डिजिटल जस्टिस मॉडल लागू, कोर्ट के आदेश के तुरंत बाद मिलेगी रिहाई

जबलपुर. प्रदेश में यह व्यवस्था यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत लागू की गई है। दावा किया जा रहा है कि कोर्ट से जमानत आदेश जारी होने के बाद 10 मिनट में रिहाई मिल सकेंगी। साथ ही, फैसले या आदेश की प्रमाणित कॉपी फीस जमा करने पर 1 मिनट में वॉट्सएप पर मिल जाएगी। मध्य प्रदेश की अदालतों की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत 24 घंटे कोर्ट केस की जानकारी मिल पाएगी। दस्तावेजों के लिए कभी भी किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। प्रदेश में यह व्यवस्था यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत लागू

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Published On :

मई 17, 2026

जबलपुर.

प्रदेश में यह व्यवस्था यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत लागू की गई है। दावा किया जा रहा है कि कोर्ट से जमानत आदेश जारी होने के बाद 10 मिनट में रिहाई मिल सकेंगी। साथ ही, फैसले या आदेश की प्रमाणित कॉपी फीस जमा करने पर 1 मिनट में वॉट्सएप पर मिल जाएगी।

मध्य प्रदेश की अदालतों की व्यवस्था में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके तहत 24 घंटे कोर्ट केस की जानकारी मिल पाएगी। दस्तावेजों के लिए कभी भी किसी भी समय ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
प्रदेश में यह व्यवस्था यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के तहत लागू की गई है। जिसका जबलपुर हाईकोर्ट में मुख्य न्यायाधीश जस्टिस सूर्यकांत ने शुभारंभ किया। नई व्यवस्था में यह भी दावा किया जा रहा है कि कोर्ट से जमानत आदेश जारी होने के बाद 10 मिनट में रिहाई मिल सकेंगी। साथ ही, फैसले या आदेश की प्रमाणित कॉपी फीस जमा करने पर 1 मिनट में वॉट्सएप पर मिल जाएगी।

डिजिटल सिस्टम पर अपलोड होगी फॉरेंसिक-मेडिकल रिपोर्ट
यूनिफाइड डिजिटल जस्टिस मॉडल के जरिए एआई आधारित सिस्टम बड़े केसों की समरी खुद तैयार करेगा। इससे जजों व वकीलों को लंबी फाइलें पढ़ने में कम समय लगेगा और सुनवाई तेज हो सकेंगी। डिजिटल सिस्टम पर फॉरेंसिक और मेडिकल रिपोर्ट अपलोड होगी। इससे रिकॉर्ड बदलने या गायब होने की संभावना कम होगी।

फाइल अटकने, दस्तावेज गुम, देरी की समस्या कम होगी
पुलिस, अदालत और जेल के सिस्टम आपस में जुड़ने से फाइल अटकने, दस्तावेज गुम होने व देरी की समस्या कम हो जाएगी। नई व्यवस्था के तहत हर आरोपी की एक यूनिक डिजिटल पहचान होगी। इससे अपराधियों की ट्रैकिंग में आसानी हो जाएगी।

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