CM Yogi: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने 80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर अपने सरकारी आवास पर आयोजित ध्वजारोहण कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने प्रदेशवासियों को स्वतंत्रता दिवस की शुभकामनाएं दीं और देश की आजादी के लिए अपना सर्वस्व न्योछावर करने वाले वीर स्वतंत्रता सेनानियों और शहीदों को नमन किया। मुख्यमंत्री ने अपने संबोधन में आजादी के महत्व के साथ-साथ देश के सामने मौजूद चुनौतियों पर भी बात की।
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बलिदानों की वजह से मिली आजादी
सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि 1947 में लंबे संघर्ष, त्याग और असंख्य बलिदानों के बाद भारत को विदेशी शासन से मुक्ति मिली। उन्होंने कहा कि आज देश का प्रत्येक नागरिक जिस स्वतंत्रता का अनुभव कर रहा है, वह भारत माता के वीर सपूतों के संघर्ष और समर्पण का परिणाम है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि देश को गुलामी की ओर धकेलने में आपसी मतभेद और कई तरह की साजिशें भी जिम्मेदार रही थीं। हालांकि भारतीय समाज ने कभी भी मानसिक और भावनात्मक रूप से गुलामी को स्वीकार नहीं किया। आजादी की भावना हमेशा लोगों के भीतर जीवित रही और इसी ने स्वतंत्रता आंदोलन को मजबूती दी।
सिर्फ विदेशी शासन से मुक्ति नहीं है आजादी
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि स्वतंत्रता का अर्थ केवल राजनीतिक आजादी हासिल करना नहीं है। इसके व्यापक मायने हैं। उन्होंने कहा कि देश को अराजकता, गरीबी, पिछड़ेपन, अशिक्षा और असमानता जैसी समस्याओं से भी मुक्त करना जरूरी है। उन्होंने कहा कि जब तक समाज इन चुनौतियों से पूरी तरह बाहर नहीं निकलता, तब तक आजादी का वास्तविक उद्देश्य पूरी तरह हासिल नहीं माना जा सकता। इसलिए स्वतंत्र भारत में विकास और सामाजिक समानता की दिशा में लगातार काम करना जरूरी है।
आजादी की रक्षा सभी की जिम्मेदारी
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि देश की स्वतंत्रता को लंबे समय तक सुरक्षित रखने की जिम्मेदारी किसी एक व्यक्ति, जाति या समुदाय की नहीं हो सकती। इसके लिए देश के सभी नागरिकों को अपने-अपने क्षेत्र में योगदान देना होगा। उन्होंने कहा कि भारत की एकता और अखंडता को मजबूत बनाए रखने के लिए हर नागरिक को अपनी जिम्मेदारी समझनी होगी। देश की प्रगति तभी संभव है जब समाज के अलग-अलग वर्ग मिलकर राष्ट्र निर्माण में भागीदारी करें।
कई पुरानी समस्याओं से देश ने पाया छुटकारा
मुख्यमंत्री ने कहा कि आजादी के समय भारत के सामने गरीबी, अव्यवस्था, अशिक्षा, पिछड़ापन और असमानता जैसी बड़ी चुनौतियां थीं। पिछले आठ दशकों में इनमें से कई समस्याओं को काफी हद तक दूर किया गया है और कई अन्य चुनौतियों के समाधान की दिशा में भी लगातार काम हो रहा है।उन्होंने दावा किया कि देश में करोड़ों लोगों को बहुआयामी गरीबी से बाहर लाने में सफलता मिली है। शिक्षा का दायरा भी लगातार बढ़ा है और सरकारी योजनाओं का लाभ समाज के विभिन्न वर्गों तक पहुंचाने के प्रयास किए जा रहे हैं।
चार वर्गों पर विकास का जोर
सीएम योगी ने कहा कि देश के विकास के केंद्र में गरीब, युवा, महिला और किसान जैसे चार प्रमुख वर्ग होने चाहिए। उन्होंने कहा कि इन्हीं वर्गों को ध्यान में रखते हुए सरकार की कई योजनाएं और नीतियां तैयार की जा रही हैं। मुख्यमंत्री ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लोगों से देश को कमजोर करने वाली और समाज में विभाजन पैदा करने वाली ताकतों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि राष्ट्र की एकता, अखंडता और विकास के लिए सभी नागरिकों को मिलकर आगे बढ़ना होगा।
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