Health Tips: भारतीय रीति रिवाजों में खाने पीने को भी एक अहम हिस्सा माना जाता है। ऐसे में पान को खाने के बाद खाने की परंपरा भी पुरानी है। कई लोग इसे स्वाद के लिए खाते हैं, जबकि कुछ लोगं के लिए पान रोजमर्रा की आदत का हिस्सा बन चुका है। हालांकि, पान में इस्तेमाल होने वाली सामग्री के आधार पर इसके स्वास्थ्य प्रभाव अलग हो सकते हैं। खासतौर पर तंबाकू, जर्दा और सुपारी वाला पान सेहत के लिए गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है।
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तंबाकू मिले पान से रहें दूर
आपको बता दें कि, पान में अगर तंबाकू, जर्दा या किसी अन्य तरह का धुआं रहित तंबाकू मिलाया गया है तो इसका सेवन करने से बचना चाहिए। तंबाकू का कोई भी रूप स्वास्थ्य के लिए सुरक्षित नहीं माना जाता। इसके सेवन से मुंह और गले समेत शरीर के कई हिस्सों में कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। तंबाकू में निकोटीन मौजूद होता है, जिसकी वजह से इसकी आदत लग सकती है। लंबे समय तक इस्तेमाल करने वाले लोगों के लिए इसे छोड़ना भी मुश्किल हो सकता है। इसलिए जो लोग पहले से किसी रूप में तंबाकू का सेवन करते हैं, उन्हें पान में तंबाकू या जर्दा मिलाकर खाने से विशेष रूप से बचना चाहिए।
सिर्फ तंबाकू हटाने से पान सुरक्षित नहीं

अक्सर लोगों को लगता है कि पान में तंबाकू न डालने पर वह पूरी तरह सुरक्षित हो जाता है। लेकिन ऐसा मानना सही नहीं है। सुपारी भी स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकती है। अंतरराष्ट्रीय एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर (IARC) ने सुपारी को कैंसरकारी पदार्थ के रूप में वर्गीकृत किया है।
सुपारी चबाने की आदत मुंह के अंदर होने वाले बदलावों से जुड़ी हो सकती है। इनमें ओरल सबम्यूकस फाइब्रोसिस जैसी स्थिति शामिल है। यह समस्या मुंह के अंदर के ऊतकों को प्रभावित कर सकती है और आगे चलकर मुंह के कैंसर के जोखिम से जुड़ी मानी जाती है। इसलिए केवल तंबाकू हटाकर सुपारी वाला पान खाना भी सुरक्षित विकल्प नहीं माना जाना चाहिए।
मुंह से जुड़ी समस्या हो तो रहें सावधान
जिन लोगों को पहले से मुंह में छाले, सफेद या लाल धब्बे, मसूड़ों से खून आना, दर्द, सूजन या मुंह खोलने में परेशानी जैसी समस्याएं हैं, उन्हें सुपारी और तंबाकू वाले पान से दूरी बनानी चाहिए। अगर मुंह में कोई घाव या छाला लंबे समय तक ठीक नहीं हो रहा है, तो उसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। ऐसे लक्षणों की वजह जानने के लिए डेंटिस्ट या डॉक्टर से जांच कराना जरूरी हो सकता है। लगातार रहने वाला घाव, दर्द, सूजन या खून आना मुंह से जुड़ी गंभीर बीमारी के संकेतों में शामिल हो सकता है।
बच्चों और किशोरों को रखें दूर

बच्चों और किशोरों को तंबाकू या सुपारी वाले पान से पूरी तरह दूर रखना जरूरी है। कम उम्र में इन चीजों की आदत आगे चलकर नियमित सेवन में बदल सकती है। इसलिए परिवार और आसपास के लोगों को भी बच्चों को इनके नुकसान के बारे में जागरूक करना चाहिए। कुल मिलाकर, पान में इस्तेमाल होने वाली हर सामग्री का प्रभाव एक जैसा नहीं होता। लेकिन अगर उसमें तंबाकू, जर्दा या सुपारी शामिल है तो उसे स्वास्थ्य के लिहाज से सुरक्षित मानना ठीक नहीं है। खासकर लंबे समय तक सेवन करने वाले लोगों को इसके संभावित जोखिमों को समझकर सावधानी बरतनी चाहिए।
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