Platform Ticket Ban : दिवाली-छठ पर रेलवे का बड़ा फैसला, दिल्ली के छह स्टेशनों पर टिकट बंद क्यों?

दिवाली और छठ पूजा के दौरान यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए रेलवे ने दिल्ली-NCR के छह प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकट की बिक्री बंद कर दी है। यह व्यवस्था 14 नवंबर तक लागू रहेगी। जानिए किन स्टेशनों पर पाबंदी रहेगी और यात्रियों को किन नियमों का पालन करना होगा।

Platform Ticket Ban

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

नवम्बर 5, 2026

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Platform Ticket Ban : दिवाली, भाई दूज और छठ पूजा के दौरान घर जाने वाले यात्रियों की भारी भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे ने बड़ा कदम उठाया है। उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल और ओडिशा जाने वाले लाखों यात्रियों की आवाजाही को व्यवस्थित करने के लिए दिल्ली-एनसीआर के छह प्रमुख रेलवे स्टेशनों पर प्लेटफॉर्म टिकटों की बिक्री बंद कर दी गई है। यह प्रतिबंध 14 नवंबर 2026 तक लागू रहेगा। रेलवे का उद्देश्य स्टेशन परिसर में अनावश्यक भीड़ को रोकना और ट्रेन पकड़ने वाले यात्रियों को सुरक्षित आवागमन की सुविधा देना है।

दिल्ली-एनसीआर के किन छह स्टेशनों पर लगी रोक?

उत्तर रेलवे के आदेश के अनुसार, नई दिल्ली रेलवे स्टेशन, पुरानी दिल्ली रेलवे स्टेशन, हजरत निजामुद्दीन, गाजियाबाद रेलवे स्टेशन, आनंद विहार टर्मिनल और आनंद विहार हॉल्ट पर प्लेटफॉर्म टिकट जारी नहीं किए जाएंगे। यह प्रतिबंध सभी टिकट बिक्री माध्यमों पर लागू होगा। यानी स्टेशन के मैन्युअल काउंटर, UTS मोबाइल ऐप और ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (ATVM) से भी प्लेटफॉर्म टिकट नहीं खरीदे जा सकेंगे।

केवल वैध रेल टिकट वाले यात्रियों को मिलेगा प्रवेश

रेलवे प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि प्रतिबंध की अवधि में सामान्य रूप से केवल वैध कन्फर्म रेल टिकट रखने वाले यात्रियों को ही प्लेटफॉर्म पर जाने की अनुमति होगी। इस व्यवस्था का मकसद उन लोगों की संख्या सीमित करना है, जो केवल यात्रियों को छोड़ने या लेने के लिए स्टेशन पहुंचते हैं। त्योहारों के दौरान प्लेटफॉर्म पर अतिरिक्त भीड़ होने से यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने में परेशानी हो सकती है।

बुजुर्गों और दिव्यांग यात्रियों को मिलेगी विशेष छूट

मानवीय जरूरतों को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने कुछ विशेष श्रेणियों के यात्रियों को राहत दी है। उत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी हिमांशु शेखर उपाध्याय के मुताबिक, बुजुर्गों, महिलाओं, दिव्यांगजनों, अस्वस्थ और अशिक्षित यात्रियों की सहायता के लिए उनके परिजनों या सहयोगियों को प्रवेश की अनुमति दी जा सकती है। हालांकि, इसके लिए आवश्यक जांच की जाएगी। यानी ऐसे यात्रियों को अकेले सफर करने में परेशानी न हो, इसके लिए रेलवे ने विशेष व्यवस्था रखी है।

पार्सल बुकिंग और लोडिंग पर भी अस्थायी प्रतिबंध

भीड़ नियंत्रण के साथ-साथ रेलवे ने पार्सल सेवाओं पर भी पाबंदियां लगाई हैं। नई दिल्ली, पुरानी दिल्ली और आनंद विहार टर्मिनल पर 3 से 15 नवंबर तक विभागीय पार्सल बुकिंग बंद रहेगी। इसके अलावा 5 से 15 नवंबर तक लीज्ड पैसेंजर डिब्बों यानी SLR और VP के माध्यम से पार्सल की लोडिंग और अनलोडिंग नहीं की जा सकेगी। हजरत निजामुद्दीन स्टेशन पर 5 से 8 नवंबर 2026 तक पार्सल लोडिंग और अनलोडिंग पर रोक रहेगी।

यात्री कोच में सामान ले जाने के क्या होंगे नियम?

रेलवे के निर्देशों के अनुसार, इस अवधि में यात्री कोचों में व्यक्तिगत हैंड बैग और जरूरी सामान ले जाने की अनुमति होगी। वहीं, सार्वजनिक सुरक्षा से जुड़ी शर्तों के अधीन पंजीकृत समाचार पत्रों और पत्रिकाओं की बुकिंग जारी रखी जा सकेगी। इन व्यवस्थाओं का उद्देश्य प्लेटफॉर्म और ट्रेनों के आसपास अतिरिक्त सामान की आवाजाही को कम करना है।

नई दिल्ली स्टेशन पर 7000 यात्रियों की क्षमता वाला होल्डिंग एरिया

त्योहारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर स्थायी पैसेंजर होल्डिंग एरिया भी तैयार किया गया है। अजमेरी गेट की तरफ प्लेटफॉर्म नंबर 16 के पास बने यात्री सुविधा केंद्र में एक समय में लगभग 7,000 यात्रियों को ठहराने की क्षमता है। यहां यात्रियों को ट्रेन आने से पहले व्यवस्थित तरीके से इंतजार कराया जाएगा।

सुरक्षा जांच से लेकर शौचालय और पानी तक की व्यवस्था

होल्डिंग एरिया में यात्रियों की सुविधा के लिए बैग स्कैनर, अतिरिक्त रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के जवान, 150 से अधिक महिला और पुरुष शौचालय, RO पीने का पानी और अतिरिक्त टिकट काउंटर उपलब्ध कराए गए हैं। सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने के लिए भी विशेष इंतजाम किए गए हैं।

ट्रेन के समय के अनुसार प्लेटफॉर्म पर भेजे जाएंगे यात्री

रेलवे की रणनीति के मुताबिक, यात्रियों को उनकी ट्रेन के निर्धारित आगमन समय के अनुसार होल्डिंग एरिया से प्लेटफॉर्म की ओर भेजा जाएगा। इससे एक साथ बड़ी संख्या में लोगों के प्लेटफॉर्म पर पहुंचने की स्थिति को नियंत्रित किया जा सकेगा। रेलवे को उम्मीद है कि इन व्यवस्थाओं से दिवाली और छठ के दौरान भगदड़ जैसी घटनाओं की आशंका कम होगी और यात्रियों का सफर अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित बनेगा।

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