Dehradun Vikasnagar Ruckus: उत्तराखंड में बवाल, देहरादून में आगजनी, हाईवे जाम, इंटरनेट पर रोक

बिहार के छात्र आंदोलन के बाद अब उत्तराखंड के देहरादून (विकासनगर) में स्थिति बेहद तनावपूर्ण हो गई है। पानी के विवाद में एक युवक की हत्या के बाद भड़की उग्र भीड़ ने आरोपी के घर में आगजनी, तोड़फोड़ और भारी पथराव किया है।

Dehradun Vikasnagar Ruckus

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 14, 2026

Dehradun Vikasnagar Ruckus: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के विकासनगर में एक युवक की निर्मम हत्या के बाद हालात बेकाबू हो गए हैं। खेत में ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद अब एक बड़े सांप्रदायिक और सामाजिक तनाव में तब्दील हो चुका है। वारदात के विरोध में दो गुटों के बीच जमकर पथराव, आगजनी और तोड़फोड़ हुई। उग्र भीड़ ने आरोपी के घर को आग के हवाले कर दिया और बुलडोजर लाकर मकान को ढहा दिया। प्रदर्शनकारियों ने कानून व्यवस्था को चुनौती देते हुए नेशनल हाईवे को पूरी तरह जाम कर दिया है, जिससे पूरे क्षेत्र में स्थिति बेहद संवेदनशील बनी हुई है।

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सिंचाई के पानी का मामूली विवाद और खूनी अंजाम

स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह पूरा विवाद विकासनगर के एक खेत में ट्यूबवेल के पानी से सिंचाई करने को लेकर शुरू हुआ था। निवासियों का आरोप है कि विनोद, राजेश और अशोक नाम के युवकों का पूर्व प्रधान इस्तिपाक के भतीजे इम्तियाज से पानी को लेकर झगड़ा हुआ था।

यह विवाद इतना बढ़ा कि रज्जाक, अमन, यूनूस और अनीस समेत 20-25 लोगों की हिंसक भीड़ ने तीनों युवकों पर धारदार हथियारों, लाठी-डंडों और हथौड़ों से जानलेवा हमला कर दिया। इस बर्बर हमले में विनोद गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। इस मौत की खबर फैलते ही पूरा विकासनगर सुलग उठा।

विकासनगर बना छावनी

विकासनगर में भड़के इस भारी बवाल और तनाव को देखते हुए प्रशासन ने एहतियातन पूरे देहरादून जिले में इंटरनेट सेवाओं को अस्थायी रूप से सस्पेंड (बंद) कर दिया है ताकि सोशल मीडिया पर कोई अफवाह न फैले। पूरे इलाके को छावनी में तब्दील कर भारी संख्या में पुलिस और पैरामिलिट्री फोर्स तैनात की गई है। उग्र भीड़ को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े, लेकिन गुस्से से लाल प्रदर्शनकारियों ने पुलिस पर ही पथराव कर दिया और उन्हें इस मामले से दूर रहने की चेतावनी दे डाली। इस हिंसक पथराव और आमने-सामने की झड़प में तीन लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं, जिन्हें नजदीकी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

पुलिसिया लापरवाही का आरोप

प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों और परिजनों का सीधा आरोप है कि पूरी घटना का स्पष्ट सीसीटीवी (CCTV) फुटेज सामने आने के बाद भी स्थानीय पुलिस मूकदर्शक बनी रही और उसने समय रहते मुख्य आरोपियों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। ग्रामीणों के अनुसार, हत्या जैसी खौफनाक वारदात को अंजाम देने के बाद भी आरोपी इलाके में सरेआम खुलेआम घूम रहे थे, जिससे जनता का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया।

प्रदर्शनकारियों ने दो टूक शब्दों में अपनी मांगें प्रशासन के सामने रख दी हैं, जब तक मुख्य आरोपियों का पुलिस एनकाउंटर नहीं किया जाता और उनके ठिकानों पर पूरी तरह बुलडोजर नहीं चलाया जाता, तब तक मृतक विनोद का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा।

बढ़ते नागरिक असंतोष और उग्र होते प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस प्रशासन ने आनन-फानन में 12 मुख्य आरोपियों को नामजद करते हुए 20-25 अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस की टीमें लगातार दबिश देकर आरोपियों की धरपकड़ में जुटी हैं, लेकिन हाईवे पर डटे प्रदर्शनकारी अभी भी अपनी सख्त मांगों को लेकर अड़े हुए हैं।

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