Delhi Pollution: राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में बारिश का असर खत्म होते ही वायु प्रदूषण ने एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ा दी है। सोमवार सुबह शहर के कई इलाकों में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) बेहद खराब से गंभीर श्रेणी में पहुंच गया। कुछ निगरानी केंद्रों पर एक्यूआई 400 के पार दर्ज किया गया। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (CPCB) के आंकड़ों के मुताबिक, सुबह आठ बजे दिल्ली का औसत एक्यूआई 310 रहा, जबकि कई इलाकों में स्थिति इससे कहीं ज्यादा खराब थी। पिछले तीन दिनों के मुकाबले प्रदूषण का स्तर बढ़ने से प्रशासन ने भी निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है।
Delhi Air Pollution : दिल्ली में GRAP का सख्त पहरा, 24 घंटे में 714 वाहनों
कई इलाकों में गंभीर श्रेणी के करीब पहुंचा AQI
सोमवार सुबह दिल्ली के अलग-अलग हिस्सों में प्रदूषण का स्तर अलग-अलग दर्ज किया गया। रोहिणी में एक्यूआई 396 तक पहुंच गया, जो गंभीर श्रेणी की सीमा के बेहद करीब है। अलीपुर में 375, विवेक विहार में 370 और नरेला में 363 एक्यूआई दर्ज किया गया। चांदनी चौक में यह आंकड़ा 358 रहा।
अक्षरधाम मंदिर और आईटीओ के आसपास एक्यूआई 349 दर्ज हुआ। जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में 343, इंडिया गेट और जनपथ में 335 तथा बुराड़ी में 308 एक्यूआई रिकॉर्ड किया गया। वहीं, आया नगर में 276, आईजीआई एयरपोर्ट टर्मिनल-3 पर 263 और आनंद विहार में 242 एक्यूआई दर्ज हुआ। इन आंकड़ों से साफ है कि राजधानी के अलग-अलग इलाकों में हवा की गुणवत्ता एक समान नहीं है।
प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों पर पर्यावरण विभाग की नजर
दिल्ली के पर्यावरण मंत्री मंजिंदर सिंह सिरसा ने बताया कि प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए विशेष प्रवर्तन टीमें लगातार काम कर रही हैं। उन्होंने सोशल मीडिया मंच एक्स पर एक नवंबर को चलाए गए अभियान का ब्योरा साझा किया। उनके अनुसार, प्रदूषण फैलाने वाले वाहनों की जांच के साथ निर्माण स्थलों पर धूल नियंत्रण के उपायों का भी निरीक्षण किया गया।
मंत्री ने बताया कि एक नवंबर को कुल 14,930 वाहनों की जांच की गई। इस दौरान वैध प्रदूषण नियंत्रण प्रमाणपत्र (PUCC) नहीं रखने या नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों के खिलाफ 566 चालान जारी किए गए। इसके अलावा धूल नियंत्रण के नियमों की जांच के लिए 300 निर्माण स्थलों का निरीक्षण किया गया।
GRAP नियमों के उल्लंघन पर ट्रैफिक पुलिस की कार्रवाई
वायु प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने भी ग्रेडेड रिस्पॉन्स एक्शन प्लान (GRAP) के नियमों को लागू कराने के लिए निगरानी बढ़ा दी है। खासतौर पर दिल्ली की सीमाओं पर वाहनों की जांच की जा रही है, ताकि प्रतिबंधित श्रेणी के वाहन राजधानी में प्रवेश न कर सकें।
दिल्ली ट्रैफिक पुलिस के मुताबिक, एक नवंबर को आधी रात से रात आठ बजे तक कुल 7,279 वाहनों की जांच की गई। नियमों का उल्लंघन करने वाले 714 वाहनों को दिल्ली की सीमाओं से वापस भेज दिया गया। वहीं, 38 वाहनों को मौके पर जब्त किया गया और 10 वाहनों के चालान काटे गए।
पड़ोसी जिलों के साथ समन्वय, सीमाओं पर बढ़ाई निगरानी

GRAP के नियमों को प्रभावी तरीके से लागू कराने के लिए दिल्ली पुलिस ने आसपास के जिलों के पुलिस अधिकारियों के साथ समन्वय बैठक भी की। इसका उद्देश्य सीमावर्ती इलाकों में निगरानी को बेहतर बनाना और नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों की आवाजाही रोकना है।
पुलिस की ओर से लोगों को जागरूक करने के लिए प्रिंट मीडिया, सोशल मीडिया, रेडियो और दिल्ली के बॉर्डर पर लगाए गए सूचना बोर्डों का सहारा लिया जा रहा है। नागरिकों से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों का वैध पीयूसीसी बनवाकर रखें और प्रदूषण नियंत्रण से जुड़े नियमों का पालन करें।
निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के निर्देश

प्रदूषण नियंत्रण अभियान में निर्माण स्थलों से उड़ने वाली धूल को भी प्रमुखता से शामिल किया गया है। पर्यावरण विभाग की टीमें निर्माण स्थलों पर जाकर नियमों के पालन की जांच कर रही हैं। प्रशासन का जोर है कि धूल को नियंत्रित करने के उपाय अपनाए जाएं और नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो। बारिश के बाद दिल्ली में प्रदूषण का स्तर बढ़ने से एक बार फिर हवा की गुणवत्ता पर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में प्रशासन की कार्रवाई के साथ आम लोगों की भागीदारी भी जरूरी है।
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