Divya Mishra Death: मानस की कॉल डिटेल ने खोला बड़ा राज, पुलिस के रडार पर कई लोग

लखनऊ के दिव्या मिश्रा हत्याकांड की जांच में नया मोड़ सामने आया है। मानस वाजपेयी की कॉल डिटेल से कई संदिग्ध संपर्कों का पता चला है। पुलिस को शक है कि दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी किसी तीसरे व्यक्ति ने मानस को दी थी। साथ ही पिस्टल उपलब्ध कराने वाले की तलाश भी तेज कर दी गई है।

Divya Mishra Death

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 24, 2026

Divya Mishra Death: लखनऊ में ICICI बैंक की अधिकारी दिव्या मिश्रा और उनके बहनोई मानस वाजपेयी की मौत के मामले की जांच अब एक नए मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। पुलिस को मानस की कॉल डिटेल से कई अहम सुराग मिले हैं। जांच में आशंका जताई जा रही है कि दिव्या की हत्या को अंजाम देने में मानस अकेला नहीं था और किसी व्यक्ति ने उसे दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी दी थी।

मानस की कॉल डिटेल से बढ़ा साजिश का शक

बताते चले कि, पुलिस की जांच में सामने आया है कि वारदात से करीब 24 घंटे पहले मानस ने 20 से ज्यादा लोगों से फोन पर बातचीत की थी। इनमें उसके परिचितों के साथ-साथ कामकाज से जुड़े लोग भी शामिल हैं। पुलिस अब इन सभी संपर्कों की पड़ताल कर रही है। कुछ नंबर ऐसे भी मिले हैं, जिन्हें जांच टीम संदिग्ध मान रही है।

दिव्या के बैंक पहुंचते ही मानस कैसे पहुंचा?

जांच का सबसे अहम सवाल यही है कि दिव्या के बैंक पहुंचने की जानकारी मानस को किसने दी? पुलिस के मुताबिक, 20 अगस्त को दोपहर करीब 12:19 बजे दिव्या मिठाई वाला चौराहे के पास स्थित ICICI बैंक के गेट पर पहुंची। इसी दौरान मानस को उनके बैंक पहुंचने की जानकारी मिलने की आशंका है। इसके तुरंत बाद वह ऑटो से बैंक पहुंच गया।

दिव्या जैसे ही बैंक के अंदर जाने लगीं, मानस ने कथित तौर पर पीछे से उन्हें पकड़ लिया। आरोप है कि पहले उनके साथ मारपीट की गई और फिर पिस्टल की बट से उनके सिर पर हमला किया गया। इसके बाद बेहद करीब से गोली मार दी गई।

प्रज्ञा मिश्रा के सवालों से जुड़ती दिख रही जांच

घटना के बाद यूट्यूबर प्रज्ञा मिश्रा ने भी मानस की भूमिका को लेकर कई सवाल उठाए थे। उन्होंने सवाल किया था कि अगर मानस को कार चलाना नहीं आता था, तो दिनदहाड़े वारदात के बाद वह इतनी तेजी से वहां से कैसे निकल गया? वह ऑटो से अपने घर तक कैसे पहुंचा और पूरी घटना को इतनी तेजी से कैसे अंजाम दिया गया?

क्या मानस को किसी बाहरी व्यक्ति से मिली थी मदद?

प्रज्ञा मिश्रा ने आशंका जताई थी कि मानस को किसी अन्य व्यक्ति की मदद मिल सकती है। अब कॉल डिटेल में सामने आए संपर्कों के बाद पुलिस भी इस एंगल को गंभीरता से जांच रही है। हालांकि, अभी तक पुलिस ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि वह संदिग्ध व्यक्ति कौन है और उसकी भूमिका केवल सूचना देने तक थी या वह पूरी साजिश में शामिल था।

मानस के बैंक में पूछताछ से खुल सकते हैं कई राज

पुलिस अब मानस के कार्यस्थल पर भी जांच करने की तैयारी में है। जानकीपुरम स्थित बैंक में उसके सहकर्मियों और अधिकारियों से पूछताछ की जाएगी। जांच टीम यह पता लगाने की कोशिश करेगी कि वारदात से दो से चार दिन पहले मानस का व्यवहार कैसा था, वह किन लोगों के संपर्क में था और उससे मिलने कौन-कौन लोग बैंक आते थे।

मानस की कॉल डिटेल में मिले सामान्य और संदिग्ध नंबरों को अलग-अलग खंगाला जा रहा है। संदिग्ध नंबरों से जुड़े लोगों से पूछताछ कर पुलिस यह समझने की कोशिश करेगी कि घटना से पहले किसी तरह की योजना या बातचीत हुई थी या नहीं।

दिव्या मिश्रा हत्याकांड में पिस्टल की कड़ी भी अहम

जांच का दूसरा बड़ा सिरा उस पिस्टल से जुड़ा है, जिससे दिव्या और बाद में मानस की मौत हुई। पुलिस को आशंका है कि हथियार मानस को किसी दूसरे व्यक्ति ने उपलब्ध कराया था। गोमतीनगर पुलिस ने हथियार मुहैया कराने वाले संभावित लोगों को भी जांच के दायरे में लिया है।

हथियार किसने दिया, पुलिस तलाश में जुटी

पुलिस की चार टीमें हथियार की सप्लाई से जुड़े लोगों की तलाश में पड़ोसी जिलों के साथ दूसरे राज्यों में भी दबिश दे रही हैं। जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि मानस तक पिस्टल कब और कैसे पहुंची। अगर हथियार उपलब्ध कराने वाले व्यक्ति तक पुलिस पहुंचती है, तो वारदात की तैयारी और उसके पीछे मौजूद लोगों को लेकर बड़ा खुलासा हो सकता है।

20 अगस्त को 12:19 बजे बैंक के बाहर क्या हुआ?

पुलिस की जांच के मुताबिक, घटना वाले दिन दिव्या सुबह बैंक पहुंची थीं और बाद में एक सहकर्मी के साथ विजिट पर बाहर गई थीं। दोपहर करीब 12:19 बजे वह बैंक के गेट पर वापस लौटीं। इसी समय उनके बैंक पहुंचने की जानकारी मानस तक पहुंचने की आशंका जताई जा रही है।

इसके बाद मानस ऑटो से बैंक पहुंचा और कथित तौर पर दिव्या पर हमला कर दिया। वारदात के बाद वह अपने घर पहुंचा, जहां उसने अपनी बहन की हत्या कर दी और फिर खुद को भी गोली मार ली।

अब पुलिस के सामने सबसे बड़ा सवाल यही है कि दिव्या की लोकेशन मानस तक किसने पहुंचाई, पिस्टल किसने उपलब्ध कराई और क्या इस पूरे घटनाक्रम के पीछे कोई तीसरा व्यक्ति भी था? कॉल डिटेल, बैंक में पूछताछ और हथियार की कड़ी—इन तीनों को जोड़कर पुलिस मामले की पूरी तस्वीर सामने लाने की कोशिश कर रही है।