Delhi News: DU नॉर्थ कैंपस में महिला पत्रकार पर हमले को लेकर मचा बवाल, देखें अलग-अलग प्रतिक्रिया

दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में महिला पत्रकार रुचि तिवारी पर कथित हमला क्यों हुआ? कैसे छात्र राजनीति और संगठन ABVP-AISA के बीच टकराव ने इस हिंसक घटना को जन्म दिया, और पुलिस तथा प्रशासन की भूमिका क्या रही, यह पूरे देश में चर्चा का विषय बन गया है।

Wrriten By :

Neha Mishra

Published On :

फ़रवरी 14, 2026

Delhi News: दिल्ली यूनिवर्सिटी के नॉर्थ कैंपस में शुक्रवार को हुए एक विरोध प्रदर्शन के दौरान महिला पत्रकार रुचि तिवारी ने गंभीर आरोप लगाए। उनका कहना है कि करीब 500 लोगों की भीड़ ने उन्हें निशाना बनाया और उनकी जाति पूछकर हमला किया। तिवारी ने दावा किया कि जब वह प्रदर्शन को कवर कर रही थीं, तभी कुछ लोगों ने उनका नाम और जाति पूछी, जिसके बाद भीड़ हिंसक हो गई।

उन्होंने बताया कि भीड़ ने उनके कपड़े फाड़े, गलत तरीके से छुआ और रेप की धमकी दी। तिवारी ने कहा कि यह हमला उनकी जाति के कारण हुआ और यह हत्या की कोशिश थी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की, जबकि घटना लगभग आधे घंटे तक चली।

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पत्रकार का बयान

एक न्युज एजेंसी से बातचीत के दौरान महिला जर्नलिस्ट रुचि तिवारी ने कहा “वीडियो हर जगह है, लोग खुद ही अंदाजा लगा सकते हैं कि किसने किसे उकसाया… मैं एक जर्नलिस्ट हूं जो प्रोटेस्ट कवर करने वहां गई थी। मीडिया वालों में से एक ने मेरा ध्यान खींचने के लिए मेरा नाम लिया। मैं उनके पास गई, फिर उन्होंने मेरा पूरा नाम और जाति पूछी।”

“पूरी भीड़ मेरी तरफ आई और मुझ पर हमला कर दिया। यह वीडियो में साफ़ दिख रहा है। करीब 500 लोगों ने मुझ पर हमला किया। उनके पास बस झूठी बातें और झूठे आरोप हैं। मेरे आस-पास की लड़कियों ने मेरे कान में रेप की धमकी दी, सिर्फ इसलिए कि मैं ब्राह्मण हूँ; “आज तू चल, तेरा नंगा परेड निकलेगा,” उन्होंने यही कहा। मेरे आस-पास के आदमी कह रहे थे कि वे मुझे सबक सिखाएंगे। लड़कियों ने मेरे हाथ और गर्दन पकड़ रखे थे। यह हत्या की कोशिश है। मैं बेहोश हो गई थी, लेकिन पुलिस ने कुछ नहीं किया,” उसने आगे दावा किया।

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रुचि तिवारी ने आगे क्या कहा?

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रुचि तिवारी ने आगे क्या कहा?

उन्होंने दावा किया, “वहां एक लड़का दूसरों को मुझे ले जाने का इशारा कर रहा था। क्या वे मुझे किडनैप करना चाहते थे?… मेरे कपड़े फाड़े जा रहे थे… मुझे गलत तरीके से छुआ जा रहा था। वे गुंडे थे, वे स्टूडेंट नहीं हो सकते… मेरी जाति की वजह से मुझ पर हमला हुआ। किसी ने मेरा साथ नहीं दिया, सिर्फ कुछ लॉ फैकल्टी ने इंसानियत दिखाई, और मैं उनकी मदद से और कुछ महिला पुलिसवालों की मदद से बाहर आई… FIR दर्ज हो गई है, मुझे कानून पर भरोसा है… यह घटना करीब आधे घंटे तक चली… वहां मॉब लिंचिंग हो रही थी, मैं किसी तरह बच निकली, यह मेरे लिए बहुत बड़ी बात है।”

AISA का पक्ष

ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) के राष्ट्रीय महासचिव प्रसेनजीत कुमार ने आरोपों को खारिज किया। उनका कहना है कि यह विवाद तब शुरू हुआ जब एक यूट्यूबर ने दूसरे यूट्यूबर को धक्का दिया, जो बहुजन समुदाय से था। उन्होंने दावा किया कि यह शांतिपूर्ण कार्यक्रम था और किसी तरह की मारपीट नहीं हुई।

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ABVP का बयान

ABVP दिल्ली स्टेट सेक्रेटरी सार्थक शर्मा ने इस घटना को लेफ्ट-विंग राजनीति की हिंसक प्रवृत्ति से जोड़ा। उन्होंने कहा कि मीडिया पर हमला लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर हमला है और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। शर्मा ने आरोप लगाया कि लेफ्ट ग्रुप्स अपनी घटती अहमियत से निराश होकर ऐसे हथकंडे अपना रहे हैं। ABVP ने दिल्ली पुलिस और यूनिवर्सिटी प्रशासन से दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।