ED-Raids In Kolkata: पश्चिम बंगाल की राजधानी कोलकाता में केंद्रीय जांच एजेंसी प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बुधवार को कुख्यात माफिया और सिंडिकेट सरगना सोना पप्पू उर्फ बिस्वजीत पोद्दार के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। अवैध धन शोधन (Money Laundering) के संगीन मामले में केंद्रीय एजेंसी की टीमों ने एक साथ महानगर के 8 अलग-अलग ठिकानों पर जोरदार छापेमारी शुरू कर दी है। हालांकि, मुख्य आरोपी कानून के शिकंजे से बचने के लिए फिलहाल फरार चल रहा है और स्थानीय पुलिस उसकी सरगर्मी से तलाश कर रही है।
ईडी के जांच अधिकारी सोना पप्पू के आलीशान आवास, उसके तमाम व्यावसायिक दफ्तरों और उससे जुड़े करीबियों के ठिकानों पर सघन तलाशी ले रहे हैं। इस बड़ी जब्ती और तलाशी अभियान के दायरे में बाबू सोना उर्फ राहुल दास, सन ग्रुप और जय कामदार जैसे रसूखदार नाम और उनसे जुड़े संस्थान भी शामिल हैं।
अपराध और खौफ की दास्तान
सोना पप्पू कोलकाता के बेहद आकर्षक रियल एस्टेट और कुख्यात सिंडिकेट कारोबार का एक बेहद डरावना और जाना-माना नाम माना जाता है। पुलिस फाइलों के मुताबिक, साल 2017 में बेदियाडांगा इलाके में हुई एक जघन्य हत्या की वारदात के बाद उसका खौफनाक चेहरा पहली बार खुलकर पुलिस के सामने आया था। उस वक्त इस बेखौफ अपराधी ने एक जांच अधिकारी को खुलेआम धमकी देते हुए कहा था कि उसे पकड़ने की कोशिश न की जाए क्योंकि उसके राजनीतिक रसूख बहुत ऊपर तक हैं। पिछले एक दशक में वह संगीन जुर्मों के चलते कई बार जेल की सलाखों के पीछे जा चुका है, लेकिन हर बार शातिर कानूनी दांवपेंच और जमानत (Bail) के सहारे बाहर आ जाता था। उसके ऊपर हत्या के प्रयास, डकैती, जबरन उगाही, गैर-कानूनी हथियारों की तस्करी और आपराधिक सिंडिकेट चलाने जैसे कम से कम 15 से अधिक गंभीर आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
सियासी संरक्षण और सिंडिकेट राज
पुलिस के पुराने रिकॉर्ड बताते हैं कि बिस्वजीत पोद्दार साल 2010-11 से ही संगठित निर्माण व्यवसाय और सिंडिकेट राज से जुड़ा हुआ है। उसे शुरुआत से ही राज्य के कद्दावर सत्ताधारी राजनेताओं का खुला संरक्षण प्राप्त रहा है, जिसके दम पर उसने कानून की धज्जियां उड़ाईं। साल 2015 में उसने बालिगंज रेल यार्ड पर अपना एकाधिकार जमाने और अवैध कब्जे की कोशिश की थी, जिसके चलते कोलकाता के एक अन्य दुर्दांत अपराधी मुन्ना पांडे से उसका खूनी गैंगवार छिड़ गया था। साल 2021 में जब जेल के ठीक बाहर मुन्ना पांडे पर जानलेवा हमला हुआ, तो उसमें भी मास्टरमाइंड के तौर पर इसी सिंडिकेट किंग का नाम उछला था। उस वक्त सत्ताधारी दल के कद्दावर नेताओं के साथ सोना पप्पू की हंसती-मुस्कुराती तस्वीरें सोशल मीडिया पर खूब वायरल हुई थीं।
अवैध संपत्तियों को खंगालने में जुटी ईडी
प्रवर्तन निदेशालय की इस ताजा और कड़क दंडात्मक कार्रवाई का मुख्य उद्देश्य सिंडिकेट राज और अवैध निर्माण के जरिए कमाए गए काले धन को वैध (White Money) बनाने के वित्तीय सुरागों को ढूंढना है। ईडी के उच्च पदस्थ सूत्रों के मुताबिक, इस सघन छापेमारी के दौरान सोना पप्पू के बेनामी कंस्ट्रक्शन बिजनेस, अवैध रूप से अर्जित की गई महंगी अचल संपत्तियों और करोड़ों रुपये के संदिग्ध लेन-देन से जुड़े गुप्त दस्तावेजों की बहुत बारीकी से पड़ताल की जा रही है। इसके अलावा, पुलिस का यह भी दावा है कि पिछले रविवार को कोलकाता के कांकुलिया इलाके में भड़की भीषण हिंसा और उपद्रव का असली मास्टरमाइंड भी यही फरार अपराधी बिस्वजीत पोद्दार है।










