Education Ministry Fire : देश में जारी नीट और सीबीएसई परीक्षा विवादों के बीच सोमवार को देश की राजधानी नई दिल्ली से एक बेहद चौंकाने वाली घटना सामने आई है। दिल्ली के व्यस्त आईटीओ (ITO) इलाके में स्थित ‘स्कूल ऑफ प्लानिंग एंड आर्किटेक्चर’ (SPA) परिसर के भीतर बने शिक्षा मंत्रालय के कार्यालय की दूसरी मंजिल पर अचानक भीषण आग लग गई। इस घटना के कई वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुए हैं, जिनमें बिल्डिंग की खिड़कियों से काले धुएं का गुबार निकलता साफ दिखाई दे रहा है। आग की सूचना मिलते ही अग्निशमन विभाग के आला अधिकारी तुरंत हरकत में आए और दमकल की 8 गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। इस हादसे को लेकर विपक्षी दल कांग्रेस ने केंद्र सरकार को आड़े हाथों लिया है।
जांच की आंच से पहले आग की आंच पहुंच गई: पवन खेड़ा का सरकार पर तंज
शिक्षा विभाग की इस महत्वपूर्ण बिल्डिंग में लगी आग को लेकर कांग्रेस ने सरकार की मंशा और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। कांग्रेस के मीडिया और पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन पवन खेड़ा ने एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया, जो करीब 33 मिनट तक चली। इस दौरान उन्होंने सरकार पर तीखा तंज कसते हुए पूछा, “यह महज एक संयोग है या फिर कोई सुनियोजित प्रयोग? क्या देश की शिक्षा व्यवस्था और धांधली को लेकर जो तीखे सवाल उठ रहे हैं, उनके सारे अहम दस्तावेज और जवाब इस आग में जलकर स्वाहा हो जाएंगे?” प्रेस कॉन्फ्रेंस से पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर भी लिखा कि जांच की आंच से पहले ही आग की आंच शिक्षा मंत्रालय तक पहुंच गई, यह वाकई एक अद्भुत संयोग है।
देश में लगातार लीक हो रहे पेपर, नौजवान कर रहे आत्महत्या: कांग्रेस
पवन खेड़ा ने देश के मौजूदा हालात पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए केंद्र सरकार की प्राथमिकताओं पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि आज पूरे देश में एक के बाद एक परीक्षाओं के पेपर लीक हो रहे हैं, जिससे तंग आकर देश का होनहार नौजवान आत्महत्या करने को मजबूर हो रहा है। दूसरी तरफ, देश के प्रधानमंत्री गंभीर मुद्दों पर बात करने के बजाय देश को ‘आम पना’ बनाने की रेसिपी सिखा रहे हैं। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि जो काम सीबीएसई (CBSE) के बड़े-बड़े जांच अधिकारी और एक्सपर्ट्स नहीं कर पाए, उसे देश के एक महज 19 साल के एथिकल हैकर ने चुटकियों में करके दिखा दिया और सरकार के पूरे डिजिटल सुरक्षा तंत्र की पोल देश के सामने खोलकर रख दी।
प्रतियोगी परीक्षाओं के बाद अब स्कूली शिक्षा तक पहुंची धांधली की जड़ें
अपनी लंबी प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कांग्रेस प्रवक्ता ने पिछले कुछ समय में हुई बड़ी परीक्षाओं का ब्यौरा भी पेश किया। उन्होंने कहा कि पिछले दो साल के भीतर नीट (NEET), सीयूईटी (CUET), जेईई मेन्स (JEE Mains) और बीपीएससी (BPSC) समेत देश की तमाम बड़ी परीक्षाओं में देश के लाखों-करोड़ों युवा धांधली और भ्रष्टाचार का शिकार हुए हैं। पवन खेड़ा ने आरोप लगाया कि अब बात सिर्फ बड़ी प्रतियोगी परीक्षाओं तक ही सीमित नहीं रह गई है, बल्कि भ्रष्टाचार की यह बीमारी अब स्कूली शिक्षा तक पहुंच चुकी है। पहले देश की बोर्ड परीक्षाओं में घपला हुआ, फिर प्रतियोगी परीक्षाओं में और अब सर्विस कमीशन की परीक्षाओं में भी बड़े पैमाने पर गड़बड़ी सामने आ रही है।
क्या मोदी सरकार युवाओं को बेरोजगार रखना चाहती है?
पवन खेड़ा ने सीधे प्रधानमंत्री पर हमला बोलते हुए सवाल उठाया कि आखिर नरेंद्र मोदी देश के भविष्य से क्या चाहते हैं? क्या वे यह चाहते हैं कि देश के युवा अनपढ़, जाहिल और बेरोजगार रहें, ताकि वे नौकरी मांगने के बजाय संघ की शाखाओं का रुख करें? अपनी इस प्रेस वार्ता में उन्होंने सीबीएसई की ओएसएम (OSM) यानी ऑनलाइन स्पॉट इवैल्यूएशन प्रक्रिया की कमियों को भी बेहद विस्तार से समझाया और बताया कि कैसे इस सिस्टम में लूपहोल्स का फायदा उठाकर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ किया जा रहा है।
‘न पढूंगा, न पढ़ने दूंगा’ बन गया है सरकार का असली नारा: पवन खेड़ा
प्रेस कॉन्फ्रेंस के अंतिम हिस्से में कांग्रेस नेता ने सरकार के पुराने नारों पर जमकर चुटकी ली। उन्होंने कहा कि देश की जनता को एक नारा दिया गया था—’ना खाऊंगा, ना खाने दूंगा’। लेकिन आज की बदहाल शिक्षा व्यवस्था को देखकर मुझे लगता है कि इस सरकार का असली नारा ‘न पढूंगा, न पढ़ने दूंगा’ बन चुका है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के मंत्रियों के सोशल मीडिया पोस्ट या ट्वीट उठाकर देख लीजिए, किसी भी मंत्री ने देश के टूटे हुए एजुकेशन सिस्टम या सीबीएसई की निंदा में एक शब्द तक नहीं बोला है।
राहुल गांधी नहीं, देश की मौजूदा पीढ़ी के बर्बाद हो रहे भविष्य से हम हैं फ्रस्ट्रेटेड
पवन खेड़ा ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के उस बयान पर भी कड़ा पलटवार किया, जिसमें उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधा था। खेड़ा ने कहा, “जब देश की शिक्षा व्यवस्था और पेपर लीक पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री से सवाल पूछा जाता है, तो वे गैर-जिम्मेदाराना रवैया अपनाते हुए कहते हैं कि राहुल गांधी ‘फ्रस्ट्रेटेड’ (हताश) हैं। हम उन्हें साफ कर देना चाहते हैं कि राहुल गांधी या कांग्रेस पार्टी अपने निजी कारणों से फ्रस्ट्रेटेड नहीं है। हम सब इसलिए हताश और गुस्से में हैं क्योंकि सरकार में बैठे लोग अपनी नाकामियों से देश की पूरी एक मौजूदा पीढ़ी के भविष्य के साथ सरेआम खिलवाड़ कर रहे हैं और देश के युवाओं का भरोसा तोड़ रहे हैं।”
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