Delhi News: देश की राजधानी दिल्ली से एक बड़ी और दहला देने वाली खबर सामने आ रही है। दक्षिण-पश्चिम दिल्ली के व्यस्त और घनी आबादी वाले सत्य निकेतन इलाके के पास एक पुरानी और जर्जर इमारत अचानक भरभराकर जमींदोज हो गई। इस भीषण हादसे के बाद पूरे इलाके में अफरा-तफरी और कोहराम मच गया है। इमारत के मलबे के नीचे कई लोगों के दबे होने की गंभीर आशंका जताई जा रही है, जिससे स्थानीय प्रशासन और राहत एजेंसियों की सांसे अटकी हुई हैं। घटना की भयावहता को देखते हुए आसपास के लोगों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई है।
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दमकल विभाग को दोपहर 1:30 बजे मिली घटना की सूचना
प्राप्त जानकारी के अनुसार, इस दर्दनाक हादसे की सुगबुगाहट और सूचना सबसे पहले स्थानीय लोगों द्वारा दमकल विभाग (Fire Department) को दोपहर करीब 1:30 बजे दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस प्रशासन में हड़कंप मच गया। स्थिति की गंभीरता को भांपते हुए तुरंत दमकल विभाग की पांच गाड़ियां और राहत बचाव दलों को घटनास्थल के लिए रवाना किया गया। आपातकालीन कर्मी और पुलिस बल जब तक मौके पर पहुंचे, तब तक वहां स्थानीय नागरिकों ने अपनी जान जोखिम में डालकर अपने स्तर पर राहत और बचाव कार्य शुरू कर दिया था।
स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा और शुरू किया शुरुआती बचाव कार्य
प्रशासनिक अमले के पहुंचने से पहले ही मौके पर मौजूद दिलेर स्थानीय लोगों ने एकजुट होकर मलबे में दबे लोगों को निकालने के लिए बचाव अभियान शुरू कर दिया था। लोगों की त्वरित सूझबूझ और मदद से कुछ हद तक राहत कार्य को गति मिली। इसके बाद दिल्ली पुलिस की टीमें भी मौके पर पहुंच गईं और पूरे इलाके को चारों तरफ से घेर लिया ताकि बचाव कार्यों में कोई बाधा न आए। पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर मौजूद रहकर लगातार स्थिति का जायजा ले रहे हैं और घायलों तथा मलबे में फंसे लोगों के बारे में पुख्ता जानकारी जुटाने का प्रयास कर रहे हैं।
दमकल और पुलिस बल द्वारा युद्धस्तर पर जारी है रेस्क्यू ऑपरेशन
दिल्ली अग्निशमन सेवा के एक वरिष्ठ अधिकारी ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि घटनास्थल पर युद्धस्तर पर रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया जा रहा है। मलबे के नीचे फंसे हुए लोगों की सही संख्या और इस हादसे में हुए कुल नुकसान का सटीक आकलन करने के लिए राहतकर्मी लगातार मलबे को हटाने में जुटे हुए हैं। भारी मशीनों और कटर की मदद से मलबे को तेजी से हटाया जा रहा है ताकि सुरक्षित तरीके से लोगों को बाहर निकाला जा सके।
हादसे के बाद इलाके में दहशत और घायलों की तलाश जारी
इस आकस्मिक इमारत ढहने की घटना के बाद से सत्य निकेतन और उसके आसपास के पूरे इलाके में भारी दहशत और मातम का माहौल है। प्रशासन इस बात की भी गहराई से जांच कर रहा है कि आखिर यह इमारत किस वजह से गिरी और क्या इसके निर्माण में मानकों की अनदेखी की गई थी। फिलहाल, अस्पताल और एम्बुलेंस सेवाओं को पूरी तरह से अलर्ट पर रखा गया है ताकि मलबे से निकाले जाने वाले किसी भी घायल व्यक्ति को तुरंत उच्च चिकित्सा और इलाज मुहैया कराया जा सके। बचाव अभियान अभी भी पूरी मुस्तैदी के साथ जारी है।
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