Cyber Fraud Alert: PM-CM की फर्जी फोटो से साइबर ठगी, गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

गृह मंत्रालय ने साइबर फ्रॉड को लेकर चेतावनी जारी करते हुए कहा है कि ठग अब प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्रियों और वित्त मंत्री की डीपफेक फोटो व वीडियो का इस्तेमाल करके लोगों को अपना शिकार बना रहे हैं।

Cyber Fraud Alert

Wrriten By :

Nivedita Kasaudhan

Published On :

अक्टूबर 19, 2026

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Cyber Fraud Alert: देशभर में लगातार बढ़ते साइबर अपराधों और ऑनलाइन धोखाधड़ी के मामलों को देखते हुए केंद्रीय गृह मंत्रालय ने एक बेहद गंभीर और जरूरी एडवाइजरी जारी की है। गृह मंत्रालय के अंतर्गत कार्य करने वाली इंडियन साइबर क्राइम कोऑर्डिनेशन सेंटर (I4C) की यूनिट—’नेशनल साइबर क्राइम थ्रेट एनालिटिक्स यूनिट’ ने आम नागरिकों को चेताया है कि साइबर ठग अब देश के प्रधानमंत्री, केंद्रीय मंत्रियों और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्रियों (CM) के नाम और उनकी डीपफेक तस्वीरों व वीडियो का दुरुपयोग करके लोगों को अपना आसान शिकार बना रहे हैं। यह नया तरीका लोगों को भ्रमित करने और बड़े पैमाने पर आर्थिक चूना लगाने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।

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सोशल मीडिया विज्ञापनों और फर्जी योजनाओं का जाल

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गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

जारी की गई एडवाइजरी के मुताबिक, शातिर साइबर अपराधी मुख्य रूप से फेसबुक और इंस्टाग्राम जैसे लोकप्रिय सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर फर्जी विज्ञापन चलाकर भोले-भाले लोगों को अपने जाल में फंसा रहे हैं। इन विज्ञापनों में विभिन्न सरकारी योजनाओं के तहत बड़ी मात्रा में आर्थिक मदद, आसान ऋण या अनुदान देने के लुभावने वादे किए जाते हैं।

इसके बाद ठग इन सरकारी योजनाओं के नाम पर प्रोसेसिंग फीस, टैक्स या रजिस्ट्रेशन चार्ज भरने के बहाने लोगों से पैसे ऐंठते हैं। इतना ही नहीं, स्कैमर्स लोगों को आकर्षित करने के लिए ‘स्क्रैच कार्ड’ और ‘स्पिन एंड विन’ जैसी ऑनलाइन स्कीमों का लालच देकर भारी-भरकम कैशबैक जीतने का झूठा झांसा देते हैं और इस तरह से उन्हें आसानी से बेवकूफ बना लेते हैं।

यूपीआई फ्रॉड और पाकिस्तान के कोड वाले नंबरों से सतर्कता

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गृह मंत्रालय ने जारी किया अलर्ट

एडवाइजरी में इस बात का विशेष रूप से खुलासा किया गया है कि ये अपराधी लोगों को ठगने के लिए यूपीआई (UPI) कलेक्ट रिक्वेस्ट का सहारा लेते हैं। वे लोगों को झांसा देकर ऐसी रिक्वेस्ट को अप्रूव करवाते हैं और जैसे ही पीड़ित व्यक्ति अपना यूपीआई पिन दर्ज करता है, उसके बैंक खाते से पैसे पलक झपकते ही उड़ जाते हैं।

इसके साथ ही, लोगों को यह भी कड़ी चेतावनी दी गई है कि वे पाकिस्तान (+92) या अन्य संदेहास्पद अंतरराष्ट्रीय नंबरों से आने वाली फोन कॉल्स और व्हाट्सएप संदेशों को लेकर अत्यधिक सतर्क रहें और उन्हें पूरी तरह इग्नोर करें। किसी भी सरकारी योजना या उसकी सच्चाई के बारे में पुख्ता जानकारी प्राप्त करने के लिए केवल संबंधित विभाग की आधिकारिक (Official) वेबसाइट का ही उपयोग करें।

व्यक्तिगत और वित्तीय जानकारी साझा न करें

साइबर ठगों से बचने के लिए नागरिकों को सलाह दी गई है कि वे कभी भी अनजान लोगों या फर्जी कॉलर के साथ अपनी संवेदनशील जानकारियां जैसे कि बैंक खाता विवरण, ओटीपी (OTP), यूपीआई पिन या अन्य गुप्त दस्तावेज बिल्कुल साझा न करें।

यदि कोई व्यक्ति किसी साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो जाता है, तो वह तुरंत अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। इसके लिए सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया जा सकता है या आधिकारिक पोर्टल http://cybercrime.gov.in पर जाकर ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई जा सकती है। सतर्कता ही इस प्रकार के साइबर फ्रॉड से बचने का सबसे बड़ा उपाय है।

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