Share Market Today: धनतेरस पर शेयर बाजार में नहीं बरसा धन, सेंसेक्स-निफ्टी की मामूली शुरुआत, मिडकैप-स्मॉलकैप में गिरावट

धनतेरस पर निवेशकों को शेयर बाजार से बड़ी कमाई की उम्मीद थी, लेकिन कारोबार की शुरुआत सुस्त रही। सेंसेक्स-निफ्टी मामूली बढ़त पर खुले, जबकि मिडकैप और स्मॉलकैप शेयर टूट गए। उधर, कच्चा तेल 100 डॉलर पार पहुंचा और सोना-चांदी फिसले। आखिर बाजार पर दबाव की वजह क्या रही?

धनतेरस पर शेयर बाजार में नहीं बरसा धन, सेंसेक्स-निफ्टी की मामूली शुरुआत

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

नवम्बर 6, 2026

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Share Market Today: धनतेरस के दिन शुक्रवार, 6 नवंबर 2026 को भारतीय शेयर बाजार में निवेशकों को तेजी की बड़ी चमक देखने को नहीं मिली। कारोबारी सप्ताह के आखिरी दिन बाजार की शुरुआत उतार-चढ़ाव के बीच हुई। सेंसेक्स और निफ्टी मामूली बढ़त के साथ खुले, लेकिन मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दबाव बना रहा। अमेरिकी बाजारों में भारी बिकवाली और वैश्विक संकेतों की कमजोरी का असर घरेलू बाजार के कारोबार पर भी दिखाई दिया।

शुरुआती कारोबार में निफ्टी 50 महज 1.60 अंक यानी 0.01 प्रतिशत की बढ़त के साथ 24,538.20 के स्तर पर खुला। वहीं, सेंसेक्स 103.65 अंक यानी 0.13 प्रतिशत चढ़कर 79,413.66 पर पहुंचा। हालांकि, बाजार की यह मामूली तेजी व्यापक स्तर पर खरीदारी में तब्दील नहीं हो सकी।

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मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दिखी कमजोरी

मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दिखी कमजोरी
मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में दिखी कमजोरी

बाजार के प्रमुख सूचकांकों की तुलना में मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों का प्रदर्शन कमजोर रहा। निफ्टी मिडकैप 100 में 0.54 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जबकि निफ्टी स्मॉलकैप 100 करीब 0.87 प्रतिशत टूट गया। इससे संकेत मिला कि छोटे और मध्यम आकार की कंपनियों के शेयरों में निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया।

इससे एक दिन पहले यानी गुरुवार को बाजार में जोरदार तेजी देखने को मिली थी। सेंसेक्स में करीब 2,000 अंकों का उछाल आया था। ऐसे में शुक्रवार को निवेशकों की मुनाफावसूली और वैश्विक बाजारों की कमजोरी ने तेजी की रफ्तार पर रोक लगा दी।

अमेरिकी बाजारों की भारी गिरावट से बढ़ी चिंता

भारतीय बाजार पर दबाव की एक बड़ी वजह अमेरिकी शेयर बाजारों में आई तेज गिरावट रही। गुरुवार को अमेरिका के प्रमुख शेयर सूचकांकों ने अप्रैल 2025 के बाद का सबसे खराब कारोबारी सत्र दर्ज किया। नैस्डैक 5.52 प्रतिशत गिरकर 24,315 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 में 4.36 प्रतिशत और डॉव जोन्स में 3.44 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

अमेरिकी बाजारों में खासतौर पर टेक्नोलॉजी और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस से जुड़ी कंपनियों के शेयरों में बिकवाली देखने को मिली। डेटा सेंटर में बड़े निवेश और संभावित सरकारी नियमों को लेकर निवेशकों की चिंताओं ने बाजार का माहौल प्रभावित किया। इसका असर एशियाई शेयर बाजारों पर भी पड़ा।

FII की खरीदारी से भारतीय बाजार को मिल सकता है सहारा

FII की खरीदारी से भारतीय बाजार को मिल सकता है सहारा
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वैश्विक कमजोरी के बावजूद विदेशी संस्थागत निवेशकों की खरीदारी भारतीय बाजार के लिए राहत का संकेत बनी हुई है। जियोजित इन्वेस्टमेंट्स के चीफ इन्वेस्टमेंट स्ट्रैटेजिस्ट वीके विजयकुमार के अनुसार, विदेशी संस्थागत निवेशकों यानी एफआईआई ने पिछले पांच कारोबारी सत्रों में 35,781 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं।

उनका मानना है कि अमेरिकी बाजारों की गिरावट का असर दुनिया के कई बाजारों पर पड़ सकता है, लेकिन भारत पर इसका प्रभाव तुलनात्मक रूप से कम रहने की उम्मीद है। घरेलू संस्थागत निवेशकों की बिकवाली और मुनाफावसूली के बीच एफआईआई की खरीदारी बाजार को कुछ सहारा दे सकती है।

कच्चे तेल में तेजी, सोना और चांदी फिसले

शुक्रवार को कमोडिटी बाजार में भी हलचल देखने को मिली। ब्रेंट क्रूड की कीमत 2.37 प्रतिशत बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई। दूसरी ओर, सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई। 24 कैरेट सोना 1.32 प्रतिशत टूटकर 1,42,192 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया। चांदी की कीमत भी 1.78 प्रतिशत गिरकर 1,83,800 रुपये प्रति किलोग्राम रह गई।

एशियाई बाजारों में भी बड़ी गिरावट

एशिया के प्रमुख बाजारों में भी शुक्रवार को बिकवाली का दबाव रहा। दक्षिण कोरिया का कोस्पी सात प्रतिशत से ज्यादा गिरा, जबकि ताइवान का शेयर सूचकांक आठ प्रतिशत नीचे आया। जापान का निक्केई 225 करीब 5.95 प्रतिशत टूट गया। सिंगापुर का स्ट्रेट्स टाइम्स इंडेक्स भी 2.20 प्रतिशत गिरा। ऐसे वैश्विक माहौल में भारतीय निवेशक भी सतर्क नजर आए।

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