CM Yogi Mathura Visit: श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के पावन अवसर पर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मथुरा पहुंचे। उन्होंने श्रीकृष्ण जन्मभूमि पहुंचकर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की और भगवान के दर्शन किए। इस दौरान उन्होंने ब्रजवासियों और देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए कहा कि ब्रजभूमि को संवारने में सरकार कोई कोर कसर नहीं छोड़ेगी। उन्होंने कहा कि भारत पर इतिहास में कई बाहरी आक्रमण हुए, लेकिन सनातन की आस्था को कोई कभी मिटा नहीं सका। जिन लोगों ने भी इसे मिटाने का दुस्साहस किया, वे खुद मिट्टी में मिल गए और आज उनका नाम लेने वाला तक कोई नहीं बचा है।
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अयोध्या की तर्ज पर मथुरा-वृंदावन का विकास
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अयोध्या का उदाहरण देते हुए कहा कि आज वहां रोजाना एक लाख से अधिक भक्त पहुंचते हैं, जबकि रामनवमी और दीपावली जैसे पर्वों पर यह संख्या पांच लाख तक पहुंच जाती है, फिर भी श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होती। अयोध्या में अब इंटरनेशनल एयरपोर्ट, फोर-लेन सड़कें और रेलवे की डबल लाइन जैसी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कहा कि ब्रज तीर्थ विकास परिषद इस क्षेत्र के आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्व को ध्यान में रखते हुए इसे भव्य स्वरूप दे रही है। सरकार का मुख्य प्रयास है कि मथुरा-वृंदावन में भी अयोध्या और काशी जैसा ही भव्य परिसर तैयार किया जाए, ताकि भक्तों को अपने आराध्य के पूजन में कोई बाधा न आए।
कर्म करो और कर्तव्य पथ पर आगे बढ़ो
भगवद्गीता के उपदेशों को याद करते हुए सीएम योगी ने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण ने अर्जुन से कहा था कि तुम निमित्त मात्र हो, अपना कर्तव्य करो। निष्काम भाव से किया गया कर्म हमेशा अच्छे परिणाम देता है। आज देश आजाद है और युवा, माताएं-बहनें तथा कामगार सभी शासन की नई योजनाओं और सुरक्षित वातावरण का लाभ उठा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भगवान श्रीकृष्ण का संदेश है कि हम अपने कर्तव्य पथ पर ईमानदारी से आगे बढ़ें, बाकी सब कन्हैया संभाल लेंगे। डबल इंजन की सरकार पूरी प्रतिबद्धता के साथ जनता की भावनाओं के अनुरूप ब्रजभूमि के विकास के लिए कार्य कर रही है।
पिछली सरकारों पर निशाना और जवाहर बाग कांड का जिक्र
पूर्ववर्ती सरकारों पर तीखा हमला बोलते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पहले की सरकारें जन्माष्टमी के अवसर पर यहां आने से कतराती थीं क्योंकि उन्हें अपने वोटबैंक खिसकने का डर रहता था। उनके शासनकाल और कुकृत्यों के कारण ही अतीत में जवाहर बाग जैसी दर्दनाक घटनाएं होती थीं। लेकिन आज तस्वीर पूरी तरह बदल चुकी है। अब ब्रजभूमि में जवाहर जैसी अराजकता नहीं, बल्कि भव्य जन्मोत्सव, रंगोत्सव और वैष्णव कुंभ का आयोजन होता है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन के अनुरूप देश और समाज के लिए ईमानदारी से काम करें, ताकि भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाया जा सके।
मध्यरात्रि कपाट खुलने और जन्मोत्सव की विशेष प्रक्रिया
मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मंदिर में जन्मोत्सव को लेकर तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। रात ठीक 12 बजे कान्हा का जन्म होगा। इससे पहले रात 11:55 बजे पांच मिनट के लिए कपाट बंद किए जाएंगे, जहां गर्भगृह में पर्दे के पीछे भगवान को पंचरत्नी पीतांबरी पोशाक पहनाई जाएगी और रत्न-जड़ित मुकुट व आभूषणों से उनका अलौकिक श्रृंगार होगा। जन्म के उपरांत पर्दा खुलने पर भव्य आरती होगी। इसके बाद प्रतिमा को गर्भगृह से बाहर लाया जाएगा, जहां सोने से सजी चांदी की कामधेनु के दूध और पंचामृत से उनका अभिषेक किया जाएगा। रात्रि 12:45 बजे प्रतिमा को पुनः गर्भगृह में स्थापित कर शयन आरती संपन्न होगी और कपाट बंद कर दिए जाएंगे।
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