Delhi Fire: राजधानी दिल्ली के औद्योगिक क्षेत्रों में आग लगने की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। शुक्रवार सुबह नरेला औद्योगिक क्षेत्र के ए-ब्लॉक स्थित एक जूता बनाने वाली फैक्टरी में भीषण आग लग गई। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते पूरी इमारत से धुएं का काला गुबार निकलने लगा, जिससे आसपास के इलाके में अफरा-तफरी और दहशत का माहौल पैदा हो गया।
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सुबह-सुबह धधक उठी फैक्टरी

दमकल विभाग के अनुसार, आग लगने की जानकारी सुबह लगभग 7:45 बजे मिली। जैसे ही आग की सूचना मिली, शुरुआत में दमकल की 12 गाड़ियां तुरंत मौके पर रवाना की गईं। हालांकि, जूते बनाने में इस्तेमाल होने वाले ज्वलनशील पदार्थों (जैसे रबर, एडहेसिव और प्लास्टिक) के कारण आग तेजी से फैलती चली गई। स्थिति की गंभीरता और आग की लपटों को देखते हुए बाद में 4 और गाड़ियां मंगवाई गईं, जिससे कुल 16 गाड़ियां राहत और बचाव कार्य में जुट गईं।
मजदूरों की सूझबूझ से टला बड़ा हादसा
जिस समय फैक्टरी में आग लगी, उस वक्त वहां कई मजदूर काम कर रहे थे। आग की लपटें देखकर मजदूरों में चीख-पुकार मच गई। गनीमत यह रही कि आग पूरी तरह फैलने से पहले ही समय रहते सभी मजदूरों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इस त्वरित कार्रवाई की वजह से एक बहुत बड़ी जनहानि टल गई और अभी तक किसी के हताहत होने या घायल होने की सूचना नहीं है।
राहत कार्य और प्रशासनिक निगरानी
दमकल कर्मी घंटों से आग पर काबू पाने की मशक्कत कर रहे हैं। नरेला जैसे घने औद्योगिक क्षेत्र में आग लगने पर सबसे बड़ी चुनौती इसे आसपास की अन्य फैक्ट्रियों में फैलने से रोकना होता है। इसके लिए दमकल विभाग ने एहतियाती कदम उठाए और आसपास की इमारतों को खाली करा लिया गया है।
मौके पर स्थानीय पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी भी पहुंच चुके हैं, जो राहत कार्य की निगरानी कर रहे हैं। पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर दी है ताकि बचाव कार्य में कोई बाधा न आए।
आग लगने का कारण और जांच के आदेश
फिलहाल आग लगने के सटीक कारणों का आधिकारिक खुलासा नहीं हो सका है। प्राथमिक अनुमान के तौर पर शॉर्ट सर्किट या किसी मशीनरी में तकनीकी खराबी को वजह माना जा रहा है। हालांकि, प्रशासन ने इस पूरी घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। जांच टीम यह भी देखेगी कि क्या फैक्टरी में अग्नि सुरक्षा (Fire Safety) के पर्याप्त इंतजाम थे और क्या बिल्डिंग के पास जरूरी एनओसी (NOC) उपलब्ध थी।
जूता फैक्टरी होने के कारण अंदर रखे कच्चे माल और तैयार माल के जलने से लाखों रुपये के नुकसान की आशंका जताई जा रही है। दमकल विभाग का कहना है कि आग पर लगभग काबू पा लिया गया है और अब ‘कूलिंग’ की प्रक्रिया चल रही है।









