Delhi Airport Advisory: पश्चिम एशिया (मिडल ईस्ट) में गहराते भू-राजनीतिक तनाव और युद्ध जैसी स्थितियों का सीधा असर अब भारतीय विमानन क्षेत्र पर दिखने लगा है। दिल्ली इंटरनेशनल एयरपोर्ट लिमिटेड (DIAL) ने बुधवार को अंतरराष्ट्रीय यात्रियों के लिए एक चेतावनी जारी की है। वहीं, सार्वजनिक क्षेत्र की दिग्गज एयरलाइन एयर इंडिया ने विमान ईंधन की कीमतों में उछाल के कारण हवाई किराए में बढ़ोतरी का संकेत देते हुए फ्यूल सरचार्ज लागू करने का फैसला किया है।
Share Market: डोनाल्ड ट्रंप के बयान और तेल की गिरती कीमतों के बीच सेंसेक्स-निफ्टी में कोहराम
DIAL की नई ट्रैवल एडवाइजरी
बताते चले कि, दिल्ली एयरपोर्ट ऑपरेटर (DIAL) ने एक आधिकारिक परामर्श जारी करते हुए यात्रियों को सचेत किया है कि मध्य पूर्व के मौजूदा घटनाक्रमों के कारण पश्चिम की ओर जाने वाली उड़ानों के समय में परिवर्तन या देरी हो सकती है। इंटरनेशनल फ्लाइट ऑपरेशंस से जुड़ी इस अनिश्चितता को देखते हुए यात्रियों को सलाह दी गई है कि वे घर से निकलने से पहले संबंधित एयरलाइंस से संपर्क करें। एयरपोर्ट अथॉरिटी ने रीयल-टाइम अपडेट के लिए अपनी वेबसाइट और इमिग्रेशन सहायता के लिए FRRO के संपर्क सूत्र भी साझा किए हैं, ताकि यात्रियों को कम से कम असुविधा हो।
हवाई सफर होगा महंगा
आपको बता दे कि, ईंधन की आसमान छूती कीमतों के बीच एयर इंडिया (Air India) ने घरेलू और अंतरराष्ट्रीय मार्गों पर फ्यूल सरचार्ज में चरणबद्ध बढ़ोतरी का ऐलान किया है। एयरलाइन के मुताबिक, खाड़ी क्षेत्र में अस्थिरता के कारण मार्च 2026 की शुरुआत से ही एविएशन टर्बाइन फ्यूल (ATF) की आपूर्ति बाधित हुई है, जिससे इसकी लागत में भारी इजाफा हुआ है। चूंकि ईंधन की लागत किसी भी एयरलाइन के कुल परिचालन खर्च का लगभग 40 प्रतिशत होती है, इसलिए परिचालन अर्थशास्त्र (Operational Economics) को संतुलित करने के लिए यह बोझ यात्रियों पर डालना अनिवार्य हो गया है।
मेट्रो शहरों में परिचालन लागत बढ़ने से एयरलाइंस परेशान
विमानन कंपनी ने अपने बयान में स्पष्ट किया कि वैश्विक संकट के अलावा भारत के बड़े महानगरों, जैसे दिल्ली और मुंबई में ATF पर भारी एक्साइज ड्यूटी और वैट (VAT) के कारण स्थिति और भी चुनौतीपूर्ण हो गई है। यह नया सरचार्ज तीन चरणों में लागू किया जाएगा, जो एयर इंडिया के साथ-साथ ‘एयर इंडिया एक्सप्रेस’ की उड़ानों पर भी प्रभावी होगा। विशेषज्ञों का मानना है कि करों के इस ऊंचे स्तर और अंतरराष्ट्रीय सप्लाई चेन में रुकावट के कारण आने वाले समय में हवाई टिकटों की कीमतों में और अधिक उछाल देखा जा सकता है।
पश्चिम एशिया में गहराता युद्ध
विमानन क्षेत्र में मची इस हलचल की मुख्य जड़ पश्चिम एशिया का भीषण संघर्ष है। 28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमले में ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई की मृत्यु के बाद से क्षेत्र में तनाव चरम पर है। जवाबी कार्रवाई में ईरान के रिवोल्यूशन गार्ड्स कॉर्प्स (IRGC) ने ‘ट्रू प्रॉमिस 4’ (True Promise 4) नामक सैन्य अभियान शुरू किया है। मंगलवार देर रात इस ऑपरेशन की 37वीं लहर के तहत इजरायली और अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर हमले किए गए, जिससे अंतरराष्ट्रीय हवाई मार्गों की सुरक्षा और ईंधन की आपूर्ति पर गंभीर संकट मंडरा रहा है।
गाजियाबाद में मार्च की शुरुआत से ही गर्मी का कहर, प्रदूषण और बिजली कटौती ने बढ़ाई परेशानी










