ED Raid Pinarayi Vijayan : ईडी की रेड के बाद पिनाराई विजयन का पहला बयान, राहुल गांधी पर बोला हमला!

केरल में पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के ठिकानों पर ED की मैराथन छापेमारी के बाद सियासी जंग छिड़ गई है! विजयन ने सीधे राहुल गांधी पर हमला बोलते हुए कहा कि इस कार्रवाई से उन्हें 'मानसिक संतुष्टि' मिलेगी, क्या कांग्रेस और बीजेपी की कथित मिलीभगत ने वामपंथ के इस सबसे बड़े किले को घेर लिया है?

ED Raid Pinarayi Vijayan

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

मई 27, 2026

ED Raid Pinarayi Vijayan : केरल में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की एक बहुत बड़ी और चौंकाने वाली कार्रवाई सामने आई है, जिसने राज्य की राजनीति में भूचाल ला दिया है। केंद्रीय जांच एजेंसी ईडी ने पूर्व मुख्यमंत्री और वर्तमान नेता प्रतिपक्ष पिनाराई विजयन के आवास पर अचानक छापेमारी की है। इस औचक कार्रवाई की खबर फैलते ही पूर्व मुख्यमंत्री के समर्थकों और पार्टी कार्यकर्ताओं में भारी आक्रोश फैल गया। उग्र समर्थकों ने मौके पर मौजूद ईडी के अधिकारियों और उनकी गाड़ियों पर हमला बोल दिया, जिससे वहां स्थिति काफी तनावपूर्ण हो गई। इस पूरे घटनाक्रम और बवाल के बाद अब पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन की पहली आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने आई है, जिसमें उन्होंने केंद्र सरकार और कांग्रेस दोनों पर तीखे प्रहार किए हैं।

छापेमारी पर बोले विजयन, राहुल गांधी जैसे लोगों को मिलेगी इससे बड़ी संतुष्टि

आवास पर हुई छापेमारी के बाद मीडिया से बात करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने बेहद कड़े शब्दों में अपना बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय एजेंसी ईडी काफी लंबे समय से मेरे घर की तलाशी लेने के बहाने ढूंढ रही थी और आज उन्होंने यह कर दिया। विजयन ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि मुझे पूरा विश्वास है कि मेरे घर पर हुई इस तलाशी से कुछ खास लोगों को, विशेष रूप से राहुल गांधी जैसे किसी व्यक्ति को मानसिक रूप से बहुत ज्यादा संतुष्टि और खुशी मिलेगी। उन्होंने साफ किया कि यह कार्रवाई पूरी तरह से राजनीति से प्रेरित है और विपक्ष की आवाज को दबाने का एक घटिया प्रयास है।

राहुल गांधी के पुराने बयानों का दिया हवाला

पिनाराई विजयन ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए राहुल गांधी के पुराने बयानों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि कुछ समय पहले खुद राहुल गांधी ने सार्वजनिक मंचों से यह सवाल उठाया था कि आखिर ईडी पिनाराई विजयन के घर पर छापा क्यों नहीं मार रही है और उन्हें अभी तक गिरफ्तार क्यों नहीं किया गया है। विजयन ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार देश में विपक्षी नेताओं को डराने और उन पर जान-बूझकर हमले करने के लिए इन एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है, जिसके खिलाफ पूरे देश में पहले भी जोरदार विरोध प्रदर्शन हुए हैं। उन्होंने कांग्रेस को घेरते हुए कहा कि कांग्रेस का रुख बेहद दोगला है; वे चाहते हैं कि उनके अपने दल के नेताओं को छोड़कर बाकी सभी विपक्षी दलों के खिलाफ ईडी की यह तानाशाही दखलंदाजी लगातार जारी रहनी चाहिए।

जांच एजेंसियों की धमकियों से नहीं डरेंगे

दबाव की राजनीति पर बरसते हुए नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि केंद्र सरकार या उनकी कठपुतली एजेंसियां यह न सोचें कि वे इस तरह की ओछी हरकतों से हमारा अंत कर पाएंगी। हम इस कार्रवाई को किसी अंत के रूप में नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत के तौर पर देखते हैं। किसी को भी यह मुगालता नहीं पालना चाहिए कि ऐसे दमनकारी कदमों से हमारा और हमारी विचारधारा का सफाया किया जा सकता है।

उन्होंने घर के बाहर जुटे समर्थकों का आभार जताते हुए कहा कि आज यहां स्थानीय लोगों और पार्टी के कर्मठ साथियों की सच्ची भावनाएं व्यक्त हुई हैं। इतिहास गवाह है कि जब भी दुश्मनों ने मुझ पर और हमारी पार्टी पर हमला करने की साजिश रची है, मुझे संगठन और जनता का सबसे मजबूत समर्थन मिला है। आज मेरे साथियों ने सड़कों पर उतरकर यह साबित कर दिया है कि उस अटूट समर्थन में रत्ती भर भी कमी नहीं आई है और यही हमारी सबसे बड़ी ताकत है।

सीएमआरएल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में हुई कार्रवाई

अगर इस पूरे मामले की कानूनी पृष्ठभूमि को देखें, तो ईडी ने यह कार्रवाई केरल की एक निजी कंपनी सीएमआरएल (कोचीन मिनरल्स एंड रूटाइल लिमिटेड) से जुड़े एक हाई-प्रोफाइल मनी लॉन्ड्रिंग मामले में की है। इस जांच के तहत ईडी की टीमों ने पिनाराई विजयन की बेटी वीणा विजयन और कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों से जुड़े कई ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की है। यह पूरा विवाद साल 2019 में पहली बार तब सामने आया था, जब आयकर विभाग (इन्कम टैक्स) ने सीएमआरएल कंपनी के ठिकानों पर छापा मारा था। उस दौरान प्राथमिक जांच में करीब 130 करोड़ रुपये के फर्जी खर्च दिखाए जाने की बात उजागर हुई थी।

सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस का बड़ा दावा

आयकर विभाग की शुरुआती रिपोर्ट के बाद इस संवेदनशील मामले की गहन जांच ‘सीरियस फ्रॉड इन्वेस्टिगेशन ऑफिस’ (एसएफआईओ) को सौंप दी गई थी। एसएफआईओ ने अपनी जांच रिपोर्ट में बेहद चौंकाने वाले दावे किए हैं। जांच एजेंसी का कहना है कि कंपनी ने पिछले 15 वर्षों के दौरान लगभग 182 करोड़ रुपये का फर्जी कैश खर्च (बोगस एक्सपेंडिचर) किताबों में दर्ज दिखाया है।

इसके अलावा, जांच में यह भी पाया गया कि कंपनी के मैनेजिंग डायरेक्टर (एमडी) एसएन ससीधरन और उनके बेटे सारन कार्ता को साल 2015-16 से लेकर 2022-23 के बीच वेतन और अन्य भत्तों के नाम पर करीब 30.63 करोड़ रुपये का भारी-भरकम भुगतान किया गया। हैरान करने वाली बात यह है कि एक तरफ अधिकारियों को करोड़ों बांटे जा रहे थे, वहीं दूसरी तरफ कंपनी ने अपने आम शेयरधारकों को कोई डिविडेंड (लाभांश) जारी नहीं किया। इसी वित्तीय अनियमितता के तार अब पूर्व मुख्यमंत्री के परिवार से जुड़ रहे हैं।

Read More:  मोमिना इकबाल विवादों में घिरीं, पाक नेता साकिब खान ने 10 करोड़ के गिफ्ट वापस मांगे