Dharmendra Pradhan: धर्मेंद्र प्रधान ने चुप्पी तोड़ी, इस्तीफे से लेकर Gen-Z तक हर सवाल का दिया जवाब

पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने NEET विवाद और अपने इस्तीफे पर चुप्पी तोड़ते हुए कहा है कि प्रदर्शन के दौरान कुछ लोगों ने Gen-Z (युवाओं) को जानबूझकर गुमराह करने की कोशिश की थी।

Dharmendra Pradhan

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अगस्त 9, 2026

Dharmendra Pradhan: पूर्व केंद्रीय शिक्षा मंत्री और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता धर्मेंद्र ने हाल ही में अपने इस्तीफे, NEET पेपर लीक विवाद और देश की युवा पीढ़ी यानी Gen Z को लेकर पहली बार खुलकर अपने विचार रखे हैं। शिक्षा मंत्री पद से हटने के ठीक दो सप्ताह बाद भुवनेश्वर में दिए गए उनके इस बयान ने राजनीतिक गलियारों में एक बार फिर हलचल मचा दी है। आइए जानते हैं इस पूरे घटनाक्रम और उनके बयानों के मुख्य बिंदुओं के बारे में विस्तार से।

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NEET विवाद और इस्तीफे के दो सप्ताह बाद सामने आया बयान

धर्मेंद्र प्रधान ने शनिवार को भुवनेश्वर स्थित जीएम यूनिवर्सिटी (GM University) में छात्रों और शिक्षकों को संबोधित करते हुए यह महत्वपूर्ण बातें कहीं। गौरतलब है कि देश भर में बहुचर्चित NEET पेपर लीक विवाद और उसके बाद दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए उग्र छात्र प्रदर्शनों के बीच उन्होंने गत 25 जुलाई को केंद्रीय शिक्षा मंत्री के पद से इस्तीफा दे दिया था। पद छोड़ने के दो सप्ताह बाद उनका यह बयान इस पूरे प्रकरण पर उनकी पहली आधिकारिक और खुलकर आई प्रतिक्रिया है।

“Gen Z को गुमराह करने की कोशिश की गई”

संबोधन के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने देश की युवा पीढ़ी, जिसे आमतौर पर ‘Gen Z’ कहा जाता है, को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि:

युवाओं से कोई व्यक्तिगत विवाद नहीं: Gen Z देश के ही बच्चे हैं और उनके साथ सरकार या उनके स्तर पर किसी भी प्रकार की व्यक्तिगत समस्या नहीं थी।

बढ़ती आबादी और आकांक्षाएं: भारत में हर साल लगभग दो करोड़ बच्चे जन्म लेते हैं और पिछले 10 वर्षों में लगभग 20 करोड़ बच्चे जन्मे हैं। आज के इन युवाओं की अपनी बड़ी आकांक्षाएं और सपने हैं।

राष्ट्र निर्माण में भूमिका: उन्होंने विश्वास जताया कि यही युवा पीढ़ी आने वाले समय में भारत को ‘विश्व गुरु’ बनाने में अपनी सबसे अहम भूमिका निभाएगी।

गुमराह करने का आरोप: प्रधान ने दावा किया कि NEET प्रदर्शनों के दौरान कुछ खास तत्वों द्वारा Gen Z को जानबूझकर गुमराह करने और भड़काने का प्रयास किया गया था।

इसके साथ ही, उन्होंने यह भी साफ किया कि मंत्री पद उनके लिए कभी भी सर्वोपरि नहीं था। स्थिति को देखते हुए उन्होंने खुद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामने अपनी मंत्रिपरिषद से इस्तीफा देने की पेशकश की थी।

ओडिशा के पूर्व सीएम नवीन पटनायक पर तीखा हमला

भुवनेश्वर के अलावा रायराखोल में आयोजित एक अन्य कार्यक्रम के दौरान धर्मेंद्र प्रधान ने ओडिशा के पूर्व मुख्यमंत्री और बीजू जनता दल (BJD) के अध्यक्ष नवीन पटनायक पर भी जमकर निशाना साधा। हाल ही में हवाई अड्डे के पास बीजेडी के युवा और छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने उनके खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया था और “धर्मेंद्र प्रधान गो बैक” (वापस जाओ) के नारे लगाए थे।

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किसानों के बेटे का संकल्प: उन्होंने कहा कि वह एक किसान के बेटे हैं और यदि विरोधी उन्हें वापस जाने के लिए कहेंगे, तब भी वह बार-बार ओडिशा के लोगों के बीच वापस आएंगे। उन्होंने सवाल किया कि क्या उन्होंने ओडिशा के लोगों को कभी शर्मिंदा करने वाला कोई काम किया है?

युवाओं के इस्तेमाल का आरोप: प्रधान ने नवीन पटनायक पर आरोप लगाया कि बीजद अध्यक्ष राजनीतिक स्वार्थ के लिए मासूम युवाओं को उनके खिलाफ प्रदर्शन करने के वास्ते आगे कर रहे हैं। उन्होंने यह भी जिक्र किया कि नवीन पटनायक अक्सर उन्हें ओडिशा के लिए शर्मिंदगी और एक ‘बुरा व्यक्ति’ के रूप में चित्रित करने का प्रयास करते हैं, जिसका वे डटकर मुकाबला करेंगे।

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