CUET PG 2026: कॉमन यूनिवर्सिटी एंट्रेंस टेस्ट पोस्टग्रेजुएट (CUET PG) 2026 को लेकर सोशल मीडिया पर कई तरह की चर्चाएं चल रही थीं। खासकर छात्रों के बीच यह सवाल उठ रहा था कि अलग-अलग तारीखों पर आयोजित हुई परीक्षा के बाद क्या अंकों का नॉर्मलाइजेशन किया गया है। इन अटकलों के बीच राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) ने आधिकारिक बयान जारी कर स्थिति स्पष्ट कर दी है।
एजेंसी ने कहा है कि परीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह निष्पक्ष रही और किसी भी उम्मीदवार के अंकों में नॉर्मलाइजेशन लागू नहीं किया गया। सभी छात्रों के परिणाम उनके वास्तविक प्राप्त अंकों के आधार पर तैयार किए गए हैं।
NEET 2026 में बड़ा बदलाव! परीक्षा की टाइमिंग और फॉर्मेट बदला, जानिए छात्रों को क्या होगा फायदा
विशेष परिस्थितियों के कारण कराई गई थी पुनर्परीक्षा
NTA के अनुसार, मार्च 2026 में कुछ उम्मीदवार अपनी निर्धारित परीक्षा तिथि पर परीक्षा देने में असमर्थ रहे थे। इसके पीछे कुछ असाधारण परिस्थितियां जिम्मेदार थीं। मेघालय के तुरा क्षेत्र में कानून-व्यवस्था से जुड़ी समस्याओं और कुछ विदेशी परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा संबंधी चुनौतियों के कारण कई अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल नहीं हो सके। इन परिस्थितियों को देखते हुए एजेंसी ने प्रभावित छात्रों के लिए विशेष व्यवस्था के तहत री-एग्जाम आयोजित किया।
565 उम्मीदवारों को मिला दूसरा अवसर
एजेंसी ने बताया कि कुल 565 छात्र ऐसी परिस्थितियों से प्रभावित हुए थे, जो उनके नियंत्रण से बाहर थीं। इन छात्रों के हितों को ध्यान में रखते हुए 29 और 30 मार्च 2026 को पुनर्परीक्षा आयोजित की गई। NTA का कहना है कि उसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि किसी भी छात्र को बाहरी कारणों की वजह से नुकसान न उठाना पड़े। इसलिए प्रभावित उम्मीदवारों को दोबारा परीक्षा देने का अवसर प्रदान किया गया।
28 विषयों की हुई पुनर्परीक्षा
री-एग्जाम के दौरान कुल 28 विषयों की परीक्षा आयोजित की गई। NTA ने स्पष्ट किया कि इन परीक्षाओं के लिए अलग प्रश्नपत्र तैयार किए गए थे, लेकिन उनका कठिनाई स्तर मुख्य परीक्षा में इस्तेमाल किए गए प्रश्नपत्रों के बराबर रखा गया था। एजेंसी के मुताबिक, विषय विशेषज्ञों ने पहले से ही दोनों प्रश्नपत्रों का मूल्यांकन किया था और यह सुनिश्चित किया था कि कठिनाई स्तर में कोई बड़ा अंतर न हो।
नॉर्मलाइजेशन को लेकर NTA का स्पष्ट जवाब
सोशल मीडिया पर कई छात्रों ने यह सवाल उठाया था कि जब एक ही विषय की परीक्षा अलग-अलग दिनों में आयोजित हुई, तो क्या परिणाम तैयार करते समय नॉर्मलाइजेशन की प्रक्रिया अपनाई गई। इस पर NTA ने स्पष्ट रूप से कहा कि CUET PG 2026 में किसी भी उम्मीदवार के स्कोर को नॉर्मलाइज नहीं किया गया है। सभी छात्रों के अंक सीधे उनके वास्तविक प्रदर्शन के आधार पर तय किए गए हैं।
सभी उम्मीदवारों के लिए समान मूल्यांकन प्रक्रिया
NTA के अनुसार, चाहे कोई छात्र मुख्य परीक्षा में शामिल हुआ हो या री-एग्जाम में, सभी का मूल्यांकन एक समान प्रक्रिया के तहत किया गया है। किसी भी अभ्यर्थी को अतिरिक्त लाभ या नुकसान नहीं दिया गया। एजेंसी ने यह भी कहा कि पुनर्परीक्षा में शामिल छात्रों को आसान प्रश्नपत्र नहीं दिए गए थे और न ही उनके अंकों में किसी प्रकार का समायोजन किया गया। सभी के लिए मूल्यांकन के मानदंड समान रहे।
रोजगार मेला 2026: यूपी में 1900 वैकेंसी, जानें कब और कहां होगा वॉक-इन इंटरव्यू
अफवाहों से बचने की सलाह
NTA ने छात्रों से अपील की है कि वे केवल आधिकारिक सूचनाओं पर भरोसा करें और सोशल मीडिया पर फैल रही अपुष्ट खबरों से भ्रमित न हों। एजेंसी का कहना है कि परीक्षा और परिणाम प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संचालित की गई है। इस स्पष्टीकरण के बाद CUET PG 2026 के नॉर्मलाइजेशन को लेकर चल रही चर्चाओं और भ्रम की स्थिति काफी हद तक समाप्त होने की उम्मीद है।










