Congress MGNREGA Protest: केंद्र सरकार द्वारा मनरेगा (MGNREGA) के नाम और स्वरूप में बदलाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी रणनीति साफ कर दी है। पार्टी ने स्पष्ट किया है कि VB का अर्थ ‘राम जी’ नहीं, बल्कि ‘ग्राम जी’ है। कांग्रेस का मानना है कि यह बदलाव सिर्फ एक प्रशासनिक फैसला नहीं, बल्कि सामाजिक और राजनीतिक असर डालने वाला कदम है। इसी वजह से पार्टी इसे पूरी ताकत से चुनौती देने के मूड में है।
Congress MGNREGA Protest: राम विरोधी ठप्पे से बचने की सतर्क रणनीति
कांग्रेस नेतृत्व इस बात को लेकर बेहद सतर्क है कि कहीं BJP इस मुद्दे को धार्मिक रंग देकर पार्टी को ‘राम विरोधी’ न करार दे दे। पिछले अनुभवों को देखते हुए कांग्रेस हाईकमान BJP की हर चाल पर पैनी नजर रखे हुए है। यही कारण है कि पार्टी अपने हर बयान और आंदोलन में ‘ग्राम जी’ शब्द का इस्तेमाल कर रही है, ताकि बहस को विकास और रोजगार के मुद्दे तक सीमित रखा जा सके।
Congress MGNREGA Protest: अयोध्या से राम मंदिर तक BJP का पुराना नैरेटिव
बाबरी मस्जिद विध्वंस से लेकर राम मंदिर आंदोलन और फिर अयोध्या में मंदिर उद्घाटन तक, BJP ने कई मौकों पर कांग्रेस को हिंदू भावनाओं के खिलाफ दिखाने की कोशिश की है। कांग्रेस का आरोप है कि सांप्रदायिक सद्भाव की बात करने को भी BJP ने बार-बार राम विरोध से जोड़ दिया। इसी अनुभव के चलते पार्टी इस बार कोई जोखिम नहीं लेना चाहती।
संसद में विपक्ष का साफ संदेश
नए बिल पर संसद में हुई चर्चा के दौरान कांग्रेस और अन्य विपक्षी दलों ने साफ कर दिया कि उन्हें भगवान राम के नाम से कोई आपत्ति नहीं है। उनका विरोध इस बात पर है कि हर सरकारी योजना और नीति को धार्मिक नजरिए से पेश किया जा रहा है। विपक्ष का कहना है कि रोजगार जैसी योजना का उद्देश्य ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करना होना चाहिए, न कि उसे वैचारिक बहस का हिस्सा बनाना।
तीन चरणों में देशव्यापी आंदोलन
कांग्रेस ने ऐलान किया है कि 8 जनवरी से 25 फरवरी तक इस बदलाव के खिलाफ तीन चरणों में पूरे देश में आंदोलन किया जाएगा। यह आंदोलन सड़क से लेकर संसद और अदालत तक चलेगा। पार्टी का लक्ष्य है कि आम जनता, खासकर ग्रामीण इलाकों में रहने वाले लोगों को यह बताया जाए कि मनरेगा का मूल स्वरूप क्यों जरूरी है।
सुप्रीम कोर्ट जाने की तैयारी
कांग्रेस इस मुद्दे पर कानूनी लड़ाई भी लड़ने की तैयारी कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, शुरुआत में कांग्रेस के जनरल सेक्रेटरी जयराम रमेश या अन्य वरिष्ठ नेता सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर सकते हैं। इसके बाद कांग्रेस शासित राज्य भी एक-एक करके शीर्ष अदालत का रुख कर सकते हैं।
राज्यों में प्रस्ताव और विपक्षी एकजुटता
तेलंगाना विधानसभा पहले ही इस कानून के विरोध में प्रस्ताव पास कर चुकी है। अब कर्नाटक और हिमाचल प्रदेश में भी इसी तरह के प्रस्ताव लाने की तैयारी है। इसके अलावा, समान विचारधारा वाली अन्य पार्टियों के शासन वाले राज्यों से भी ऐसे प्रस्ताव पारित करने की अपील की जाएगी। कांग्रेस ‘इंडिया’ गठबंधन की पार्टियों को भी इस आंदोलन में सक्रिय भागीदारी के लिए आमंत्रित कर रही है।
जमीनी कार्यकर्ताओं को सख्त निर्देश
कांग्रेस ने अपने जमीनी स्तर के कार्यकर्ताओं को साफ संदेश दिया है कि पूरा आंदोलन सिर्फ ‘ग्राम जी’ के खिलाफ बदलाव पर केंद्रित रहेगा। किसी भी हालत में ‘जी राम जी’ जैसे शब्दों का इस्तेमाल नहीं किया जाएगा। पार्टी का मानना है कि यही सावधानी उसे राजनीतिक नुकसान से बचाएगी और मुद्दे को विकास व रोजगार के दायरे में रखेगी।
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