
Ayodhya Kashi Mathura Bomb Threat : उत्तर प्रदेश में दीपावली से पहले धमकी भरे ई-मेल सामने आने के बाद सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ गई है। खालिस्तान नेशनल आर्मी के नाम से भेजे गए इन संदेशों में अयोध्या, काशी और मथुरा सहित कई संवेदनशील स्थानों पर बम धमाके करने की चेतावनी दी गई है। ई-मेल में 8 नवंबर से 27 नवंबर के बीच हमलों को अंजाम देने की बात कही गई है। धमकी मिलने के बाद पुलिस प्रशासन और खुफिया एजेंसियों ने सतर्कता बढ़ा दी है।
स्कूलों को ई-मेल भेजकर बच्चों को घर रखने की चेतावनी
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, अयोध्या में आईसीएसई बोर्ड से संचालित एक स्कूल को धमकी भरा ई-मेल मिला है। इसके अलावा अंबेडकरनगर जिले के दो स्कूलों को भी इसी तरह के संदेश भेजे गए हैं। ई-मेल में बच्चों की सुरक्षा का हवाला देते हुए अभिभावकों को 8 से 27 नवंबर के बीच अपने बच्चों को स्कूल नहीं भेजने की चेतावनी दी गई है। संदेश सामने आने के बाद स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों के बीच चिंता का माहौल है। संबंधित एजेंसियां ई-मेल की गंभीरता और उसकी विश्वसनीयता की जांच कर रही हैं।
धमकी भरे संदेश में 1984 के सिख दंगों का जिक्र
जांच के दायरे में आए ई-मेल में वर्ष 1984 के सिख विरोधी दंगों का भी उल्लेख किया गया है। संदेश में कथित तौर पर ‘खून का बदला खून’ जैसी भड़काऊ भाषा का इस्तेमाल किया गया है। इसके साथ ही सिख नक्सली कार्रवाई का जिक्र करते हुए धमाकों की चेतावनी दी गई है। हालांकि, किसी संगठन के नाम से संदेश भेजे जाने का मतलब यह नहीं है कि उस संगठन की इसमें वास्तविक भूमिका है। सुरक्षा एजेंसियां इस पहलू की भी पड़ताल कर रही हैं।
अयोध्या, वाराणसी और मथुरा को बनाया गया निशाना
धमकी भरे ई-मेल में उत्तर प्रदेश के तीन प्रमुख धार्मिक शहरों अयोध्या, वाराणसी और मथुरा का नाम लिया गया है। संदेश में इन शहरों के मंदिरों, स्कूलों और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों को निशाना बनाने की बात कही गई है। इन शहरों में धार्मिक गतिविधियों और श्रद्धालुओं की आवाजाही को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा शुरू कर दी है। खासतौर पर दीपावली के बाद होने वाले धार्मिक आयोजनों को ध्यान में रखते हुए पुलिस को अतिरिक्त सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
यूपी एटीएस और साइबर सेल ने शुरू की जांच
धमकी की सूचना मिलने के बाद अयोध्या की साइबर सेल ने मामले की तकनीकी जांच शुरू कर दी है। उत्तर प्रदेश आतंकवाद निरोधक दस्ता (ATS) को भी पड़ताल में लगाया गया है। जांच एजेंसियां ई-मेल के स्रोत, इस्तेमाल किए गए डिजिटल नेटवर्क और संदेश भेजने वाले व्यक्ति की पहचान करने का प्रयास कर रही हैं। इसके साथ ही यह पता लगाया जा रहा है कि अलग-अलग स्कूलों को भेजे गए ई-मेल एक ही स्रोत से आए हैं या इनके पीछे अलग-अलग लोग हैं।
वाराणसी में मंदिरों और घाटों पर बढ़ाई गई निगरानी
धमकी के बाद वाराणसी में पुलिस प्रशासन ने सार्वजनिक स्थानों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। मंदिरों, गंगा घाटों, बाजारों और शहर के प्रवेश मार्गों पर अतिरिक्त सतर्कता बरती जा रही है। होटल, लॉज और धर्मशालाओं में ठहरने वाले लोगों के पहचान पत्रों की जांच पर भी जोर दिया गया है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में पुलिस की सक्रियता बढ़ाई गई है, ताकि किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर तत्काल कार्रवाई की जा सके।
अभी तक कहीं बम मिलने या विस्फोट की पुष्टि नहीं
फिलहाल इस मामले में सामने आई जानकारी धमकी भरे ई-मेल और उसके बाद बढ़ाई गई सुरक्षा व्यवस्था से संबंधित है। किसी स्कूल, मंदिर या सार्वजनिक स्थान पर बम मिलने अथवा विस्फोट होने की पुष्टि नहीं हुई है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि ई-मेल में दी गई चेतावनी वास्तविक खतरे से जुड़ी है या लोगों में भय और दहशत फैलाने की कोशिश है।दीपावली से पहले सामने आई इस धमकी ने उत्तर प्रदेश के सुरक्षा तंत्र को सतर्क कर दिया है। अब सबकी नजर जांच एजेंसियों की कार्रवाई और ई-मेल भेजने वालों की पहचान पर टिकी है।











