CM Yogi Statement: एक बार फिर बाबरी मस्जिद से जुड़ा विवाद देश की राजनीति में केंद्र में आ गया है। पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में कथित तौर पर बाबरी मस्जिद के निर्माण की शुरुआत की खबरों ने माहौल को गर्मा दिया है। इसको लेकर हिंदू संगठनों ने विरोध जताते हुए लखनऊ से मुर्शिदाबाद कूच का ऐलान किया है। इसी बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने इस पूरे मुद्दे पर कड़ा और स्पष्ट बयान देकर सियासी बहस को और तेज कर दिया है।
बाराबंकी में धार्मिक कार्यक्रम के दौरान CM योगी का बयान
मंगलवार को सीएम योगी आदित्यनाथ उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जिले में श्री राम जानकी मंदिर में आयोजित दशम श्री हनुमान विराट महायज्ञ एवं श्री रामार्चा पूजन कार्यक्रम में शामिल हुए। इस अवसर पर उन्होंने अपने संबोधन में बाबरी ढांचे के पुनर्निर्माण को लेकर दो टूक शब्दों में कहा कि ऐसा कभी नहीं होगा। उनके बयान को सीधे तौर पर चल रहे विवाद से जोड़कर देखा जा रहा है।
“बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण कभी नहीं होगा”
सीएम योगी ने कहा, “यह सरकार जो कहती है, उसे करके दिखाती है। हमने कहा था रामलला हम आएंगे, मंदिर वहीं बनाएंगे और आज सबने देख लिया कि मंदिर बना।” उन्होंने आगे कहा कि कयामत के दिन तक भी बाबरी ढांचे का पुनर्निर्माण नहीं होगा। योगी आदित्यनाथ ने यह भी जोड़ा कि कयामत का दिन आने वाला ही नहीं है, इसलिए बाबरी ढांचे के दोबारा बनने का सवाल ही नहीं उठता।
कयामत के सपने देखने वालों पर हमला
मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में तीखा हमला बोलते हुए कहा कि जो लोग कयामत के दिन का इंतजार कर रहे हैं, वे ऐसे ही अपने सपनों में घुलते रह जाएंगे। उन्होंने कहा कि भारत अपनी गौरवशाली परंपराओं, सनातन संस्कृति और विरासत के साथ आगे बढ़ रहा है। सीएम योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का जिक्र करते हुए अयोध्या में श्रीराम मंदिर पर फहराए गए केसरिया ध्वज को सनातन परंपरा का प्रतीक बताया।
रामद्रोहियों के लिए कोई जगह नहीं
सीएम योगी ने कहा कि कुछ लोग अवसरवादी होते हैं, जो संकट के समय राम को याद करते हैं और बाकी समय भूल जाते हैं। ऐसे लोगों को भगवान राम भी भूल चुके हैं। उन्होंने कहा कि जो लोग रामभक्तों पर गोलियां चलाते थे या रामकाज में बाधा बनते थे, उनके लिए अब कोई जगह नहीं बची है। बाबरी ढांचे का सपना देखने वालों को भी उन्होंने स्पष्ट संदेश दिया कि यह सपना कभी पूरा नहीं होगा।
कानून और व्यवस्था पर सख्त संदेश
अपने संबोधन के अंत में सीएम योगी ने कानून व्यवस्था को लेकर भी सख्त चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि भारत में रहना है तो यहां के कानून का पालन करना सीखना होगा। “कायदे से रहोगे तो फायदे में रहोगे,” यह कहते हुए उन्होंने जोड़ा कि जो लोग कानून तोड़ते हैं, उनके लिए रास्ता सीधे सजा की ओर जाता है। कानून तोड़कर जन्नत जाने का सपना देखने वालों को यह समझ लेना चाहिए कि ऐसा कभी नहीं होने वाला।
बयान से और तेज हुआ राजनीतिक माहौल
सीएम योगी आदित्यनाथ के इस बयान के बाद बाबरी मस्जिद से जुड़ा विवाद एक बार फिर राष्ट्रीय बहस का मुद्दा बन गया है। जहां एक ओर हिंदू संगठनों ने विरोध का ऐलान किया है, वहीं दूसरी ओर इस बयान को आगामी राजनीतिक घटनाक्रमों से जोड़कर देखा जा रहा है। अब सबकी नजरें इस बात पर टिकी हैं कि आगे इस मुद्दे पर क्या रुख अपनाया जाता है।









