Nari Shakti Vandan Adhiniyam: नारी शक्ति वंदन अधिनियम पर संग्राम! सीएम योगी ने इंडी गठबंधन को बताया महिला विरोधी

लखनऊ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' को लेकर विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने महिला आरक्षण बिल के विरोध की तुलना 'द्रोपदी के चीर हरण' से करते हुए इसे कांग्रेस और सपा का अक्षम्य अपराध बताया। योगी ने कहा कि इंडी गठबंधन ने सदैव नारी शक्ति के मार्ग में बाधा उत्पन्न की है।

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

अप्रैल 19, 2026

Nari Shakti Vandan Adhiniyam: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ (महिला आरक्षण बिल) के मुद्दे पर विपक्षी दलों और ‘इंडिया’ (INDI) गठबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। लखनऊ में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान उन्होंने तीखे शब्दों में कहा कि इस विधेयक को पारित होने से रोकने की कोशिशें ऐतिहासिक रूप से महिलाओं के अपमान का प्रतीक रही हैं।

विपक्षी दलों का महिला विरोधी आचरण और ‘चीर हरण’ की तुलना

बताते चले कि, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने महिला आरक्षण बिल के विरोध को महाभारत की घटना से जोड़ते हुए इसे ‘द्रोपदी के चीर हरण’ के समान बताया। उन्होंने कहा कि जिस तरह संसद और सभाओं में इस बिल को फाड़ने और रोकने का प्रयास किया गया, वह देश की ‘आधी आबादी’ (महिलाओं) का घोर अपमान था। सीएम योगी के अनुसार, आज देश की महिलाओं के मन में कांग्रेस, राजद (RJD), टीएमसी (TMC), डीएमके (DMK) और सपा (SP) जैसे दलों के खिलाफ भारी आक्रोश है। उन्होंने इन दलों को इस “ऐतिहासिक पाप” का बराबर का भागीदार बताया।

नारी शक्ति वंदन अधिनियम की यात्रा

सीएम योगी ने याद दिलाया कि नारी शक्ति वंदन अधिनियम साल 2023 में पारित हुआ, लेकिन इसके पीछे लंबा संघर्ष रहा है। जब सामाजिक संगठनों ने इसे लागू करने की मांग की, तब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इसे धरातल पर उतारने के लिए ठोस प्रयास किए। विपक्ष द्वारा उठाए गए दक्षिण भारत के सीटों के मुद्दों पर स्पष्टीकरण देते हुए सीएम ने कहा कि जनगणना के आधार पर अनुपात तय होगा, लेकिन विपक्ष ने इस पर सकारात्मक चर्चा के बजाय सदन में जो दृश्य प्रस्तुत किया, वह लोकतंत्र के लिए काला अध्याय था। ‘इंडिया गठबंधन’ के सहयोगी दलों ने महिलाओं के नेतृत्व में बाधक बनने का काम किया है।

धर्म आधारित आरक्षण का विरोध

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने ऐतिहासिक संदर्भ देते हुए कहा कि जब भारत का संविधान तैयार हो रहा था, तब भी धर्म के आधार पर आरक्षण की मांग उठी थी। उस समय संविधान निर्माताओं ने एकमत होकर इसे ठुकरा दिया था। उन्होंने आरोप लगाया कि आज विपक्षी दल फिर से उसी दिशा में देश को धकेलना चाहते हैं। सीएम ने स्पष्ट कहा कि ‘इंडिया’ गठबंधन को महिलाओं के सशक्तिकरण को रोकने के लिए उनसे बिना शर्त माफी मांगनी चाहिए, हालांकि उन्होंने यह भी जोड़ा कि देश की महिलाएं अब जागरूक हैं और वे इस अपमान के लिए विपक्ष को कभी माफ नहीं करेंगी।

कांग्रेस की नीतियों पर तीखा प्रहार

मुख्यमंत्री ने विपक्षी गठबंधन के ‘नारी विरोधी’ चेहरे को उजागर करने के लिए ‘ट्रिपल तलाक’ कानून का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि जब प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्लिम महिलाओं के हित में ट्रिपल तलाक को प्रतिबंधित किया, तब भी कांग्रेस और उसके सहयोगियों ने इसका कड़ा विरोध किया था। सीएम योगी ने तंज कसते हुए कहा कि कांग्रेस को देश में सबसे अधिक समय तक शासन करने का अवसर मिला, लेकिन उन्होंने नारी, युवा, गरीब और किसान के कल्याण के लिए कोई प्रभावी कार्यक्रम लागू नहीं किया। उन्होंने संकल्प दोहराया कि एनडीए (NDA) सरकार हमेशा नारी शक्ति के हर कदम के साथ मजबूती से खड़ी है।