Kanpur News: कानपुर पहुंचे सीएम योगी आदित्यनाथ, गोवंश संरक्षण और प्राकृतिक खेती पर दिया बड़ा बयान

कानपुर में 'प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026' को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गोवंश संरक्षण और जहर मुक्त जैविक खेती पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि गाय आधारित खेती से किसानों की लागत घटेगी और बीमारियां कम होंगी। इसके साथ ही सीएम योगी ने वैश्विक मंदी के बीच भारत की मजबूत स्थिति का हवाला देकर विपक्ष पर निशाना साधा।

Kanpur News

Wrriten By :

Aanchal Singh

Published On :

जून 18, 2026

Kanpur News: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कानपुर में आयोजित एक भव्य ‘प्राकृतिक खेती कार्यशाला-2026’ (Natural Farming Workshop Kanpur) को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित किया। अपने संबोधन के दौरान सीएम योगी ने कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी सुधारों, गोवंश संरक्षण और भारत की समृद्ध आर्थिक विरासत पर विस्तार से प्रकाश डाला। मुख्यमंत्री ने समाज के उन लोगों पर तीखा तंज कसा जो गाय का दूध निकालने के बाद उन्हें लावारिस छोड़ देते हैं।

उन्होंने दोटूक शब्दों में कहा कि हमारी सरकार का यह परम संकल्प और सनातनी संस्कार है कि हम गोमाता को कटने नहीं देंगे और देश की आंतरिक या बाहरी सुरक्षा के साथ कोई खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेंगे। इतिहास का स्मरण कराते हुए उन्होंने कहा कि देश की गुलामी के कालखंड में भी जब कोई कसाई गोहत्या का प्रयास करता था, तो हमारे वीर सिख गुरु और योद्धा उसका वहीं काम तमाम कर देते थे।

गोमाता आधारित कृषि प्रणाली और दुग्ध उत्पादन का महत्व

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि भारत का कोई भी सनातन धर्मावलंबी ऐसा नहीं होगा जो गोमाता की पूजा न करता हो और उन्हें अपने परिवार का अभिन्न हिस्सा न मानता हो। उन्होंने जोर देकर कहा कि गोमाता आधारित शून्य बजट खेती (Zero Budget Cow Farming) न केवल देश की कृषि व्यवस्था को आर्थिक रूप से सशक्त बनाती है, बल्कि बेसहारा पशुओं की रक्षा कर हमें अनंत पुण्य का भागीदार भी बनाती है।

वर्तमान में उत्तर प्रदेश की 7700 से अधिक सरकारी व अर्ध-सरकारी गोशालाओं में 14 लाख से ज्यादा गोवंश पूरी तरह संरक्षित हैं। मुख्यमंत्री सहभागिता योजना (UP Mukhyamantri Sahabhagita Yojana) के अंतर्गत अब किसानों को एक गोवंश पालने पर ₹1500 प्रति माह की आर्थिक सहायता सीधे उनके बैंक खातों में दी जा रही है। प्रदेश के लगभग 1.5 लाख किसान इस योजना से जुड़कर गाय के गोबर और गौमूत्र से ‘जीवामृत’ तैयार कर स्वावलंबन की नई इबारत लिख रहे हैं।

वैश्विक अर्थव्यवस्था का इतिहास

सीएम योगी ने वैश्विक पटल पर भारत के गौरवशाली आर्थिक इतिहास का जिक्र करते हुए कहा कि आज से 2000 वर्ष पूर्व वैश्विक अर्थव्यवस्था में भारत की हिस्सेदारी 44 प्रतिशत थी, जो मुगलों की भीषण लूटपाट के बाद भी 24 फीसदी पर टिकी रही। लेकिन विदेशियों की अंधी नकल और औपनिवेशिक नीतियों के कारण आजादी के वक्त यह सिमटकर महज 2 प्रतिशत रह गई थी।

वर्ष 2014 से पहले देश का अन्नदाता किसान रासायनिक उर्वरकों की बढ़ती लागत और कम उत्पादन के कारण आत्महत्या करने को विवश था। लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कुशल नेतृत्व में केंद्र सरकार ने लागत का न्यूनतम डेढ़ गुना मूल्य (1.5 Times MSP Guarantee) देने की कानूनी गारंटी देकर कृषि संकट पर पूर्ण विराम लगा दिया। सॉइल हेल्थ कार्ड, पीएम फसल बीमा योजना और किसान सम्मान निधि जैसी दूरदर्शी कृषि योजनाओं ने किसानों को अभूतपूर्व सुरक्षा चक्र प्रदान किया है।

केमिकल फर्टिलाइजर के नुकसान

केमिकल फर्टिलाइजर (यूरिया, डीएपी) और कीटनाशकों (Pesticides) के अंधाधुंध उपयोग पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अत्यधिक रसायनों के कारण भारतीय कृषि उत्पाद वैश्विक बाजारों में खारिज हो रहे हैं। इसका सीधा जहर हमारे स्वास्थ्य पर पड़ रहा है।

आज से 30 वर्ष पहले देश में किडनी और लिवर सिरोसिस के मामले न के बराबर थे, लेकिन आज रासायनिक भोजन के कारण हर मोहल्ले में दो-तीन किडनी रोगी, ब्लड प्रेशर और डायबिटीज के मरीज मिल जाते हैं। सीएम ने गणितीय विश्लेषण प्रस्तुत करते हुए कहा कि यदि किसान गोवंश आधारित प्राकृतिक कीटनाशक और जैविक खाद (Organic Fertilizers and Natural Pesticides) को अपनाते हैं, तो रासायनिक उर्वरकों पर होने वाला प्रति एकड़ 10 से 12 हजार रुपये का भारी-भरकम खर्च सीधे बच जाएगा, जिससे किसानों की शुद्ध आय में रिकॉर्ड वृद्धि होगी।

विपक्षी दलों पर तीखा प्रहार

उत्तर प्रदेश सरकार वर्तमान में राज्य के 34 विशेष जिलों में प्राकृतिक कृषि को तेजी से बढ़ावा दे रही है, जिसमें गंगा किनारे स्थित 27 जनपद और बुंदेलखंड के 7 जिले शामिल हैं। इन क्षेत्रों के ऑर्गेनिक उत्पादों के सर्टिफिकेशन, पैकेजिंग और मार्केटिंग के लिए कृषि मंडियों में विशेष शोरूम स्थापित किए जा रहे हैं। मुख्यमंत्री ने किसान उत्पादक संगठनों (FPOs) को इन प्रदर्शनियों की कमान सौंपने का निर्देश दिया। अंत में, वैश्विक ऊर्जा संकट के दौरान भारत में महंगाई नियंत्रित रखने के लिए पीएम मोदी की सराहना करते हुए सीएम योगी ने विपक्षी दलों को आड़े हाथों लिया।

उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जब पूरी दुनिया आर्थिक मंदी से जूझ रही थी, तब भारत मजबूती से आगे बढ़ रहा था; ऐसे में दिशाहीन विपक्ष का काम सिर्फ चिल्लाना है और वह हमेशा चिल्लाता ही रहेगा। इस अवसर पर कृषि मंत्री सूर्य प्रताप शाही सहित शासन-प्रशासन के तमाम वरिष्ठ पदाधिकारी मौजूद रहे।