दिल्ली को मिलेगी नई क्षेत्रीय फॉरेंसिक लैब की सौगात, रोहिणी FSL का दबाव होगा कम

 बाहरी दिल्ली  शेख सराय में नई क्षेत्रीय फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी (आरएफएसएल) स्थापित करने की मंजूरी दी है। इसके लिए 151.80 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। नई प्रयोगशाला शुरू होने से रोहिणी स्थित मुख्य एफएसएल पर काम का दबाव कम होगा। साथ ही, राजधानी में फॉरेंसिक जांच की क्षमता बढ़ेगी और साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण में तेजी आएगी। यह जानकारी दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने जारी प्रेस बयान में दी है। गृह मंत्री ने क्या कहा? गृह मंत्री ने कहा है कि यह लैब दिल्ली की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की सहायक बनेगी। जहां प्रयोगशाला

Wrriten By :

Editor

Published On :

नवम्बर 5, 2026

Advertisements
728x90 Uttar Pradesh Police Mission Shakti Digital.jpg

 बाहरी दिल्ली
 शेख सराय में नई क्षेत्रीय फारेंसिक साइंस लैबोरेटरी (आरएफएसएल) स्थापित करने की मंजूरी दी है। इसके लिए 151.80 करोड़ रुपये की वित्तीय स्वीकृति प्रदान की गई है। नई प्रयोगशाला शुरू होने से रोहिणी स्थित मुख्य एफएसएल पर काम का दबाव कम होगा।

साथ ही, राजधानी में फॉरेंसिक जांच की क्षमता बढ़ेगी और साक्ष्यों के वैज्ञानिक विश्लेषण में तेजी आएगी। यह जानकारी दिल्ली के गृह मंत्री आशीष सूद ने जारी प्रेस बयान में दी है।

गृह मंत्री ने क्या कहा?
गृह मंत्री ने कहा है कि यह लैब दिल्ली की फॉरेंसिक साइंस लैबोरेटरी (एफएसएल) की सहायक बनेगी। जहां प्रयोगशाला में एक वर्ष पहले जांच और परीक्षण के लिए लगभग 27 हजार मामले लंबित थे, अब 5700 रह गए हैं। इसमें 78.88 प्रतिशत की कमी आई है।

इसकी मुख्य वजह किया गया प्रशासनिक और परिचालन सुधार है। एफएसएल की जांच क्षमता बढ़ाने के लिए नई विशेषज्ञ प्रयोगशालाएं स्थापित करने और मौजूदा आधारभूत ढांचे को आधुनिक बनाने की दिशा में काम किया जा रहा है। वैज्ञानिक उपकरणों, उन्नत मशीनरी और डिजिटल तकनीक की उपलब्धता बढ़ाई जा रही है।

रिक्त पद भरने और कर्मचारियों की उपलब्धता पर ध्यान
कहा कि, प्रयोगशाला की कार्यक्षमता बढ़ाने के लिए मानव संसाधन को मजबूत करने पर भी जोर दिया जा रहा है। विभिन्न स्तरों पर नियमित पदों और रिक्तियों को भरने की पहल की गई है, ताकि संवेदनशील मामलों की जांच के लिए विशेषज्ञ कर्मचारियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित हो सके।

इसके अलावा कार्यप्रणाली में निरंतरता बनाए रखने के लिए संविदा कर्मचारियों और तकनीकी स्टाफ का कार्यकाल भी बढ़ाया है।

पुलिस जांच से अदालतों की सुनवाई तक मिलेगा लाभ
फॉरेंसिक रिपोर्ट समय पर मिलने से पुलिस को आपराधिक मामलों की जांच पूरी करने में मदद मिलेगी। वहीं, अदालतों में सुनवाई के दौरान वैज्ञानिक साक्ष्यों के लिए लंबे समय तक इंतजार नहीं करना पड़ेगा।

 

2