Durga Visarjan 2026: रवि योग में होगी मां दुर्गा की विदाई, जानें 2 घंटे 16 मिनट का मुहूर्त

दुर्गा पूजा के चार दिनों के बाद दशमी तिथि पर मां दुर्गा की विदाई होती है। इस साल दुर्गा विसर्जन के लिए 2 घंटे 16 मिनट का शुभ मुहूर्त है। जानें विसर्जन का सही समय और शुभ योग।

Durga Visarjan 2026

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अक्टूबर 15, 2026

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Durga Visarjan 2026: सनातन धर्म में शारदीय नवरात्रि का पर्व अत्यंत उत्साह और श्रद्धा के साथ मनाया जाता है। आश्विन मास के शुक्ल पक्ष की षष्ठी तिथि (महाषष्ठी) से मां दुर्गा की भव्य पूजा-अर्चना का जो सिलसिला शुरू होता है, वह विजयादशमी के दिन मां को विदाई देने के साथ संपन्न होता है। इन तीन-चार दिनों तक मां दुर्गा पंडालों और घरों में विराजमान रहकर अपने भक्तों को आशीर्वाद देती हैं।

दशमी तिथि के दिन भक्तजन अपनी श्रद्धा के अनुसार स्थापित मूर्तियों को किसी पवित्र नदी, तालाब या बहते जल स्रोत में विधि-विधान के साथ विसर्जित करते हैं। इस बार दुर्गा विसर्जन 2026 को लेकर एक बेहद खास और दुर्लभ संयोग बन रहा है, क्योंकि इस बार विसर्जन के दिन पूरा दिन रवि योग का प्रभाव रहेगा और पूजा के लिए एक निश्चित शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहा है।

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दुर्गा विसर्जन की सही तारीख

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रवि योग में होगी मां दुर्गा की विदाई

वैदिक पंचांग और ज्योतिषीय गणना के अनुसार, आश्विन शुक्ल दशमी तिथि का आरंभ 20 अक्टूबर 2026 को दोपहर 12:50 बजे से होगा और इसका समापन 21 अक्टूबर को दोपहर 2:11 बजे होगा।

शास्त्रों और उदयातिथि के नियमों के अनुसार, विजयादशमी और दुर्गा विसर्जन का निर्णय नक्षत्रों की स्थिति के आधार पर भी तय किया जाता है। नियम यह है कि यदि दशमी तिथि में श्रवण नक्षत्र का योग हो, तो उसी दिन विजयादशमी मनाई जाती है। इस गणना के मुताबिक, श्रवण नक्षत्र 19 अक्टूबर को दोपहर 3:38 बजे से शुरू होकर 20 अक्टूबर की शाम 6:02 बजे तक रहेगा। चूँकि श्रवण नक्षत्र दशमी तिथि में 20 अक्टूबर को प्राप्त हो रहा है, इसलिए विजयादशमी और दुर्गा विसर्जन 20 अक्टूबर 2026, मंगलवार को ही किया जाएगा।

दुर्गा विसर्जन का शुभ मुहूर्त और विशेष समय

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रवि योग में होगी मां दुर्गा की विदाई

जो श्रद्धालु और समितियां मां दुर्गा की मूर्तियों का विसर्जन करना चाहते हैं, उनके लिए 20 अक्टूबर को दोपहर का समय सबसे उत्तम रहेगा। पंचांग के अनुसार, दुर्गा विसर्जन के लिए कुल 2 घंटे 16 मिनट की अवधि का शुभ मुहूर्त प्राप्त हो रहा है। 20 अक्टूबर को दोपहर 1:14 बजे से शुरू होकर दोपहर 3:30 बजे तक रहेगा। इस समयावधि में मूर्ति विसर्जन करना अत्यंत फलदायी माना गया है। इस दिन दोपहर 11:43 बजे से दोपहर 12:28 बजे तक अभिजीत मुहूर्त रहेगा, जो किसी भी शुभ कार्य के लिए श्रेष्ठ माना जाता है। प्रातःकाल स्नान और पूजा के लिए ब्रह्म मुहूर्त सुबह 04:44 बजे से 05:34 बजे तक रहेगा।

दुर्लभ ‘रवि योग’ और विसर्जन की परंपरा

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रवि योग में होगी मां दुर्गा की विदाई

इस वर्ष की एक सबसे बड़ी विशेषता यह है कि मां दुर्गा की स्थापना से लेकर उनकी विदाई तक, पूरे समय रवि योग का अद्भुत संयोग बना रहेगा। ज्योतिष शास्त्र में रवि योग को सभी प्रकार के दोषों को दूर करने वाला और कार्यों में सफलता दिलाने वाला एक अत्यंत शुभ योग माना जाता है।

विसर्जन के दिन भक्तजन ढोल-नगाड़ों और शंख-घंटियों की गूंज के साथ मां दुर्गा की मूर्तियों को जल स्रोतों तक ले जाते हैं। वहां माता की अंतिम पूजा की जाती है, पूजा के दौरान हुई किसी भी भूल-चूक के लिए क्षमा मांगी जाती है, और अंत में अश्रुपूर्ण नेत्रों से “अगले बरस तू जल्दी आ” की प्रार्थना के साथ माता को विदाई दी जाती है।

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