CWG 2026: ग्लास्गो में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 के सातवें दिन भारतीय खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए देश का गौरव बढ़ाया। बुधवार का दिन भारत के लिए कई बड़ी उपलब्धियां लेकर आया। भारतीय दल ने एक और स्वर्ण पदक अपने नाम किया, जबकि दो खिलाड़ियों ने रजत पदक जीतकर पदक तालिका में भारत की स्थिति मजबूत की। इसके साथ ही मुक्केबाजी में भारतीय खिलाड़ियों ने सेमीफाइनल में जगह बनाकर कम से कम 10 पदक सुनिश्चित कर दिए हैं।
ICC ODI Rankings : शुभमन गिल बने ICC वनडे रैंकिंग के नंबर-1 बल्लेबाज, मिचेल को पीछे छोड़ा
मुरली श्रीशंकर ने लगातार दूसरी बार जीता रजत पदक
एथलेटिक्स की लॉन्ग जंप स्पर्धा में भारत के स्टार एथलीट मुरली श्रीशंकर ने 8.09 मीटर की बेहतरीन छलांग लगाकर रजत पदक अपने नाम किया। इसके साथ ही उन्होंने इतिहास रचते हुए लगातार दूसरे कॉमनवेल्थ गेम्स में लॉन्ग जंप में पदक जीतने वाले पहले भारतीय एथलीट बनने का गौरव हासिल किया। इससे पहले उन्होंने वर्ष 2022 के बर्मिंघम कॉमनवेल्थ गेम्स में भी सिल्वर मेडल जीता था।
इस मुकाबले में जमैका के ताजे गेल ने 8.15 मीटर की छलांग लगाकर स्वर्ण पदक हासिल किया, जबकि स्कॉटलैंड के स्टीफन मैकेंजी को कांस्य पदक मिला। भारत के एक अन्य खिलाड़ी लोकेश सत्यनाथं ने भी अच्छा प्रदर्शन किया और पांचवें स्थान पर अपनी प्रतियोगिता समाप्त की।
दिलीप गावित ने बनाया नया रिकॉर्ड, जीता स्वर्ण पदक
मुरली श्रीशंकर की सफलता के कुछ ही समय बाद भारत को एक और बड़ी खुशखबरी मिली। पैरा एथलेटिक्स की पुरुष 100 मीटर T47 स्पर्धा में दिलीप महादू गावित ने शानदार दौड़ लगाते हुए 10.71 सेकंड के नए गेम रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण पदक जीता। उनके इस प्रदर्शन ने भारत को प्रतियोगिता का तीसरा गोल्ड दिलाया।
इसी स्पर्धा में भारत के मोहम्मद बासिल ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए रजत पदक अपने नाम किया। इस तरह इस इवेंट में भारत ने स्वर्ण और रजत दोनों पदकों पर कब्जा जमाकर अपनी ताकत का शानदार प्रदर्शन किया।
बॉक्सिंग में भारत के 10 पदक हुए पक्के
भारतीय मुक्केबाजों के लिए भी बुधवार का दिन बेहद यादगार रहा। कई खिलाड़ियों ने अपने-अपने मुकाबले जीतकर सेमीफाइनल में प्रवेश किया, जिससे भारत के कम से कम 10 पदक तय हो गए हैं। कॉमनवेल्थ गेम्स के नियमों के अनुसार मुक्केबाजी में सेमीफाइनल में पहुंचने वाले सभी खिलाड़ियों का पदक सुनिश्चित हो जाता है, क्योंकि तीसरे स्थान के लिए अलग मुकाबला नहीं खेला जाता और दोनों सेमीफाइनल हारने वालों को कांस्य पदक दिया जाता है।
सेमीफाइनल में पहुंचने वाले खिलाड़ियों में 51 किलोग्राम वर्ग की साक्षी चौधरी, 70 किलोग्राम में अरुंधति चौधरी, 60 किलोग्राम में सचिन सिवाच, 80 किलोग्राम में अंकुश पंघाल, 90+ किलोग्राम में नरेंद्र बरवाल और 57 किलोग्राम वर्ग की जैस्मिन लाम्बोरिया शामिल हैं।
इससे पहले लवलीना बोरगोहेन, प्रिया घंघास, प्रीति पवार और जादुमणि सिंह भी अपने-अपने वर्ग में अंतिम चार खिलाड़ियों में जगह बना चुके थे। इन सभी खिलाड़ियों के दमदार प्रदर्शन से भारत की पदक संख्या में और इजाफा होने की उम्मीद बढ़ गई है।
ICC T20I Rankings: वैभव सूर्यवंशी की बड़ी छलांग, शानदार प्रदर्शन का मिला इनाम
भारत का अब तक का पदक प्रदर्शन
कॉमनवेल्थ गेम्स 2026 में अब तक भारत ने वेटलिफ्टिंग, एथलेटिक्स, पैरा एथलेटिक्स और पैरा पावरलिफ्टिंग जैसी प्रतियोगिताओं में शानदार प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण, रजत और कांस्य पदक अपने नाम किए हैं। खिलाड़ियों के लगातार बेहतर प्रदर्शन से यह उम्मीद की जा रही है कि आने वाले दिनों में भारत की पदक संख्या और बढ़ेगी तथा भारतीय दल कई और स्वर्ण पदक जीतने में सफल रहेगा।










