महिला किसानों को ‘डिजिटल दीदी’ दे रही खेती का ज्ञान

भागलपुर. खूबसूरत चेहरे की आभा, बोलने की दिलकश अदाएं और कर्णप्रिय मधुर आवाज, मानो कोई सजग ग्रामीण महिला किसान अपने ही आंगन से खेती का गुर सिखा रही हो। शब्दों की लय ऐसी कि सीधे दिल में उतर जाए और सलाह ऐसी कि खेतों में हरियाली ला दे। दरअसल, यह किसी वास्तविक महिला का प्रसारण नहीं, बल्कि एआई तकनीक का कमाल है। जिसके जरिये बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर किसानों तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है। जी हां, विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए डिजिटल बोर्ड पर लगातार मौसम आधारित कृषि सलाह सरल और स्थानीय भाषा में प्रदर्शित की जा रही है।

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Published On :

फ़रवरी 24, 2026

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भागलपुर.

खूबसूरत चेहरे की आभा, बोलने की दिलकश अदाएं और कर्णप्रिय मधुर आवाज, मानो कोई सजग ग्रामीण महिला किसान अपने ही आंगन से खेती का गुर सिखा रही हो। शब्दों की लय ऐसी कि सीधे दिल में उतर जाए और सलाह ऐसी कि खेतों में हरियाली ला दे। दरअसल, यह किसी वास्तविक महिला का प्रसारण नहीं, बल्कि एआई तकनीक का कमाल है। जिसके जरिये बिहार कृषि विश्वविद्यालय, सबौर किसानों तक अपनी पहुंच बढ़ा रही है।

जी हां, विश्वविद्यालय परिसर में लगाए गए डिजिटल बोर्ड पर लगातार मौसम आधारित कृषि सलाह सरल और स्थानीय भाषा में प्रदर्शित की जा रही है। त्वरित मौसम के अनुसार प्रसारित यह संदेश बुवाई, सिंचाई, उर्वरक प्रबंधन, कीट नियंत्रण और फसल सुरक्षा जैसे विषयों पर व्यावहारिक सुझाव देता है। केवल दृश्य माध्यम ही नहीं, विश्वविद्यालय के सामुदायिक रेडियो के जरिए भी एआई तकनीक से तैयार महिला आवाज में कार्यक्रम प्रसारित हो रहा है। मधुर, आत्मीय और भरोसा जगाने वाले स्वर में दी जा रही सलाह ग्रामीण श्रोताओं को खूब भा रहा है।

विशेष रूप से महिला किसानों में इसका सकारात्मक प्रभाव देखा जा रहा है, क्योंकि संदेश सरल भाषा और सहज लहजे में प्रस्तुत किया जाता है। इस तकनीक पर कार्य कर रहे ईश्वर चंद्रा बताते हैं कि एआई लगातार अपडेट हो रहा है। भविष्य में इसे और विकसित कर किसानों की स्थानीय बोलियों में भी सलाह उपलब्ध कराने की योजना है। मोबाइल आधारित वीडियो परामर्श प्रणाली पर भी काम चल रहा है, जिससे किसान सीधे अपने खेत से ही मार्गदर्शन प्राप्त कर सकेंगे।

कृषि विज्ञानियों का मानना है कि समय पर सटीक जानकारी मिलने से फसल हानि में कमी आएगी और उत्पादन लागत घटेगी। मौसम पूर्वानुमान, रोग पहचान और बाजार भाव की सूचना को एआई प्लेटफॉर्म से जोड़ने की दिशा में भी तैयारी जारी है।

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