Teacher’s Day: शिक्षक दिवस पर CM योगी का खास संदेश, गुरुजनों को बताया नए भारत की ताकत

शिक्षक दिवस पर CM योगी आदित्यनाथ ने वीडियो संदेश के जरिए प्रदेश के शिक्षकों और गुरुजनों का अभिनंदन किया। उन्होंने उत्तर प्रदेश की प्राचीन ज्ञान परंपरा, काशी, सारनाथ, अयोध्या, शुकतीर्थ और नैमिषारण्य का जिक्र किया। CM योगी ने कहा कि शिक्षक परंपरा को आधुनिक शिक्षा, तकनीक और नवाचार से जोड़कर नई पीढ़ी का भविष्य गढ़ रहे हैं।

Teacher’s Day

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

सितम्बर 5, 2026

Teacher’s Day: शिक्षक दिवस के मौके पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार को अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम अकाउंट से एक खास सेल्फी वीडियो साझा किया। वीडियो संदेश के जरिए सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के सभी शिक्षकों और गुरुजनों का अभिनंदन किया। उन्होंने कहा कि शिक्षक केवल विद्यार्थियों को शिक्षा देने का काम नहीं करते, बल्कि नई पीढ़ी के चरित्र, संस्कार और भविष्य को आकार देने में भी उनकी अहम भूमिका होती है।

CM योगी ने याद दिलाई उत्तर प्रदेश की गौरवशाली ज्ञान परंपरा

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संदेश में उत्तर प्रदेश की सदियों पुरानी ज्ञान और साधना की परंपरा का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि प्रदेश प्राचीन काल से ही ज्ञान, तपस्या, साधना और संस्कारों की पवित्र भूमि रहा है। यही समृद्ध विरासत आज भी उत्तर प्रदेश की पहचान को मजबूत करती है और देश-दुनिया को ज्ञान एवं संस्कृति की दिशा दिखाती है।

काशी से सारनाथ तक ज्ञान और अध्यात्म की ऐतिहासिक विरासत

सीएम योगी ने उत्तर प्रदेश के प्रमुख आध्यात्मिक और ज्ञान केंद्रों का जिक्र करते हुए कहा कि काशी ने पूरे विश्व को ज्ञान का नया प्रकाश दिया। वहीं सारनाथ की पवित्र धरती पर भगवान बुद्ध ने अपना पहला उपदेश देकर मानवता को शांति और करुणा का संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज को भी सनातन ज्ञान परंपरा के महत्वपूर्ण केंद्र बताया।

अयोध्या और प्रयागराज की ज्ञान परंपरा का उल्लेख

मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश की पहचान सिर्फ धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से ही महत्वपूर्ण नहीं है, बल्कि यह भूमि सदियों से शिक्षा, दर्शन और अध्यात्म का केंद्र भी रही है। अयोध्या, मथुरा-वृंदावन और प्रयागराज जैसे शहरों ने भारतीय सभ्यता और ज्ञान परंपरा को समृद्ध करने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। अपने शिक्षक दिवस संदेश में सीएम योगी ने शुकतीर्थ की ऐतिहासिक ज्ञान परंपरा को भी याद किया। उन्होंने कहा कि करीब पांच हजार साल पहले शुकतीर्थ में महर्षि शुकदेव जी ने श्रीमद्भागवत का प्रथम वाचन किया था। मुख्यमंत्री के मुताबिक, यह स्थान भारतीय आध्यात्मिक और ज्ञान परंपरा की गहरी जड़ों को दर्शाता है।

नैमिषारण्य में 88 हजार ऋषियों की साधना

सीएम योगी ने नैमिषारण्य का उल्लेख करते हुए कहा कि यहां 88 हजार ऋषियों की साधना ने भारतीय ज्ञान परंपरा को समृद्ध किया। इसी व्यापक परंपरा से आयुर्वेद, अध्यात्म, दर्शन और भारतीय ज्ञान-विज्ञान की कई महत्वपूर्ण धाराएं विकसित हुईं। मुख्यमंत्री ने इन उदाहरणों के जरिए शिक्षकों और विद्यार्थियों को प्रदेश की गौरवशाली विरासत से जोड़ने का संदेश दिया।

आधुनिक शिक्षा में शिक्षकों की भूमिका पर CM योगी का जोर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज उत्तर प्रदेश के शिक्षक इसी महान विरासत को आगे बढ़ाने का काम कर रहे हैं। शिक्षक प्राचीन भारतीय ज्ञान और मूल्यों को आधुनिक शिक्षा, तकनीक तथा नवाचार से जोड़कर विद्यार्थियों के भविष्य को नई दिशा दे रहे हैं। उनके मुताबिक, बदलते दौर में शिक्षक की भूमिका पहले से कहीं अधिक व्यापक और महत्वपूर्ण हो गई है।

नए भारत के निर्माण में शिक्षक हैं महत्वपूर्ण कड़ी

सीएम योगी ने सभी शिक्षकों और गुरुजनों का अभिनंदन करते हुए उन्हें शिक्षक दिवस की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने विश्वास जताया कि शिक्षकों के मार्गदर्शन, मेहनत और निष्ठा के बल पर उत्तर प्रदेश शिक्षा, संस्कार और तकनीक के क्षेत्र में देश का अग्रणी राज्य बनने की दिशा में आगे बढ़ता रहेगा।

गुरुजनों के मार्गदर्शन से नई पीढ़ी का निर्माण

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में शिक्षकों को नए भारत के निर्माण की महत्वपूर्ण कड़ी बताया। उन्होंने कहा कि शिक्षक विद्यार्थियों को केवल किताबी ज्ञान नहीं देते, बल्कि उनमें संस्कार, जिम्मेदारी और राष्ट्र निर्माण की भावना भी विकसित करते हैं। यही नई पीढ़ी आगे चलकर प्रदेश और देश की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।