
Delhi NCR Pollution: दिल्ली-एनसीआर में मौसम के बदलते मिजाज के साथ प्रदूषण का स्तर एक बार फिर खतरनाक स्थिति में पहुंच गया है। सुबह और शाम के वक्त छाने वाले घने कोहरे और स्मॉग ने न केवल विजिबिलिटी को प्रभावित किया है, बल्कि लोगों की सांसों पर भी संकट गहरा दिया है। बिगड़ते हालात को काबू में करने के लिए राजधानी में कड़े प्रतिबंधों का दौर शुरू हो चुका है।
वायु गुणवत्ता (AQI) की डरावनी स्थिति

केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के अनुसार, शनिवार (7 नवंबर) की सुबह 6 बजे दिल्ली का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 366 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ श्रेणी में आता है। हालात का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि शहर के 15 से अधिक इलाकों में AQI 400 के पार यानी ‘गंभीर’ (Severe) श्रेणी में पहुंच गया है।
प्रमुख इलाकों में दर्ज किया गया AQI
आईआईटी दिल्ली: 442
पंजाबी बाग: 433
विवेक विहार: 427
जहांगीरपुरी: 421
इसके अलावा डीयू नार्थ कैंपस, द्वारका सेक्टर-8, आरके पुरम, रोहिणी, बवाना, नरेला, पटपड़गंज और नजफगढ़ जैसे क्षेत्रों में भी स्थिति बेहद चिंताजनक बनी हुई है।
मौसम का मिजाज और तापमान

भारतीय मौसम विभाग (IMD) के मुताबिक, शुक्रवार को दिल्ली का अधिकतम तापमान 30.5 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 17.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो सामान्य से थोड़ा अधिक था। पालम इलाके में सबसे कम न्यूनतम तापमान 16.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि हवा में नमी का स्तर 56 से 98 प्रतिशत के बीच रहा।
मौसम विभाग का अनुमान है कि आज अधिकतम तापमान 28 से 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 15 से 17 डिग्री सेल्सियस के बीच रह सकता है। सुबह और रात के समय कोहरा और स्मॉग छाया रहेगा, हालांकि दिन में खिली धूप निकलने की संभावना है। उत्तर-पश्चिम दिशा से 10-15 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलने वाली हवाओं के बीच अगले 2 से 3 दिनों तक मौसम का यह हाल ऐसा ही बना रहने की उम्मीद है।
क्या लगी हैं पाबंदियां?

प्रदूषण के स्तर को गंभीर होता देख अधिकारियों ने दिल्ली-एनसीआर में GRAP-3 (ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान) लागू कर दिया है। इसके तहत निम्नलिखित कड़े कदम उठाए गए हैं, पूरे दिल्ली-एनसीआर में BS-III पेट्रोल और BS-IV डीजल चार पहिया वाहनों के संचालन पर पूरी तरह रोक लगा दी गई है। कक्षा 5 तक के छोटे बच्चों की पढ़ाई को ऑनलाइन मोड में शिफ्ट कर दिया गया है। इसके अलावा सरकारी और निजी दफ्तरों में 50 प्रतिशत कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम (घर से काम) का प्रावधान किया गया है। शहर में किसी भी तरह की कंस्ट्रक्शन और डिमोललेशन (तोड़फोड़) गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध लगा दिया गया है।
बढ़ते प्रदूषण और जहरीली हवा के प्रभाव से बचने के लिए अब सार्वजनिक स्थलों पर मास्क लगाना अनिवार्य कर दिया गया है।प्रदूषण के इस खतरनाक स्तर को देखते हुए स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को सलाह दी है कि वे सुबह और शाम के वक्त बेवजह घर से बाहर निकलने से बचें और सुरक्षात्मक उपायों का कड़ाई से पालन करें।











