Delhi Bike Accident: गड्ढे में गिरकर युवक की मौत, जल बोर्ड और ठेकेदार जिम्मेदार

दिल्ली के जनकपुरी इलाके में दिल्ली जल बोर्ड द्वारा सड़क पर खोदे गए गहरे गड्ढे में गिरकर 25 वर्षीय बैंक कर्मचारी कमल ध्यानी की मौत हो गई।

Delhi Bike Accident

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

फ़रवरी 7, 2026

Delhi Bike Accident: नोएडा में सॉफ्टवेयर इंजीनियर युवराज की मौत को अभी कुछ ही दिन हुए थे कि दिल्ली में एक और दर्दनाक हादसा सामने आ गया। जनकपुरी इलाके में 25 वर्षीय कमल ध्यानी, जो एक प्राइवेट बैंक में असिस्टेंट मैनेजर थे, अपनी बाइक के साथ सड़क पर बने गहरे गड्ढे में गिर गए और उनकी मौत हो गई।

Delhi News: नोएडा के बाद दिल्ली में दर्दनाक हादसा, गड्ढे ने ली बाइक सवार की जान

आखिरी कॉल और अधूरा वादा

कमल ने रात करीब पौने 12 बजे घर फोन कर कहा था कि वह 10 मिनट में पहुंच जाएंगे। लेकिन जोगिंदर सिंह मार्ग पर दिल्ली जल बोर्ड का गड्ढा उनकी राह में मौत बनकर खड़ा था। बैरिकेडिंग और चेतावनी बोर्ड के अभाव में वह अपनी बाइक समेत सीधे गड्ढे में जा गिरे।

अंधेरा और लापरवाह सिस्टम

सड़क पर पर्याप्त रोशनी नहीं थी और गड्ढा अचानक सामने आ गया। हेलमेट पहनने के बावजूद गंभीर चोटों और समय पर मदद न मिलने के कारण कमल की जान चली गई। आरोप है कि मौके पर न तो बैरिकेडिंग थी और न ही कोई चेतावनी चिन्ह।

परिवार की पीड़ा

कमल के परिजन पूरी रात दिल्ली के अलग-अलग थानों में उन्हें ढूंढते रहे। अंततः फायर ब्रिगेड की मदद से उन्हें बाहर निकाला गया और अस्पताल ले जाया गया, जहां उनकी मौत हो गई।

FIR और सरकारी कार्रवाई

दिल्ली पुलिस ने BNS की धारा 105 के तहत मामला दर्ज किया है। FIR में दिल्ली जल बोर्ड की लापरवाही दर्ज की गई है। दिल्ली सरकार ने तीन अधिकारियों को निलंबित कर दिया। हालांकि सवाल उठ रहे हैं कि यह कार्रवाई केवल खानापूर्ति है।

पुलिस की उदासीनता

परिवार का आरोप है कि पुलिस लोकेशन ट्रेस करने का दावा करती रही लेकिन मौके पर नहीं पहुंची। अगर पुलिस समय पर सक्रिय होती तो शायद कमल की जान बच सकती थी।

राजनीतिक सवाल और जिम्मेदारी

यह हादसा केवल एक दुर्घटना नहीं बल्कि सिस्टम की विफलता है। जल बोर्ड ने गड्ढा खोदकर छोड़ दिया, पुलिस ने समय पर कार्रवाई नहीं की और नेताओं ने केवल बयानबाजी की। मंत्री आशीष सूद, जो इसी इलाके के विधायक भी हैं, ने केवल अधिकारियों को निलंबित कर खानापूर्ति की।

गैर-इरादतन हत्या का सवाल

कई लोग पूछ रहे हैं कि अधिकारियों और पुलिस पर गैर-इरादतन हत्या का मामला क्यों नहीं दर्ज होना चाहिए। आखिरकार यह लापरवाही ही एक इंसान की मौत का कारण बनी।

Delhi: दिल्ली में लापता लोगों का भयावह आंकड़ा, 36 दिनों में 2,475 गुम, परिजन परेशान