US Hotel Shooting : ट्रंप पर फिर चली गोली, जानिए अमेरिकी राष्ट्रपतियों पर हमलों का इतिहास

वॉशिंगटन के हिल्टन होटल में डिनर के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भीषण गोलीबारी हुई। हमलावर कोल थॉमस एलन ने सुरक्षा घेरा तोड़कर ट्रंप को निशाना बनाया। सीक्रेट सर्विस ने उन्हें बचा तो लिया, लेकिन इस घटना ने लिंकन और कैनेडी जैसे राष्ट्रपतियों पर हुए पुराने खूनी हमलों की यादें ताजा कर दी हैं।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 26, 2026

US Hotel Shooting :  अमेरिका की राजधानी वाशिंगटन के प्रतिष्ठित हिल्टन होटल में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब ‘व्हाइट हाउस संवाददाता डिनर’ के दौरान अचानक गोलियों की तड़तड़ाहट सुनाई दी। इस हाई-प्रोफाइल कार्यक्रम में राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद थे। हमले के तुरंत बाद होटल में अफरा-तफरी मच गई और मेहमान अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। हालांकि, अमेरिकी सीक्रेट सर्विस के जवानों ने अदम्य साहस और मुस्तैदी का परिचय देते हुए राष्ट्रपति ट्रंप को सुरक्षित घेरे में ले लिया और उन्हें मौके से सुरक्षित बाहर निकाला। अधिकारियों ने पुष्टि की है कि इस हमले में ट्रंप को किसी भी प्रकार की चोट नहीं आई है, लेकिन इस घटना ने अमेरिकी सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

पेंसिलवेनिया की रैली से वाशिंगटन तक: ट्रंप पर दूसरी बार जानलेवा कोशिश

डोनाल्ड ट्रंप के लिए यह कोई पहला अनुभव नहीं था; इससे पहले 14 जुलाई को पेंसिलवेनिया के बटलर में एक चुनावी जनसभा के दौरान उन पर आत्मघाती हमला हुआ था। उस समय एक शूटर ने पास की एक ऊंची इमारत से सटीक निशाना साधते हुए गोली चलाई थी, जो ट्रंप के दाहिने कान को चीरती हुई निकल गई थी। उस घटना ने पूरी दुनिया को हिला दिया था, जिसमें एक नागरिक की मृत्यु हुई थी और दो अन्य गंभीर रूप से घायल हुए थे। उस हमले के बाद भी सीक्रेट सर्विस ने हमलावर थॉमस मैथ्यू को मौके पर ही ढेर कर दिया था। वाशिंगटन की यह ताज़ा घटना दर्शाती है कि ट्रंप की सुरक्षा के लिए खतरा लगातार बढ़ता जा रहा है।

एंड्रयू जैक्सन से शुरू हुआ हमलों का सिलसिला: मिसफायर ने बचाई थी जान

अमेरिकी इतिहास में राष्ट्रपतियों पर हमले की कहानी बहुत पुरानी है। इसकी शुरुआत साल 1835 में हुई थी, जब तत्कालीन राष्ट्रपति एंड्रयू जैक्सन पर एक अंतिम संस्कार के दौरान हमला किया गया। एक हमलावर ने जैक्सन के बेहद करीब जाकर दो बार ट्रिगर दबाया, लेकिन किस्मत उनके साथ थी। हवा में अत्यधिक नमी होने के कारण पिस्तौल दोनों बार मिसफायर हो गई और जैक्सन सुरक्षित बच गए। यह अमेरिका के इतिहास में किसी राष्ट्रपति की हत्या के प्रयास का पहला दर्ज मामला था, जिसने भविष्य के लिए सुरक्षा प्रोटोकॉल की आवश्यकता को जन्म दिया।

अब्राहम लिंकन और जेम्स गारफील्ड: जब गोलियों ने ली राष्ट्रपतियों की जान

अमेरिका ने अपने कई दिग्गज नेताओं को इन खूनी संघर्षों में खोया है। साल 1865 में अब्राहम लिंकन की हत्या वाशिंगटन के फोर्ड थिएटर में कर दी गई थी, जब जॉन विल्क्स बूथ ने उनके सिर में पीछे से गोली मारी थी। इसके ठीक कुछ साल बाद, 1881 में राष्ट्रपति जेम्स गारफील्ड को एक रेलवे स्टेशन पर चार्ल्स गुइटो नामक व्यक्ति ने निशाना बनाया। गारफील्ड तुरंत नहीं मरे, लेकिन महीनों तक घावों से जूझने के बाद उन्होंने दम तोड़ दिया। इन दोनों घटनाओं ने अमेरिकी लोकतंत्र को गहरे जख्म दिए और सुरक्षा घेरे को और अधिक कड़ा करने पर मजबूर किया।

कैनेडी की हत्या और रीगन पर हमला: स्नाइपर और ग्रेनेड का खौफ

इतिहास के पन्नों में सबसे चर्चित हत्या साल 1963 में जॉन एफ. कैनेडी की थी, जिन्हें डलास में एक खुली कार में रैली के दौरान स्नाइपर से निशाना बनाया गया था। इसके बाद 1981 में रोनाल्ड रीगन पर भी वाशिंगटन हिल्टन के बाहर ही गोलियां चली थीं, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हुए थे लेकिन चमत्कारिक रूप से बच गए। आधुनिक दौर में भी यह सिलसिला थमा नहीं; साल 2005 में जॉर्ज डब्ल्यू बुश पर जॉर्जिया में एक भाषण के दौरान लाइव ग्रेनेड फेंका गया था, जो संयोगवश फटा नहीं। ये घटनाएं साबित करती हैं कि अमेरिकी राष्ट्रपतियों का पद जितना शक्तिशाली है, उतना ही जोखिम भरा भी रहा है।

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