Congo Mass Grave: पूर्वी कांगो में मिली 171 शवों वाली सामूहिक कब्रें, विद्रोही समूह M23 पर लगा आरोप

पूर्वी कांगो के दक्षिण कीवू प्रांत में उस वक्त सनसनी फैल गई जब उवीरा शहर के पास 171 शवों वाली दो विशाल सामूहिक कब्रें बरामद हुईं। आरोप है कि विद्रोही समूह M23 ने पीछे हटने से पहले इन लोगों की बेरहमी से हत्या कर दी। क्या यह युद्ध अपराध है? अंतरराष्ट्रीय बिरादरी में मचे हड़कंप के बीच जानें पूरी ग्राउंड रिपोर्ट।

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

फ़रवरी 27, 2026

Congo Mass Grave: अफ्रीकी देश डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो (DRC) के पूर्वी हिस्से से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। स्थानीय अधिकारियों और नागरिक समाज समूहों ने पुष्टि की है कि दक्षिण-किवु प्रांत के दो अलग-अलग स्थानों पर सामूहिक कब्रें मिली हैं, जिनमें से कुल 171 शव बरामद किए गए हैं। इन कब्रों की खोज उन इलाकों में हुई है, जहाँ से हाल ही में विद्रोही समूह ‘M23’ ने अपने कदम पीछे खींचे थे। इतनी बड़ी संख्या में शवों का मिलना न केवल इलाके में दहशत पैदा कर रहा है, बल्कि अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के लिए भी गहरी चिंता का विषय बन गया है।

स्थान और संख्या: उविरा शहर के पास दो बड़े स्थलों की पहचान

स्थानीय गवर्नर जैक्स पुरुसी ने इस घटना की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सामूहिक कब्रें उविरा शहर के बाहरी इलाकों में स्थित हैं। जांच में सामने आए दो प्रमुख स्थलों का विवरण इस प्रकार है:

  • किरोमोनी क्षेत्र: यह क्षेत्र कांगो और बुरुंडी की सीमा के अत्यंत निकट है, जहाँ एक कब्र से लगभग 30 शव बरामद हुए हैं।

  • काविमविरा क्षेत्र: यहाँ स्थिति और भी गंभीर है, जहाँ एक ही स्थान पर 141 शवों वाली एक बड़ी सामूहिक कब्र मिली है। गवर्नर ने प्राथमिक साक्ष्यों के आधार पर अंदेशा जताया है कि इन हत्याओं के पीछे M23 विद्रोही समूह का हाथ हो सकता है, जो लंबे समय से इस क्षेत्र में अस्थिरता फैला रहा है।

जांच में बाधा: नागरिक समाज और सेना के बीच टकराव

घटना की संवेदनशीलता को देखते हुए ‘स्थानीय नागरिक सुरक्षा नेटवर्क’ (एक प्रमुख नागरिक समाज समूह) ने मंगलवार को घटनास्थलों का निरीक्षण करने का प्रयास किया। हालांकि, उन्हें कांगोली सेना द्वारा रोक दिया गया। समूह का कहना है कि वे स्वतंत्र रूप से शवों की स्थिति और हत्या की परिस्थितियों का विश्लेषण करना चाहते थे, ताकि सच सामने आ सके। सेना द्वारा अनुमति न दिए जाने पर अब कई तरह के सवाल उठ रहे हैं और पारदर्शिता को लेकर संदेह गहरा गया है।

M23 की संदिग्ध भूमिका: प्रतिशोध की राजनीति या नरसंहार?

नागरिक समाज समूह के उपाध्यक्ष इव्स रमाधानी ने दावा किया है कि मारे गए लोगों में से कई के बारे में यह संदेह था कि वे कांगोली सेना या सरकार समर्थक मिलिशिया के साथ जुड़े हुए थे। इसी शक के आधार पर M23 विद्रोहियों ने उन्हें निशाना बनाया होगा। यह क्षेत्र लंबे समय से गृहयुद्ध और जातीय संघर्ष का केंद्र रहा है, जहाँ विद्रोही समूह अक्सर उन लोगों को खत्म कर देते हैं जिन्हें वे अपने मिशन के लिए खतरा मानते हैं। हालांकि, M23 के प्रवक्ता ने फिलहाल इन आरोपों पर चुप्पी साध रखी है और कोई भी आधिकारिक बयान देने से इनकार कर दिया है।

मानवाधिकारों का उल्लंघन: स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय जांच की मांग

इस घटना ने कांगो में सुरक्षा बलों और विद्रोहियों दोनों की कार्यप्रणाली को कटघरे में खड़ा कर दिया है। अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार समूहों ने कांगोली सेना और M23 विद्रोही समूह, दोनों पर ही ‘अतिरिक्त न्यायिक हत्याओं’ और मानवाधिकारों के गंभीर उल्लंघन के आरोप लगाए हैं। क्षेत्र में व्याप्त जटिलता को देखते हुए, अब एक ऐसी स्वतंत्र जांच की मांग जोर पकड़ रही है जिसमें अंतरराष्ट्रीय विशेषज्ञों को शामिल किया जाए। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि इन निर्दोष लोगों की मौत का असल जिम्मेदार कौन है और क्या इसके पीछे कोई सोची-समझी सैन्य रणनीति थी।

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