UP International Trade Show: केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो के विशेष सत्र में उत्तर प्रदेश की पिछली सरकार पर निशाना साधते हुए मौजूदा भाजपा सरकार की उपलब्धियां गिनाईं। उन्होंने कहा कि वर्ष 2016-17 में प्रदेश में ‘बिगनर्स’ यानी नौसिखियों की सरकार थी। वर्ष 2017 में उस सरकार के हटने के बाद उत्तर प्रदेश को नई दिशा देने और विकसित प्रदेश बनाने का संकल्प लिया गया। गोयल के मुताबिक, यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो का चौथा संस्करण इसी बदलाव और विकास के संकल्प का परिणाम है।
यूपी में निवेश और निर्यात को लेकर पीयूष गोयल ने गिनाईं उपलब्धियां

पीयूष गोयल ने कहा कि उत्तर प्रदेश अब वैश्विक स्तर पर अपनी पहचान बना रहा है और दुनिया के बाजारों के लिए नए अवसर उपलब्ध करा रहा है। उन्होंने यूपी इंटरनेशनल ट्रेड शो को निवेश और व्यापार के लिहाज से महत्वपूर्ण मंच बताते हुए कहा कि आयोजन के दौरान करीब दो से तीन हजार करोड़ रुपये के एग्रीमेंट साइन किए जा रहे हैं। उनके अनुसार, इससे उत्तर प्रदेश में निर्यात और आर्थिक विकास की रफ्तार का अंदाजा लगाया जा सकता है।
एक्सप्रेसवे और औद्योगिक पार्क से बढ़ रहा उत्तर प्रदेश में निवेश
केंद्रीय मंत्री ने उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए विकसित किए जा रहे बुनियादी ढांचे का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में एक्सप्रेस-वे और औद्योगिक पार्कों के साथ-साथ सेमीकंडक्टर और रोबोटिक्स जैसे आधुनिक क्षेत्रों में निवेश हो रहा है। पीयूष गोयल ने दावा किया कि वर्ष 2016 से पहले उत्तर प्रदेश में निवेश के लिए कारोबारी माहौल अनुकूल नहीं माना जाता था और निवेशक प्रदेश में आने से बचते थे। उन्होंने कहा कि अब स्थिति में बदलाव दिखाई दे रहा है और प्रदेश नए औद्योगिक अवसरों की ओर बढ़ रहा है।
यूपी सरकार के राजस्व में बढ़ोतरी का पीयूष गोयल ने किया जिक्र
पीयूष गोयल ने योगी सरकार के कार्यकाल में प्रदेश के राजस्व में हुई बढ़ोतरी का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार ने ‘सैंड, लैंड और लिकर’ से जुड़े राजस्व में होने वाली चोरी पर लगाम लगाने के प्रयास किए, जिससे प्रदेश के बजट को मजबूती मिली। उनके मुताबिक, वर्ष 2016-17 में शराब से प्रदेश को करीब 14,273 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ था, जो अब बढ़कर 63 हजार करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।
शराब, जमीन और खनन से राजस्व बढ़ने का दावा
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश में सिर्फ शराब से मिलने वाले राजस्व में ही वृद्धि नहीं हुई है, बल्कि जमीन और खनन से जुड़े राजस्व में भी इजाफा हुआ है। उन्होंने बताया कि लैंड से मिलने वाला राजस्व 11,564 करोड़ रुपये से बढ़कर 43,802 करोड़ रुपये हो गया है। वहीं, माइनिंग विभाग का राजस्व भी 1,548 करोड़ रुपये से बढ़कर 7,000 करोड़ रुपये से अधिक पहुंच गया है।
विकास योजनाओं पर खर्च हो रहा बढ़ा हुआ राजस्व

पीयूष गोयल ने कहा कि प्रदेश में राजस्व संग्रह बढ़ने से सरकार को विकास कार्यों के लिए अधिक संसाधन मिल रहे हैं। उन्होंने दावा किया कि इसी बढ़े हुए राजस्व के जरिए योगी सरकार उत्तर प्रदेश में बुनियादी ढांचे, औद्योगिक विकास और अन्य विकास योजनाओं को आगे बढ़ा रही है। ट्रेड शो के मंच से उन्होंने उत्तर प्रदेश को निवेश, निर्यात और औद्योगिक गतिविधियों के लिहाज से तेजी से बदलता हुआ प्रदेश बताया।










