IMD Weather Alert: मई महीने की शुरुआत में हुई हल्की बूंदाबांदी ने लोगों को लगा था कि इस बार गर्मी से राहत मिलेगी, लेकिन प्रकृति ने एक बार फिर अपनी चाल बदल ली है। पिछले कुछ दिनों से सूरज के तीखे तेवर और घर के भीतर बढ़ती उमस ने जनजीवन बेहाल कर दिया है। दिल्ली-एनसीआर के निवासी जहां एक तरफ बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं दूसरी तरफ लू (Heatwave) का संकट गहराता जा रहा है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार, उत्तर भारत के कई हिस्सों में ‘येलो अलर्ट’ जारी किया गया है, हालांकि पिछले 24 घंटों में उम्मीद के मुताबिक बारिश नहीं होने से लोग थोड़े निराश जरूर हुए हैं।
दिल्ली में मौसम का ‘येलो अलर्ट’ और बदलता मिजाज
देश की राजधानी दिल्ली में मौसम विभाग ने एक बार फिर आज के लिए आंधी और बारिश का ‘येलो अलर्ट’ जारी किया है। कल दिल्लीवासियों को बारिश की उम्मीद थी, लेकिन मौसम शुष्क ही रहा। आज के पूर्वानुमान की बात करें तो अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। 13 मई को भी गरज-चमक के साथ हल्की वर्षा की स्थिति बनी रह सकती है। हालांकि, यह राहत बहुत लंबी नहीं होगी, क्योंकि 14 मई से 17 मई के बीच आसमान पूरी तरह साफ हो जाएगा और तापमान में फिर से उछाल देखने को मिलेगा। 14 मई के बाद पारा 40 डिग्री सेल्सियस को पार कर सकता है।
यूपी, राजस्थान, पंजाब और हरियाणा में धूल भरी आंधी का साया
दिल्ली के पड़ोसी राज्यों पंजाब, हरियाणा और चंडीगढ़ में 11 से 15 मई के बीच छिटपुट बारिश और गरज के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है। इस दौरान हवा की रफ्तार 30 से 60 किलोमीटर प्रति घंटा तक जा सकती है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश और राजस्थान के पूर्वी हिस्सों में 11 और 12 मई को धूल भरी आंधी और बारिश का अलर्ट है। पश्चिमी राजस्थान में 11 मई को धूल का गुबार उठने की चेतावनी दी गई है, जिससे दृश्यता कम हो सकती है। 12 और 13 मई को पूर्वी उत्तर प्रदेश में भी इसी तरह का मौसम रहने का अनुमान है।
पहाड़ी क्षेत्रों में बर्फबारी और ओलावृष्टि का अलर्ट
मैदानी इलाकों में जहां गर्मी का प्रकोप है, वहीं पहाड़ों पर भी मौसम सक्रिय है। 12 से 14 मई के बीच जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, गिलगित-बाल्टिस्तान और उत्तराखंड में छिटपुट बारिश और ऊंचाई वाले क्षेत्रों में बर्फबारी की संभावना है। हिमाचल प्रदेश में 15 मई तक मौसम खराब रह सकता है। मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि 12 और 13 मई को जम्मू-कश्मीर और उत्तराखंड के कुछ हिस्सों में ओलावृष्टि (Hailstorm) भी हो सकती है, जो बागवानी और फसलों को नुकसान पहुंचा सकती है।
मध्य और पूर्वी भारत में बारिश की गतिविधियां
झारखंड, अंडमान और निकोबार द्वीप समूह में 17 मई तक बारिश का दौर जारी रहेगा। वहीं, पश्चिम बंगाल, सिक्किम और ओडिशा में 15 मई तक छिटपुट बारिश के साथ 40-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी। बिहार के कुछ हिस्सों में 12 मई को ओलावृष्टि की संभावना जताई गई है। छत्तीसगढ़ में 13 से 15 मई के बीच हल्की से मध्यम वर्षा होने का अनुमान है। पूर्वोत्तर भारत की बात करें तो असम, मेघालय और अरुणाचल प्रदेश में अगले कुछ दिनों तक भारी से बहुत भारी बारिश होने की आशंका है, जिससे स्थानीय स्तर पर जलभराव की समस्या हो सकती है।
दक्षिण भारत में प्री-मानसून वर्षा और भारी अलर्ट
दक्षिण भारतीय राज्यों में मौसम का मिजाज काफी नमी भरा रहने वाला है। तमिलनाडु, पुडुचेरी, आंध्र प्रदेश और कर्नाटक के आंतरिक इलाकों में 15 मई तक बिजली कड़कने और तेज हवाओं के साथ बारिश होने की संभावना है। केरल और माहे में 14 से 17 मई के बीच भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। तेलंगाना में 12 मई को बिजली गिरने की घटनाएं हो सकती हैं। लक्षद्वीप और तटीय कर्नाटक में भी गरज-चमक के साथ बारिश का दौर जारी रहने की उम्मीद है।
राजस्थान के बाड़मेर में रिकॉर्ड तोड़ 47.3 डिग्री तापमान
एक तरफ जहां देश के कई हिस्सों में बारिश का अलर्ट है, वहीं दूसरी ओर ‘लू’ (Heatwave) का कहर थमने का नाम नहीं ले रहा है। सोमवार को भारत मौसम विभाग ने खुलासा किया कि देश के 38 शहरों में पारा 42 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। राजस्थान का बाड़मेर लगातार दूसरे दिन देश का सबसे गर्म शहर रहा, जहां तापमान 47.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। इसके बाद फलोदी 46.8 डिग्री और जैसलमेर 46.5 डिग्री के साथ तप रहे हैं। देश के 16 प्रमुख शहरों में तापमान 44 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो गया है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंता का विषय है।
मई-जून में और सताएगी ‘हीटवेव’, मौसम विभाग की चेतावनी
आईएमडी की रिपोर्ट के अनुसार, गुजरात, राजस्थान और पश्चिमी मध्य प्रदेश में अगले 4-5 दिनों तक भीषण लू चलने की संभावना है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस साल मई और जून के महीने में गर्मी के पिछले सारे रिकॉर्ड टूट सकते हैं। आमतौर पर इन दो महीनों में 3 से 7 दिन लू के होते हैं, लेकिन इस वर्ष हीटवेव वाले दिनों की संख्या औसत से 5 से 7 दिन अधिक रहने का पूर्वानुमान है। मराठवाड़ा, विदर्भ और मध्य महाराष्ट्र जैसे क्षेत्रों में तापमान पहले से ही 42 डिग्री के ऊपर बना हुआ है, जबकि शेष भारत में यह 34-42 डिग्री की सीमा में है।
आगामी दिनों में भारत के मौसम में दो विपरीत स्थितियां देखने को मिलेंगी। एक ओर उत्तर और दक्षिण भारत के कुछ हिस्सों में प्री-मानसून गतिविधियों के कारण बारिश से राहत मिलेगी, वहीं दूसरी ओर मध्य और पश्चिमी भारत के राज्यों को भीषण गर्मी और लू के थपेड़ों का सामना करना पड़ेगा। नागरिकों को सलाह दी जाती है कि वे दोपहर के समय घर से बाहर निकलने से बचें और पर्याप्त मात्रा में पानी का सेवन करें।










