Delhi Fire: दिल्ली में ‘अग्नि-तांडव’ के बाद जागी सरकार, CTI ने सुरक्षा मानकों के सख्त ऑडिट की उठाई मांग

दिल्ली के मालवीय नगर में एक होटल में लगी भीषण आग में 21 लोगों की मौत के बाद हड़कंप मच गया है। CTI ने दिल्ली सरकार से सभी होटलों और रेस्टोरेंट में तत्काल फायर सेफ्टी ऑडिट और सख्त सुरक्षा दिशा-निर्देश लागू करने की मांग की है। बिना एनओसी (NOC) के चल रहे प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई और सुरक्षा के नए नियमों पर जोर दिया गया है।

Delhi Fire

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 4, 2026

Delhi Fire: दिल्ली के मालवीय नगर स्थित एक होटल-रेस्टोरेंट में लगी भीषण आग ने राजधानी को झकझोर कर रख दिया है। इस दुखद हादसे में 21 लोगों की जान जाने के बाद अब दिल्ली के तमाम होटलों, रेस्टोरेंट्स और सार्वजनिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था पर बड़े प्रश्नचिह्न खड़े हो गए हैं। इस भयावह घटना के बाद व्यापारियों के शीर्ष संगठन ‘चैंबर ऑफ ट्रेड एंड इंडस्ट्री’ (CTI) ने तुरंत हरकत में आते हुए दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता को एक पत्र लिखा है। CTI ने राजधानी के सभी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों और सिनेमा हॉल में अग्नि सुरक्षा मानकों की तत्काल समीक्षा और ऑडिट की पुरजोर मांग की है।

एनओसी के बिना चल रहा था होटल

बताते चले कि, CTI के चेयरमैन बृजेश गोयल ने इस हादसे के पीछे बड़ी प्रशासनिक चूक का आरोप लगाया है। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि संबंधित रेस्टोरेंट के पास फायर विभाग की एनओसी (NOC) तक नहीं थी। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि जब वहां केवल छह कमरों की मंजूरी थी, तो 25 कमरे अवैध रूप से कैसे संचालित हो रहे थे? बृजेश गोयल ने साफ कहा कि इस त्रासदी के लिए केवल रेस्टोरेंट संचालक ही नहीं, बल्कि फायर विभाग, एमसीडी और बिजली विभाग के वे अधिकारी भी बराबर के जिम्मेदार हैं, जिन्होंने अपनी आंखों के सामने हो रहे नियमों के उल्लंघन पर चुप्पी साधे रखी। उन्होंने ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।

CTI का आठ-सूत्रीय सुरक्षा ब्लूप्रिंट

भविष्य में इस तरह की त्रासदियों को रोकने के लिए CTI ने मुख्यमंत्री को आठ बिंदुओं वाली एक विस्तृत सुरक्षा गाइडलाइन सौंपी है। इन सुझावों में किचन की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है, जिसमें ऑटोमैटिक फायर सप्रेशन सिस्टम, एग्जॉस्ट हुड की सफाई और गैस लीक डिटेक्टर अनिवार्य करने की बात कही गई है। विद्युत सुरक्षा के लिए एमसीबी (MCB) और ईएलसीबी (ELCB) को अनिवार्य करने के साथ ही हर छह महीने में वायरिंग ऑडिट का सुझाव दिया गया है। फायर फाइटिंग के लिए स्प्रिंकलर सिस्टम, स्मोक डिटेक्टर और फायर अलार्म को अनिवार्य करने पर जोर दिया गया है।

स्टाफ प्रशिक्षण और निकास मार्ग की सुरक्षा

CTI ने कर्मचारियों की सुरक्षा और प्रशिक्षण को लेकर भी विशेष सुझाव दिए हैं। संगठन का मानना है कि हर महीने होटल स्टाफ के साथ ‘मॉक ड्रिल’ कराई जानी चाहिए ताकि आग लगने की स्थिति में वे प्राथमिक प्रतिक्रिया देने में सक्षम हों। इमरजेंसी एग्जिट को लेकर भी कड़े मानक सुझाए गए हैं, जिसमें कम से कम दो सुरक्षित निकास मार्ग और बैटरी बैकअप वाली इमरजेंसी लाइटें अनिवार्य होनी चाहिए। साथ ही, निकास द्वारों को कभी भी बंद नहीं करने और ज्वलनशील सजावटी सामग्री के उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने की वकालत की गई है।

अब और लापरवाही बर्दाश्त नहीं

CTI का मानना है कि यदि इन सुझावों को दिल्ली के सभी होटल, बैंक्वेट हॉल और सिनेमाघरों में सख्ती से लागू किया जाए, तो ऐसी जानलेवा दुर्घटनाओं को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। संगठन ने दिन की समाप्ति पर गैस और बिजली की अनिवार्य जांच और फायर एनओसी के नियमित नवीनीकरण पर जोर दिया है। यदि समय रहते इन सुरक्षा मानकों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित किया गया, तो ही भविष्य में ऐसी दर्दनाक मौतों को रोका जा सकेगा। अब गेंद दिल्ली सरकार के पाले में है कि वह इन सुझावों को कितनी गंभीरता से लेती है।