Delhi Bakrid Guidelines 2026: दिल्ली सरकार ने आगामी त्योहार बकरीद (ईद-उल-अजहा) के मद्देनजर कानून-व्यवस्था, स्वच्छता और सौहार्दपूर्ण माहौल बनाए रखने के लिए एक महत्वपूर्ण और कड़ा कदम उठाया है। सरकार की ओर से जारी एक नई और विस्तृत एडवाइजरी में स्पष्ट किया गया है कि राष्ट्रीय राजधानी के भीतर किसी भी सड़क, गली, पार्क या सार्वजनिक स्थान पर पशुओं की कुर्बानी नहीं दी जा सकेगी। नियमों का उल्लंघन करने वाले लोगों के खिलाफ प्रशासन बेहद सख्त रुख अपनाएगा और ऐसे व्यक्तियों पर तत्काल कानूनी व आपराधिक कार्रवाई की जाएगी।
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प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी पूरी तरह गैरकानूनी
दिल्ली सरकार ने अपनी नई गाइडलाइंस में यह साफ कर दिया है कि किन जानवरों की कुर्बानी पर पूरी तरह से कानूनी प्रतिबंध रहेगा। आदेश के मुताबिक, दिल्ली में गाय, बछड़ा, ऊंट और अन्य सभी कानूनी रूप से प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी देना पूरी तरह से गैरकानूनी और दंडनीय अपराध की श्रेणी में आएगा। सरकार ने चेतावनी दी है कि यदि कोई भी व्यक्ति इन प्रतिबंधित पशुओं की कुर्बानी देते हुए या इसमें संलिप्त पाया गया, तो उसके खिलाफ पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और अन्य संबंधित धाराओं के तहत सीधे आपराधिक मामला (क्रिमिनल केस) दर्ज कर जेल भेजा जाएगा।
सड़कों और पार्कों में कुर्बानी पर पूर्ण पाबंदी
सरकार ने सार्वजनिक व्यवस्था और स्वच्छता को प्राथमिकता देते हुए नियमों को कड़ा किया है। नए दिशा-निर्देशों के अनुसार:
खुले स्थानों पर रोक: राजधानी के किसी भी रिहायशी इलाके, सार्वजनिक पार्क, मुख्य सड़कों, संकरी गलियों या किसी भी खुली सरकारी व निजी जमीन पर खुलेआम कुर्बानी देने की इजाजत नहीं होगी।
चिह्नित स्थलों का प्रयोग: समुदाय के लोगों को केवल प्रशासन द्वारा तय और अधिकृत किए गए विशेष स्थलों या उनके निजी दायरे के भीतर ही यह प्रक्रिया पूरी करनी होगी।
स्वच्छता नियमों का कड़ा पालन
बकरीद के दौरान अक्सर सामने आने वाली गंदगी और सीवर जाम की समस्याओं से निपटने के लिए दिल्ली सरकार ने इस बार विशेष सफाई अभियान और कड़े नियमों का खाका तैयार किया है। सरकार ने साफ शब्दों में कहा है कि कुर्बानी की प्रक्रिया के बाद निकलने वाले पशुओं के अवशेष, रक्त या किसी भी प्रकार के कचरे को नालियों, सीवर लाइनों, खुले मैदानों या कचरा डंपिंग यार्डों में खुलेआम फेंकने पर पूरी तरह से प्रतिबंध रहेगा।
नगर निगम और संबंधित विभागों को निर्देश दिए गए हैं कि वे इन अवशेषों के सुरक्षित और वैज्ञानिक निपटान (Disposal) के लिए उचित व्यवस्था करें। जो भी नागरिक स्वच्छता के इन कड़े नियमों को तोड़कर पर्यावरण और सार्वजनिक स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचाएगा, उस पर भारी जुर्माना लगाने के साथ-साथ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।
प्रशासन और दिल्ली पुलिस को अलर्ट मोड पर रहने के सख्त निर्देश
इस पूरी व्यवस्था को धरातल पर कड़ाई से लागू करने के लिए सरकार ने पुलिस और प्रशासनिक अमले को पूरी तरह मुस्तैद रहने को कहा है। मंत्री कपिल मिश्रा ने उच्च स्तरीय बैठक में अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि त्योहार के दौरान अवैध रूप से होने वाले पशु परिवहन (Illegal Animal Transport), गैरकानूनी रूप से चलने वाले बूचड़खानों और पशु क्रूरता की घटनाओं पर चौबीसों घंटे पैनी नजर रखी जाए और सूचना मिलते ही त्वरित एक्शन लिया जाए।
दिल्ली पुलिस को संवेदनशील इलाकों में गश्त बढ़ाने और सीसीटीवी के जरिए निगरानी रखने को कहा गया है। दिल्ली सरकार ने राजधानी के तमाम नागरिकों और धर्मगुरुओं से अपील की है कि वे बकरीद के इस मुकद्दस त्योहार को शांति, भाईचारे और सौहार्द के साथ मनाएं और सरकार द्वारा जनहित में जारी की गई इस गाइडलाइन के सभी बिंदुओं का अक्षरशः पालन कर देश की राजधानी को स्वच्छ और सुरक्षित बनाए रखने में अपना सहयोग दें।










