Delhi News: देशभर में 80वें स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां जोरों पर चल रही हैं। ऐतिहासिक लाल किले पर आयोजित होने वाले मुख्य समारोह और वीआईपी-वीवीआईपी (VIP-VVIP) मूवमेंट की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए दिल्ली पुलिस पूरी तरह से हाई अलर्ट पर है। समारोह के दौरान राष्ट्रीय राजधानी में किसी भी प्रकार की अनहोनी, उपद्रव, उत्पात या अराजकता को रोकने के लिए पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार की सेंध न लगे, इसके लिए दिल्ली में धारा 163 लागू कर दी गई है। इसके साथ ही सुरक्षा के मद्देनजर लाल किले और आसपास के क्षेत्रों में पतंग उड़ाने पर भी पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। ये सख्त आदेश आगामी 16 अगस्त तक प्रभावी रहेंगे।
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सुरक्षा के कड़े इंतजाम और ड्रोन से निगरानी
राजधानी की सुरक्षा व्यवस्था को अभेद्य बनाने के लिए पुलिस प्रशासन ने कमर कस ली है। आदेशों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 223 के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। पुलिस कंट्रोल रूम से आधुनिक ड्रोनों के जरिए लगातार चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है, वहीं मैदानी इलाकों में सुरक्षा बलों के जवान मुस्तैदी से तैनात हैं। दिल्ली के सभी निवासियों, पर्यटकों, अन्य राज्यों से आने वाले आगंतुकों और कार्यक्रम आयोजकों से इन सुरक्षा नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की गई है। सभी सहायक पुलिस आयुक्तों (ACPs) और थाना प्रभारियों को यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं कि उनके क्षेत्रों में इन आदेशों का सौ प्रतिशत अनुपालन हो।
दिल्ली मेट्रो की विशेष एडवाइजरी और पतंगबाजी पर रोक
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर दिल्ली मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (DMRC) ने भी यात्रियों और नागरिकों के लिए एक महत्वपूर्ण एडवाइजरी जारी की है। DMRC ने अपील की है कि लोग 15 अगस्त तक किसी भी एलिवेटेड मेट्रो लाइन के आस-पास पतंग न उड़ाएं। मेट्रो की ओवरहेड इलेक्ट्रिफिकेशन (OHE) लाइन में 25,000 वोल्ट का भारी करंट प्रवाहित होता है। पतंग की मेटैलिक या सिंथेटिक डोर यदि इस हाई-वोल्टेज तार के संपर्क में आ जाती है, तो यह आम नागरिकों के लिए जानलेवा साबित हो सकती है। इसके अलावा, डोर के OHE या ट्रेन के पेंटोग्राफ में फंसने से मेट्रो सेवाओं में बड़ी बाधा आ सकती है। संवेदनशील मेट्रो स्टेशनों के पास विशेष टीमों को भी तैनात किया गया है, जो उड़ने वाली डोर को हटाने का काम करेंगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई जाएगी।
धारा 163 के तहत प्रतिबंध और गाइडलाइंस
डीसीपी रोहित राजबीर सिंह द्वारा जारी आदेशों के मुताबिक, लाल किले के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखना सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी उद्देश्य के तहत धारा 163 लागू की गई है, जिसके अंतर्गत लाल किले के आसपास पतंगबाजी या किसी भी प्रकार की अन्य हवाई वस्तुएं (जैसे ड्रोन, बैलून आदि) उड़ाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। सुरक्षा में सेंध लगने और जन-सुरक्षा को कोई भी खतरा पैदा होने से रोकने के लिए यह कदम उठाया गया है। किसी भी unauthorized व्यक्ति को लाल किले के प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करने या आसमान में किसी वस्तु को उड़ाने की अनुमति नहीं दी जाएगी। यह दोनों आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो चुके हैं और 16 अगस्त तक राजधानी में पूरी सख्ती के साथ प्रभावी रहेंगे।
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