CM Yogi Statement: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर गोरखपुर स्थित प्रसिद्ध गोरखनाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय श्रीराम कथा के समापन समारोह को संबोधित करते हुए देश विरोधी ताकतों, सनातन संस्कृति के विरोधियों और हालिया छात्र आंदोलनों की आड़ में सक्रिय षड्यंत्रकारियों पर तीखा जुबानी हमला बोला। सीएम योगी ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि भारत के खिलाफ किसी भी प्रकार का देशविरोधी षड्यंत्र या संस्कृति को कमजोर करने का प्रयास कतई स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने समाज के प्रत्येक वर्ग से राष्ट्रविरोधी और सांस्कृतिक साजिशों के प्रति पूरी तरह सतर्क रहने की अपील की।
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पश्चिमी सोच से प्रभावित लोगों पर तीखा प्रहार
समारोह को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि आज समाज में कुछ लोग पश्चिमी विचारधारा से इतने अधिक प्रभावित हो चुके हैं कि उन्होंने भारतीय परंपराओं, आस्था और संस्कृति का विरोध करना ही अपने जीवन का मुख्य उद्देश्य बना लिया है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जब देश में दुर्गा पूजा जैसे बड़े और पावन पर्व आयोजित होते हैं, तो समाज के कुछ “बिके हुए चेहरे” जानबूझकर इनका विरोध करने लगते हैं। सीएम योगी ने आरोप लगाया कि ऐसे भटके हुए लोग देश की राजधानी दिल्ली स्थित जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (JNU) सहित देश के कई प्रतिष्ठित शैक्षणिक संस्थानों में सक्रिय रूप से मिल जाएंगे। ये तत्व पर्व-त्योहारों के समय जानबूझकर धार्मिक और सामाजिक सौहार्द में व्यवधान पैदा करने का कुत्सित प्रयास करते हैं।
सनातन संस्कृति को दूषित करने की साजिशें
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत की महान सनातन संस्कृति ने हमेशा से दुनिया के सभी धर्मों, संप्रदायों, संस्कृतियों और समाज के वंचित वर्गों को संरक्षण व सम्मान दिया है। इसके बावजूद, कुछ वैचारिक “विषधर” इस पावन और सहिष्णु धारा को दूषित करने की नापाक कोशिश कर रहे हैं।
उन्होंने विदेशी ताकतों की आलोचना करते हुए कहा कि दुनिया की कई देशविरोधी ताकतें अपने स्वार्थी हितों को साधने के लिए सनातन संस्कृति को कमजोर करना चाहती हैं। दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि समाज के ही कुछ लोग अनजाने में या पैसों के बल पर इन विदेशी ताकतों के प्रवक्ता बनकर देश, समाज और संस्कृति को भारी नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं।
छात्र आंदोलनों के पीछे सक्रिय देशविरोधी ताकतें
बिना किसी विशिष्ट छात्र संगठन या राजनीतिक दल का सीधा नाम लिए, मुख्यमंत्री ने चेताया कि हालिया समय में जितने भी छात्र आंदोलन सामने आए हैं, उनके पीछे ऐसी ही राष्ट्रविरोधी ताकतें सक्रिय रूप से काम कर रही हैं जो देश में राजनीतिक और सामाजिक अस्थिरता पैदा करना चाहती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि भारतीय संस्कृति, राष्ट्रीय परंपरा और राष्ट्र की अखंडता के खिलाफ होने वाले हर एक नापाक प्रयास के प्रति समाज के प्रत्येक जागरूक नागरिक को सतर्क रहना होगा।
पारिवारिक संस्कार और गुरु पूर्णिमा का महत्व
गुरु पूर्णिमा के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि गुरु का दायरा केवल आध्यात्मिक गुरु तक सीमित नहीं होता, बल्कि माता-पिता, बड़ा भाई, प्राथमिक शिक्षक और दीक्षा देने वाले गुरु सभी अत्यंत सम्मान के पात्र हैं। समाज के प्रत्येक जिम्मेदार व्यक्ति को अपने कर्तव्यों और दायित्वों का ईमानदारी से निर्वहन करना चाहिए।
मुख्यमंत्री योगी ने अंत में संदेश दिया कि जो परिवार अपने नैतिक संस्कारों और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत करता है, वही अंततः एक सशक्त समाज और एक मजबूत राष्ट्र का निर्माण करता है। भारत जिस तेज गति से वैश्विक प्रगति के मार्ग पर आगे बढ़ रहा है, वह दुनिया के कई देशों को रास नहीं आ रहा है, इसलिए हर नागरिक का यह कर्तव्य है कि वह देश की प्रगति में बाधक बनने वाली ताकतों के खिलाफ एकजुट रहे।










