बिहार में 8 MLC सीटों पर चुनाव, जानें विधान पार्षद की पावर, सैलरी और पेंशन का पूरा हिसाब

 पटना  बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों के लिए चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद को 8 नए सदस्य मिल जाएंगे। विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है। इसमें चुनकर या नामांकित होकर आने वाले जनप्रतिनिधि को विधान पार्षद या MLC कहा जाता है। भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत विधान पार्षद के पास कानून बनाने और जनहित के मुद्दों को उठाने का अधिकार होता है। हालांकि कानून या नीतियां पास करने का अंतिम निर्णय विधानसभा यानी विधायक ही करते हैं। बिहार में MLC के प्रमुख

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Published On :

अक्टूबर 20, 2026

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 पटना
 बिहार में विधान परिषद की 8 सीटों के लिए चुनाव प्रचार अपने चरम पर है। 23 अक्टूबर को वोटिंग होगी और 27 अक्टूबर 2026 को विधान परिषद को 8 नए सदस्य मिल जाएंगे।

विधान परिषद राज्य विधानमंडल का उच्च सदन है। इसमें चुनकर या नामांकित होकर आने वाले जनप्रतिनिधि को विधान पार्षद या MLC कहा जाता है।

भारतीय संविधान के प्रावधानों के तहत विधान पार्षद के पास कानून बनाने और जनहित के मुद्दों को उठाने का अधिकार होता है। हालांकि कानून या नीतियां पास करने का अंतिम निर्णय विधानसभा यानी विधायक ही करते हैं।

बिहार में MLC के प्रमुख अधिकार और शक्तियां (Bihar MLC Powers)
कानून निर्माण में सहभागिता: वित्तीय विधेयकों (Financial Bills) को छोड़कर सभी बिल विधान परिषद में पेश किया जा सकता है। MLC इन विधेयकों पर चर्चा करते हैं, संशोधन का सुझाव देते हैं और मतदान करते हैं।

सदन में प्रश्न पूछने का अधिकार: विधान पार्षद (MLC) सरकार से लोक कल्याण, विकास योजनाओं और प्रशासनिक मामलों पर सवाल (मौखिक या लिखित) पूछ सकते हैं तथा ध्यानाकर्षण प्रस्ताव ला सकते हैं।

बजट पर चर्चा: विधान परिषद में राज्य सरकार के वार्षिक बजट पर विस्तृत चर्चा होती है, हालांकि वित्तीय विधेयकों (Money Bills) पर अंतिम निर्णय का अधिकार विधानसभा के पास होता है।

विकास निधि (MLC LAD Fund): प्रत्येक MLC को अपने क्षेत्र में विकास कार्यों (जैसे सड़कें, नाली, स्कूल भवन, सामुदायिक भवन आदि) की सिफारिश के लिए हर साल तय निधि उपलब्ध कराई जाती है।

मंत्री बनने की पात्रता: कोई भी विधान पार्षद बिहार सरकार में कैबिनेट या राज्य मंत्री पद की शपथ ले सकता है (उदाहरणस्वरूप: मुख्यमंत्री नीतीश कुमार स्वयं विधान परिषद के सदस्य रहे हैं)।

बिहार विधान पार्षद (MLC) का वेतन एवं भत्ता ब्रेकअप
बिहार में विधायकों (MLA) और विधान पार्षदों (MLC) का वेतन संरचना व मिलने वाले भत्ते समान होते हैं। वर्तमान में एक MLC की मंथली इनकम भत्तों को मिलाकर लगभग ₹1.60 लाख से अधिक होती है।

Bihar MLC Monthly Salary
अनुमानित राशि / भत्ता     विवरण
मूल वेतन (Basic Salary)     ₹50,000 प्रति माह
क्षेत्रीय भत्ता (Constituency Allowance)     ₹55,000 प्रति माह
निजी सहायक (PA) भत्ता     ₹40,000 प्रति माह
कार्यालय और स्टेशनरी खर्च     ₹15,000 प्रति माह
टेलीफोन/संचार भत्ता     ₹8,300 प्रति माह (वाउचर रहित)
दैनिक भत्ता (Session Allowance)     पटना में ₹3,000 प्रतिदिन और राज्य से बाहर ₹3,500 प्रतिदिन

अतिरिक्त सुविधाएं और लाभ
आवास/बिजली सुविधा: पटना में सरकार द्वारा सुसज्जित विधायक/पार्षद आवास या निश्चित मकान किराया भत्ता)। 2,000 यूनिट तक मुफ्त बिजली सुविधा

चिकित्सा सुविधा: MLC और उनके परिवार के सदस्यों के लिए मुफ्त इलाज या चिकित्सा प्रतिपूर्ति (Medical Reimbursement)।

यात्रा सुविधा: हर साल रेल या हवाई यात्रा के लिए ₹4 लाख का कूपन।

वाहन अग्रिम: नई गाड़ी खरीदने के लिए रियायती ब्याज दर पर 25 लाख रुपये तक का लोन

पेंशन सुविधा: कार्यकाल समाप्त होने के बाद जीवनभर के लिए 45,000 रुपये की पेंशन और चिकित्सा सहायता की व्यवस्था।

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