ED Action: पंचकूला में विदेशी मुद्रा हेरफेर का शक, रिटायर्ड बैंक अधिकारी के निवास पर प्रवर्तन निदेशालय की दबिश

हरियाणा के पंचकूला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के उल्लंघन को लेकर बड़ी कार्रवाई की है।

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अप्रैल 18, 2026

ED Action: हरियाणा के पंचकूला में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने विदेशी मुद्रा के अवैध लेन-देन और नियमों के उल्लंघन को लेकर एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। शुक्रवार सुबह ईडी की टीम ने शहर के पॉश इलाके सेक्टर-7 में स्थित एक मकान पर दबिश दी, जिससे पूरे क्षेत्र में हड़कंप मच गया। यह छापेमारी विदेशी मुद्रा प्रबंधन अधिनियम (FEMA) के तहत की गई है, जिसमें करोड़ों रुपये के संदिग्ध ट्रांजैक्शन होने का अंदेशा जताया जा रहा है।

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सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी के घर घंटों चली छानबीन

मिली जानकारी के अनुसार, ईडी की यह रेड सेक्टर-7 के मकान नंबर 134 में हुई। यह घर एक रिटायर्ड बैंक अधिकारी अनिल बहल का निवास स्थान है। छापेमारी की प्रक्रिया बेहद गोपनीय रखी गई थी और कार्रवाई के दौरान स्थानीय पुलिस बल को सुरक्षा के लिए तैनात किया गया था ताकि जांच में कोई बाधा न आए।

जांच का मुख्य केंद्र: इस पूरी छापेमारी की मुख्य कड़ी अनिल बहल का बेटा सिद्धार्थ है।

विदेश से जुड़ा मामला: सूत्रों के मुताबिक, सिद्धार्थ वर्तमान में विदेश में रह रहा है और उसके द्वारा किए जा रहे विदेशी मुद्रा के संदिग्ध लेन-देन ने ईडी का ध्यान आकर्षित किया।

डिजिटल साक्ष्यों और दस्तावेजों की गहन जांच

ईडी के अधिकारियों ने घर में मौजूद सभी सदस्यों से पूछताछ की और घंटों तक अलमारियों, फाइलों और कंप्यूटरों को खंगाला। जांच टीम का मुख्य फोकस निम्नलिखित बिंदुओं पर रहा:

बैंक खातों का मिलान: सिद्धार्थ के बैंक खातों और विदेश से होने वाली फंडिंग के स्रोतों की जांच की गई।

डिजिटल रिकॉर्ड्स: लैपटॉप, मोबाइल फोन और हार्ड ड्राइव को जब्त कर लिया गया है ताकि डिलीट किए गए डेटा और विदेशी चैट्स का विश्लेषण किया जा सके।

संपत्ति के कागजात: टीम यह भी जांच रही है कि क्या विदेशी मुद्रा का इस्तेमाल स्थानीय संपत्तियों को खरीदने या अवैध निवेश में किया गया है।

क्या होगा अगला कदम? बड़े खुलासे की उम्मीद

सूत्रों का दावा है कि छापेमारी के दौरान ईडी को कुछ ऐसे अहम दस्तावेज और डायरियाँ मिली हैं, जो इस विदेशी मुद्रा घोटाले की परतों को खोल सकती हैं। मामला चूंकि सीधे तौर पर विदेशी मुद्रा के हेरफेर से जुड़ा है, इसलिए जांच का दायरा सिद्धार्थ के विदेशी संपर्कों और उनके बिजनेस मॉडल तक फैल सकता है।

फिलहाल, ईडी ने इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रेस रिलीज जारी नहीं की है। हालांकि, माना जा रहा है कि दस्तावेजों की स्क्रूटनी के बाद अनिल बहल या उनके परिवार के अन्य सदस्यों को पूछताछ के लिए मुख्यालय बुलाया जा सकता है।

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