Delhi Terror Plot: देश की राजधानी दिल्ली को दहलाने की एक और बड़ी और खौफनाक साजिश को नाकाम करते हुए दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने एक बहुत बड़ी कामयाबी हासिल की है। पुलिस ने बेहद सतर्कता और त्वरित कार्रवाई करते हुए कुख्यात ‘शहजाद भट्टी नेटवर्क’ के दो अलग-अलग सक्रिय मॉड्यूल का पूरी तरह से भंडाफोड़ कर दिया है। इस बड़ी एंटी-टेरर कार्रवाई के तहत पुलिस की अलग-अलग टीमों ने दिल्ली और पंजाब के कई संभावित और संदिग्ध ठिकानों पर एक साथ ताबड़तोड़ छापेमारी की, जिसके बाद छह खतरनाक संदिग्धों को दबोच लिया गया। सोमवार को दिल्ली पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे नेटवर्क और खतरनाक मंसूबों की आधिकारिक जानकारी मीडिया के साथ साझा की।
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पेट्रोल बम और अवैध हथियारों का जखीरा बरामद
पकड़े गए इन दहशतगर्दों की निशानदेही और उनके पास से पुलिस ने जो घातक सामग्रियां बरामद की हैं, उसने सुरक्षा एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में अत्याधुनिक अवैध हथियार, कई जिंदा पिस्तौलें और अत्यधिक ज्वलनशील व खतरनाक पेट्रोल बम (मोलोटोव कॉकटेल) बरामद किए गए हैं। इतनी बड़ी तादाद में पेट्रोल बमों का मिलना इस बात का साफ संकेत है कि ये आरोपी दिल्ली के किसी भीड़भाड़ वाले इलाके या संवेदनशील सरकारी प्रतिष्ठानों को निशाना बनाकर बड़े पैमाने पर हिंसा और आगजनी फैलाने की योजना बना रहे थे।
दो अलग-अलग नेटवर्क के जरिए रची जा रही थी खूनी साजिश
स्पेशल सेल की प्रारंभिक पूछताछ और जांच में यह बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है कि गिरफ्तार किए गए सभी छह आरोपी एक बेहद सुनियोजित रणनीति के तहत दो बिल्कुल अलग-अलग नेटवर्क और मॉड्यूल के माध्यम से अपनी राष्ट्रविरोधी गतिविधियों को अंजाम दे रहे थे:
पहला मॉड्यूल (आतंकी और विध्वंसक गतिविधियां): इस मॉड्यूल का सीधा संपर्क सीमा पार या देश विरोधी बड़ी ताकतों और आतंकी संगठनों से था। यह विंग पूरी तरह से दिल्ली-एनसीआर में किसी बड़ी अप्रिय घटना, टारगेट किलिंग या सिलसिलेवार धमाकों को अंजाम देने की फिराक में था, ताकि देश की कानून व्यवस्था को चुनौती दी जा सके।
दूसरा मॉड्यूल (अवैध हथियारों का लॉजिस्टिक्स): यह मॉड्यूल पूरी तरह से अवैध हथियारों की तस्करी (आर्म्स स्मगलिंग) के धंधे में लिप्त था। इसका मुख्य काम पहले मॉड्यूल के आतंकियों और स्थानीय गैंगस्टरों को बैकएंड से खतरनाक हथियार, कारतूस और बम बनाने की सामग्री की निर्बाध सप्लाई सुनिश्चित करना था।
अंतरराज्यीय कनेक्शन की जांच, कई राज्यों में अलर्ट
शहजाद भट्टी नेटवर्क की इस गहरी पैठ को देखते हुए पुलिस को अंदेशा है कि इसके तार सिर्फ दिल्ली और पंजाब तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि देश के कई अन्य राज्यों के स्थानीय अपराधियों और स्लीपर सेल्स से भी जुड़े हुए हैं। यह पूरा सिंडिकेट बेहद संगठित और कॉर्पोरेट स्टाइल में काम कर रहा था, जहां एक मॉड्यूल को दूसरे मॉड्यूल के मुख्य किरदारों की भनक तक नहीं थी।
दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल अब इस बात की गहराई से तफ्तीश कर रही है कि इन बरामद पेट्रोल बमों और हथियारों का इस्तेमाल ठीक किस तारीख और किस बड़ी वारदात को अंजाम देने के लिए तय किया गया था। मामले की अत्यधिक संवेदनशीलता और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़े होने के कारण, केंद्रीय सुरक्षा एजेंसियां भी अलर्ट पर हैं और पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर उनके अन्य साथियों को दबोचने के लिए छापेमारी कर रही है।
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