Dehradun News: देहरादून में निहंगों को लेकर तनाव, पुलिस-इंटेलिजेंस की चूक पर सवाल

देहरादून में निहंग जत्थे के प्रवेश ने स्थानीय प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। कुल्हाल सीमा और प्रेमनगर में कड़ी निगरानी और बैरिकेडिंग के बावजूद, निहंग सुरक्षा घेरे को चकमा देकर शहर के पटेलनगर थाना क्षेत्र तक पहुंच गए।

Dehradun News

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

जून 26, 2026

Dehradun News: उत्तराखंड के देहरादून में हाल ही में घटी एक घटना ने पुलिस और खुफिया तंत्र की कार्यप्रणाली पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगा दिए हैं। कर्णप्रयाग और रुद्रप्रयाग में उपजे तनाव के मद्देनजर, प्रशासन पहले से ही सतर्क था। निहंग सिखों के उत्तराखंड कूच की सूचना के बाद कुल्हाल सीमा पर भारी पुलिस बल और बैरिकेडिंग की गई थी। इसके बावजूद, एक निहंग जत्थे का शहर के भीतर, विशेषकर पटेलनगर तक पहुंच जाना प्रशासन की सुरक्षा घेराबंदी में बड़ी चूक को दर्शाता है।

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सुरक्षा घेराबंदी और इंटेलिजेंस की विफलता

प्रशासनिक दावों के अनुसार, हिमाचल सीमा से लगे कुल्हाल चेकपोस्ट पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम थे। वाहनों की गहन जांच और भारी पुलिस बल की तैनाती की गई थी। हालांकि, सुरक्षा व्यवस्था मुख्य रूप से सीमावर्ती मार्गों तक ही सीमित रही। निहंग जत्थे ने मुख्य मार्ग के बजाय वैकल्पिक रास्तों का सहारा लिया, जिससे वे आसानी से शहर के भीतर प्रवेश कर गए। यह स्पष्ट रूप से खुफिया तंत्र (Intelligence) की विफलता को उजागर करता है कि स्थानीय पुलिस को जत्थे की सटीक लोकेशन और आवाजाही का पता तब चला, जब वे शहर के संवेदनशील इलाके तक पहुंच चुके थे।

बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़े निहंग

विवाद की जड़ चमोली जिले के कर्णप्रयाग में हुई घटना रही, जिसके बाद निहंगों ने उत्तराखंड कूच का आह्वान किया था। पांवटा साहिब गुरुद्वारे में प्रशासन और निहंगों के बीच हुई वार्ता बेनतीजा रही। इसके बाद स्थिति तब और बिगड़ गई जब 20 से 30 निहंगों ने कुल्हाल चेकपोस्ट पर लगी बैरिकेडिंग को बलपूर्वक तोड़ दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तलवारें लहराते हुए निहंगों ने पुलिस और आईटीबीपी के जवानों के सामने ही देहरादून-पांवटा राजमार्ग का रुख किया। इस दौरान सुरक्षा के लिए खड़े किए गए दो डंपरों में तोड़फोड़ की गई, जिससे मौके पर अफरा-तफरी मच गई।

प्रशासन का हस्तक्षेप और वर्तमान स्थिति

घटना की गंभीरता को देखते हुए डीएम डॉ. आशीष चौहान और एसएसपी प्रमेंद्र सिंह डोबाल भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। प्रेमनगर चौक पर भी अवरोधक लगाए गए थे, लेकिन निहंगों की सटीक लोकेशन को लेकर पुलिस घंटों अंधेरे में रही। हालांकि, बाद में स्थानीय पुलिस ने समझाइश और बातचीत के जरिए उन्हें शहर से वापस भेज दिया। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने पुष्टि की है कि स्थिति अब नियंत्रण में है और शांति व्यवस्था कायम है।

सवाल और चिंताएं

इस पूरी घटना ने न केवल पुलिस के आपसी समन्वय पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि स्थानीय लोगों में भी सुरक्षा को लेकर चिंता पैदा कर दी है। सीमा पर चौकसी के बावजूद जत्थे का शहर के केंद्र तक पहुंचना यह सोचने पर मजबूर करता है कि सुरक्षा तंत्र में कहाँ कमी रह गई। फिलहाल, पुलिस अब किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर पैनी नजर रखे हुए है ताकि भविष्य में ऐसी चूक न हो।

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