UP News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस के अवसर पर प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों को शुभकामनाएं दी। मुख्यमंत्री ने अपने खास वीडियो संदेश में उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि आज के शिक्षक आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार के जरिए इस विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का काम कर रहे हैं। वहीं, दूसरी ओर समाजवादी पार्टी ने भी शिक्षक दिवस के मौके पर ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान की शुरुआत कर सियासी हलचल बढ़ा दी है।
शिक्षक दिवस पर CM योगी ने शिक्षकों को दी बधाई
बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षक दिवस पर प्रदेश के सभी शिक्षकों को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षक केवल बच्चों को किताबों का ज्ञान नहीं देते, बल्कि वे समाज और राष्ट्र की नई पीढ़ी का निर्माण करते हैं। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश सदियों से ज्ञान, साधना, संस्कार और शिक्षा की समृद्ध परंपरा का केंद्र रहा है। आज के शिक्षक इसी विरासत को आधुनिक दौर की जरूरतों से जोड़कर युवाओं का भविष्य तैयार कर रहे हैं।
CM योगी ने गिनाए अयोध्या, मथुरा और प्रयागराज जैसे ज्ञान के केंद्र
अपने वीडियो संदेश में मुख्यमंत्री योगी ने उत्तर प्रदेश की प्राचीन पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज सनातन ज्ञान परंपरा के प्रमुख केंद्र रहे हैं। उन्होंने काशी का उल्लेख करते हुए कहा कि काशी ने लंबे समय से दुनिया को ज्ञान का प्रकाश दिया है। वहीं, सारनाथ में भगवान बुद्ध द्वारा प्रथम उपदेश दिए जाने की परंपरा का भी मुख्यमंत्री ने स्मरण किया।
5000 साल पुरानी ज्ञान परंपरा से आधुनिक शिक्षा तक CM योगी का संदेश
CM योगी ने अपने संदेश में भारतीय ज्ञान परंपरा की ऐतिहासिक गहराई का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि आज से करीब 5000 वर्ष पूर्व महर्षि शुकदेव जी द्वारा श्रीमद्भागवत कथा के प्रथम वाचन की परंपरा रही है। उन्होंने नैमिषारण्य का भी जिक्र किया, जिसे भारतीय ज्ञान, साधना और आध्यात्मिक परंपरा का महत्वपूर्ण केंद्र बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भारत में आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की महान परंपराएं विकसित हुईं। तक्षशिला और नालंदा जैसे प्राचीन विश्वविद्यालयों ने भारत की ज्ञान परंपरा को देश की सीमाओं से बाहर पूरी दुनिया तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। CM योगी के मुताबिक, यह विरासत आज भी शिक्षकों के माध्यम से आगे बढ़ रही है।
आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे शिक्षक
CM योगी ने कहा कि आज के शिक्षक प्राचीन भारतीय ज्ञान परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार के साथ जोड़ने का काम कर रहे हैं। बदलते दौर में शिक्षा के तौर-तरीके तेजी से बदल रहे हैं और ऐसे में शिक्षकों की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है। उन्होंने कहा कि शिक्षक नई पीढ़ी को ज्ञान के साथ-साथ संस्कार और जिम्मेदारी का बोध भी करा रहे हैं।
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GenZ स्टाइल वीडियो संदेश में CM योगी ने दिया शिक्षकों को सम्मान
इस बार मुख्यमंत्री का शिक्षक दिवस संदेश खास अंदाज में सामने आया। CM योगी ने GenZ शैली के वीडियो संदेश के जरिए शिक्षकों को शुभकामनाएं दीं और उत्तर प्रदेश की पुरानी ज्ञान परंपरा को आज की पीढ़ी से जोड़ने की कोशिश की। संदेश में उन्होंने शिक्षकों के योगदान को नमन करते हुए कहा कि प्रदेश की विशिष्ट ज्ञान परंपरा को आधुनिक स्वरूप में नई पीढ़ी तक पहुंचाने वाले सभी गुरुजन अभिनंदन के पात्र हैं।
शिक्षक दिवस पर सपा का ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान
जहां CM योगी ने शिक्षक दिवस को शिक्षा और ज्ञान परंपरा से जोड़ा, वहीं समाजवादी पार्टी ने इस मौके पर अपना राजनीतिक अभियान शुरू कर दिया। सपा छात्र सभा की ओर से ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान की शुरुआत की गई है। बताया गया है कि यह अभियान सात दिनों तक चलेगा और इसके तहत प्रदेश के बंद किए गए स्कूलों के सामने शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा।
‘पाठशाला पुकारे’ अभियान में शिक्षकों के सम्मान के साथ युवाओं को जोड़ने की तैयारी
समाजवादी पार्टी के इस अभियान का फोकस केवल शिक्षक सम्मान तक सीमित नहीं है। पार्टी की कोशिश छात्रों और युवाओं को भी अपने साथ जोड़ने की है। बंद किए गए स्कूलों को अभियान का केंद्र बनाकर सपा शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को उठाने की तैयारी में है। साथ ही शिक्षकों के सम्मान के जरिए युवाओं और नई पीढ़ी के बीच अपनी राजनीतिक पहुंच मजबूत करने की कोशिश भी की जा रही है।
शिक्षक दिवस पर यूपी में सियासत तेज
शिक्षक दिवस पर एक तरफ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा, आधुनिक शिक्षा और शिक्षकों की भूमिका पर जोर दिया, तो दूसरी तरफ समाजवादी पार्टी ने ‘पाठशाला पुकारे’ अभियान के जरिए शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को राजनीतिक विमर्श में लाने की कोशिश की है। ऐसे में शिक्षक दिवस का यह अवसर शिक्षा के सम्मान के साथ-साथ उत्तर प्रदेश की सियासत में नई पीढ़ी और GenZ को साधने की कोशिशों का मंच भी बनता दिखाई दे रहा है।










