Bageshwar Sarkar: धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री का बड़ा आह्वान, बोले- ‘चार बच्चे पैदा करें, एक को संघ को सौंपें’

नागपुर में दुर्गा मंदिर भूमिपूजन के दौरान बागेश्वर धाम के धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने एक बड़ा बयान देते हुए कहा कि हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से एक को संघ का स्वयंसेवक बनाना चाहिए। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज का उदाहरण देते हुए राष्ट्र सेवा और सनातन धर्म की रक्षा पर जोर दिया।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 25, 2026

Bageshwar Sarkar: बागेश्वर धाम के पीठाधीश्वर धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री अक्सर अपने बयानों को लेकर चर्चा में रहते हैं। हाल ही में महाराष्ट्र के नागपुर में आयोजित एक भव्य धार्मिक समागम के दौरान उन्होंने एक बार फिर अपनी बेबाक शैली में सनातन धर्म और राष्ट्रवाद पर जोर दिया। दुर्गा मंदिर के भूमिपूजन समारोह में शामिल होने पहुंचे शास्त्री ने हिंदू परिवारों से अपील की कि वे देश और धर्म की रक्षा के लिए अपनी संतति को समर्पित करें।

सनातन संस्कृति का उत्थान और दुर्गा मंदिर भूमिपूजन अनुष्ठान

बताते चले कि, धीरेंद्र शास्त्री ने अपने संबोधन की शुरुआत भारत की आध्यात्मिक चेतना और हिंदू धर्म की बढ़ती प्रतिष्ठा पर चर्चा करते हुए की। उन्होंने हर्ष व्यक्त किया कि वर्तमान समय में भारत की गौरवशाली परंपरा और सांस्कृतिक विरासत वैश्विक पटल पर मजबूती से उभर रही है। इस अवसर पर आयोजित देवी दुर्गा के मंदिर का शिलान्यास करते हुए उन्होंने कहा कि यह मात्र एक निर्माण कार्य नहीं है, बल्कि भारत की अनंत आध्यात्मिक शक्ति का पुनर्जागरण है। उनके अनुसार, मंदिर समाज के लिए प्रेरणा के केंद्र और शक्ति के पुंज होते हैं।

छत्रपति शिवाजी महाराज और समर्थ रामदास के ऐतिहासिक प्रसंग का स्मरण

अपने व्याख्यान में शास्त्री ने राष्ट्र सेवा के महत्व को समझाने के लिए इतिहास के पन्नों को पलटा। उन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज और गुरु समर्थ रामदास के बीच के पवित्र संबंध का उदाहरण देते हुए कहा कि जब शिवाजी महाराज निरंतर युद्धों से थक गए थे और वैराग्य धारण करना चाहते थे, तब उनके गुरु ने उन्हें कर्तव्य का बोध कराया। उन्होंने बताया कि किस तरह गुरु रामदास ने उन्हें राष्ट्र संचालन की जिम्मेदारी सौंपी और सिखाया कि धर्म की रक्षा के लिए सेवा ही सबसे बड़ा तप है।

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की राष्ट्रव्यापी भूमिका और समाज सेवा

इस धार्मिक मंच से धीरेंद्र शास्त्री ने आरएसएस (RSS) के स्वयंसेवकों के समर्पण की जमकर प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि संघ के विचारकों और कार्यकर्ताओं ने अपना पूरा जीवन भारत को विश्व गुरु बनाने के संकल्प में होम कर दिया है। शास्त्री ने रेखांकित किया कि चाहे कोई प्राकृतिक आपदा हो या सामाजिक संकट, संघ के कार्यकर्ता बिना किसी भेदभाव के मानवता की सेवा के लिए सबसे आगे खड़े मिलते हैं। उन्होंने संघ को देश की आंतरिक एकता का एक मजबूत स्तंभ बताया।

भारत माता की जय और ईश्वरीय शक्ति के प्रति अटूट आस्था

धीरेंद्र शास्त्री ने गर्व के साथ कहा कि पूरी दुनिया में भारत ही एकमात्र ऐसा देश है जहाँ ‘भारत माता की जय’ का उद्घोष पूरी श्रद्धा और वीरता के साथ किया जाता है। उन्होंने जनसमूह को प्रेरित करते हुए कहा कि भारत पर साक्षात दुर्गा माता और भारत माता की असीम कृपा है। उनके अनुसार, यह देश मानवीय प्रयासों के साथ-साथ देवशक्तियों की प्रेरणा और आशीर्वाद से निरंतर विकास पथ पर अग्रसर है।

चार बच्चों के जन्म और राष्ट्र को समर्पण का विवादास्पद आह्वान

कार्यक्रम के अंत में उन्होंने अपने सबसे चर्चित बयान को दोहराते हुए कहा कि हिंदुओं को चार बच्चे पैदा करने चाहिए और उनमें से कम से कम एक को ‘संघ का स्वयंसेवक’ बनाना चाहिए ताकि वह राष्ट्र की सेवा कर सके। उन्होंने परिवार और समाज के बीच संतुलन साधते हुए बच्चों को संस्कारवान बनाने और उन्हें देश के प्रति समर्पित करने पर विशेष बल दिया।