आ रही है, वहीं स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा को बढ़ावा मिलने के साथ ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में भी जिले की भागीदारी मजबूत हो रही है।

 

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