SIR Phase 3: चुनाव आयोग ने SIR का तीसरा चरण शुरू किया, 4 राज्यों में घर-घर मतदाता सत्यापन अभियान

भारत निर्वाचन आयोग ने चुनावों से पहले मतदाता सूची को पूरी तरह पारदर्शी बनाने के लिए 'एसआईआर' का तीसरा चरण आधिकारिक रूप से लॉन्च कर दिया है। चार राज्यों में युद्धस्तर पर चलने वाले इस घर-घर सत्यापन अभियान के पीछे आयोग का वह कौन सा बड़ा गुप्त मास्टरप्लान है, जो फर्जी वोटरों का पत्ता साफ कर देगा?

SIR Phase 3

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 31, 2026

भारत निर्वाचन आयोग (ECI) ने देश के 16 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में मतदाता सूची की विशेष जांच (SIR) के तीसरे चरण की आधिकारिक शुरुआत कर दी है। इसी महत्वपूर्ण अभियान के अंतर्गत ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम और मणिपुर में 30 मई 2026 से मतदाताओं की गिनती, पहचान और उनके दस्तावेज़ों के सत्यापन का काम युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। आयोग द्वारा की जा रही यह पूरी प्रक्रिया भारतीय संविधान और देश के मौजूदा चुनाव कानूनों के कड़े दायरे में रहकर संचालित की जा रही है। इस राष्ट्रव्यापी अभियान का मुख्य और एकमात्र उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि देश का कोई भी योग्य नागरिक वोट देने के अपने अधिकार से वंचित न रहे और साथ ही किसी भी अयोग्य या फर्जी व्यक्ति का नाम वोटर लिस्ट में शामिल न हो पाए।

BLO का घर-घर सर्वे: इस तरह दर्ज कराएं मतदाता सूची में अपना नाम

निर्वाचन आयोग द्वारा 14 मई 2026 को जारी किए गए दिशानिर्देशों के अनुसार, इन चारों राज्यों में यह सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत बूथ स्तर के अधिकारी (BLO) खुद घर-घर जाकर सभी मौजूदा और नए मतदाताओं को आवश्यक फॉर्म उपलब्ध करा रहे हैं। नागरिकों की सुविधा के लिए इस प्रक्रिया को बेहद सरल बनाया गया है। मतदाता इन फॉर्मों को अच्छी तरह भरकर सीधे अपने क्षेत्र के BLO के माध्यम से जमा कर सकते हैं। इसके अलावा, जो लोग डिजिटल माध्यम का उपयोग करना चाहते हैं, वे निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन तरीके से भी अपने फॉर्म और दस्तावेज जमा कर सकते हैं।

समय सीमा का रखें ध्यान: फॉर्म जमा करने की आखिरी तारीख और विकल्प

इस विशेष सत्यापन अभियान के तहत समय सीमा का पालन करना बेहद जरूरी है। जिन मतदाताओं के भरे हुए फॉर्म 28 जून 2026 तक संबंधित चुनाव पंजीकरण अधिकारी (ERO) के कार्यालय में पहुंच जाएंगे, केवल उन्हीं के नाम आगामी मसौदा (ड्राफ्ट) वोटर लिस्ट में शामिल किए जाएंगे। हालांकि, जो नागरिक किसी कारणवश इस निर्धारित तारीख तक अपना फॉर्म जमा नहीं कर पाएंगे, उन्हें निराश होने की आवश्यकता नहीं है। वे इस अवधि के बीत जाने के बाद भी ‘दावा और आपत्ति’ चरण के दौरान फॉर्म-6 और आवश्यक घोषणा पत्र के जरिए नए सिरे से आवेदन कर अपना नाम जुड़वा सकते हैं।

राजनीतिक दलों की भागीदारी: पारदर्शिता बढ़ाने के लिए BLA को मिली जिम्मेदारी

इस पूरी चुनावी प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और जन-केंद्रित बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने एक बड़ा फैसला लिया है। आयोग ने इस काम में राजनीतिक दलों की भागीदारी को बढ़ाते हुए उनके बूथ लेवल एजेंट (BLA) को भी आम जनता से फॉर्म एकत्र कर जमा करने की विशेष अनुमति दी है। नियमों के अनुसार, प्रत्येक मान्यता प्राप्त BLA प्रतिदिन अधिकतम 50 फॉर्म लोगों से कलेक्ट करके चुनाव कार्यालय में जमा कर सकता है। इसके साथ ही, राष्ट्रीय और राज्य स्तर के मान्यता प्राप्त राजनीतिक दलों को यह अधिकार दिया गया है कि वे आवश्यकतानुसार जमीनी स्तर पर और अधिक BLA की नियुक्ति कर सकते हैं।

फील्ड में तैयारी: घर-घर सर्वे के दौरान BLA के लिए जरूरी नियम

जमीनी स्तर पर काम को और अधिक प्रभावी बनाने के लिए निर्वाचन आयोग ने कुछ कड़े नियम भी तय किए हैं। घर-घर जाकर किए जाने वाले इस सर्वे के दौरान प्रत्येक बूथ लेवल एजेंट (BLA) के पास अनिवार्य रूप से कम से कम 30 खाली फॉर्म-6 और संबंधित घोषणा पत्र उपलब्ध होने चाहिए। इस व्यवस्था का सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि यदि क्षेत्र में कोई ऐसा नागरिक मिलता है जो नया मतदाता बनने की सभी योग्यताएं पूरी करता है, तो उसे तुरंत मौके पर ही फॉर्म उपलब्ध कराया जा सकेगा, जिससे पूरी प्रक्रिया में तेजी आएगी।

आंकड़ों पर एक नजर: चारों राज्यों में मतदाताओं और अधिकारियों की स्थिति

इस विशेष अभियान के तहत चारों राज्यों से जुड़े कुछ बेहद महत्वपूर्ण और आधिकारिक आंकड़े सामने आए हैं, जो इस प्रकार हैं:

  • ओडिशा: इस राज्य में कुल मतदाताओं की संख्या 3,34,14,856 है। जमीनी स्तर पर काम करने के लिए यहाँ 38,123 BLO तैनात किए गए हैं, जबकि उनकी सहायता के लिए 8,391 BLA सक्रिय हैं।

  • मिजोरम: पूर्वोत्तर के इस राज्य में कुल 8,75,008 मतदाता हैं। यहाँ सुचारू संचालन के लिए 1,353 BLO और 3,430 BLA अपनी सेवाएं दे रहे हैं।

  • सिक्किम: इस पहाड़ी राज्य में पंजीकृत मतदाताओं की संख्या 4,71,077 है। यहाँ चुनाव आयोग ने 572 BLO और 681 BLA को जिम्मेदारी सौंपी है।

  • मणिपुर: मणिपुर में कुल मतदाताओं का आंकड़ा 20,92,140 है। इस अभियान को सफल बनाने के लिए यहाँ 2,996 BLO और 5,003 BLA लगातार काम कर रहे हैं।

अंत में, भारत निर्वाचन आयोग ने इन राज्यों के सभी पात्र नागरिकों से इस लोकतंत्र के महापर्व में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने और अपने घर आने वाले चुनाव अधिकारियों को पूरा सहयोग देने की भावुक अपील की है।

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