Phuket Delhi Air India Turbulence Case: Air India पायलट का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव, 300 फीट नीचे आई थी फ्लाइट

Air India Flight AI2379 में 300 फीट अचानक नीचे आने की घटना के बाद बड़ा खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पायलट-इन-कमांड का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव आया है और Marijuana सेवन की पुष्टि हुई है। AAIB मामले की जांच कर रहा है, जबकि ब्लैक बॉक्स डेटा से घटना के दौरान कॉकपिट की स्थिति जांची जा रही है।

Phuket Delhi Air India Turbulence Case

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अगस्त 12, 2026

Phuket Delhi Air India Turbulence Case: फुकेट से दिल्ली आ रही Air India की फ्लाइट AI2379 में करीब 300 फीट अचानक नीचे आने और यात्रियों के घायल होने के मामले में नया और गंभीर मोड़ सामने आया है। सूत्रों के मुताबिक, उड़ान के पायलट-इन-कमांड का दूसरा डोप टेस्ट भी पॉजिटिव आया है। दूसरी लैब की कंफर्मेटरी रिपोर्ट में Marijuana यानी गांजा सेवन की पुष्टि होने की बात कही जा रही है।

300 फीट अचानक नीचे आने के बाद पायलट का डोप टेस्ट

बताते चले कि, घटना के बाद तय मानक संचालन प्रक्रिया यानी SOP के तहत विमान में मौजूद दोनों पायलटों का Psychoactive Substance टेस्ट कराया गया था। शुरुआती स्क्रीनिंग में मुख्य पायलट के सैंपल में नशीले पदार्थ की मौजूदगी के संकेत मिले। इसके बाद नियमों के तहत पुष्टि के लिए सैंपल दूसरी लैब में भेजा गया था। अब दूसरी लैब की रिपोर्ट में भी टेस्ट पॉजिटिव पाए जाने की जानकारी सामने आई है।

Marijuana टेस्ट पॉजिटिव होने की रिपोर्ट से बढ़ी चिंता

सूत्रों के अनुसार, दूसरी लैब की रिपोर्ट में पायलट के Marijuana सेवन की पुष्टि हुई है। हालांकि, इस रिपोर्ट और गांजा सेवन की कथित पुष्टि पर Air India की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। इसलिए जांच पूरी होने तक रिपोर्ट से जुड़े तथ्यों को आधिकारिक रूप से पुष्ट मानना उचित नहीं होगा।

टर्बुलेंस के दौरान पायलट की हालत पर भी सवाल

घटना के बाद कुछ यात्रियों ने आरोप लगाया था कि टर्बुलेंस के तुरंत बाद पायलट की हालत सामान्य नहीं लग रही थी। अब डोप टेस्ट की रिपोर्ट सामने आने के बाद जांच एजेंसियां यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि घटना के समय कॉकपिट में पायलटों की स्थिति क्या थी और विमान का नियंत्रण किसके हाथ में था।

कॉकपिट में पायलट की मौजूदगी की जांच

जांच का एक अहम पहलू यह भी है कि जब विमान अचानक करीब 300 फीट नीचे आया, उस समय पायलट-इन-कमांड अपनी सीट पर मौजूद थे या नहीं। इसके लिए जांच एजेंसियां विमान के ब्लैक बॉक्स में मौजूद Cockpit Voice Recorder यानी CVR और Flight Data Recorder यानी FDR के डेटा का विश्लेषण कर रही हैं। इससे घटना के दौरान कॉकपिट में हुई बातचीत और विमान के संचालन से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी मिल सकती है।

को-पायलट ने संभाला Air India AI2379 का नियंत्रण

सूत्रों के मुताबिक, घटना के समय मुख्य पायलट की स्थिति सामान्य नहीं दिखाई दे रही थी और उन्हें चलने-फिरने में परेशानी का सामना करना पड़ा। बताया जा रहा है कि केबिन क्रू को उनकी मदद करनी पड़ी। इसी दौरान युवा को-पायलट ने विमान का नियंत्रण संभाला और स्थिति को नियंत्रित करते हुए फ्लाइट को दिल्ली में सुरक्षित लैंड कराया।

A13 यात्री और 4 क्रू सदस्य घायल

यह घटना 4 अगस्त को हुई थी। Air India की Airbus A320 फ्लाइट AI2379, जिसका रजिस्ट्रेशन VT-EXO बताया गया है, क्रूज के दौरान अचानक करीब 300 फीट नीचे आ गई थी। विमान में 137 यात्री और 8 क्रू सदस्य सवार थे, जिनमें तीन बच्चे भी शामिल थे। अचानक ऊंचाई कम होने के दौरान 13 यात्रियों और 4 क्रू सदस्यों के घायल होने की जानकारी सामने आई थी।

AAIB जांच में जुटा, Airbus और BEA की भी मदद

आपकी जानकारी के लिए बता दे कि, मामले की जांच Aircraft Accident Investigation Bureau यानी AAIB कर रहा है। जांच अंतरराष्ट्रीय नागरिक उड्डयन संगठन यानी ICAO के Annex 13 के तहत की जा रही है। घटना के तकनीकी पहलुओं को समझने के लिए Airbus और फ्रांस के Bureau of Enquiry and Analysis for Civil Aviation Safety यानी BEA की टीम भी जांच में सहयोग कर रही है।

अहमदाबाद हादसे के बाद Air India की सुरक्षा पर फिर सवाल

यह मामला Air India के लिए इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि जून 2025 में अहमदाबाद में हुए विमान हादसे के बाद एयरलाइन की सुरक्षा व्यवस्था और परिचालन प्रक्रियाओं पर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में AI2379 के पायलट के कथित डोप टेस्ट में Marijuana की पुष्टि की रिपोर्ट ने कॉकपिट क्रू की फिटनेस, नशे की जांच और सुरक्षा प्रोटोकॉल को लेकर बहस को फिर तेज कर दिया है।

डोप टेस्ट रिपोर्ट के बाद सख्त कार्रवाई की संभावना

अब जांच एजेंसियां डोप टेस्ट रिपोर्ट को आधिकारिक जांच रिकॉर्ड का हिस्सा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं। यदि रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों से नियमों का उल्लंघन साबित होता है, तो पायलट के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई के साथ कानूनी कदम भी उठाए जा सकते हैं। हालांकि, अंतिम कार्रवाई जांच के निष्कर्ष और संबंधित नियामकीय प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही तय होगी।