Yogi Adityanath Bengal : सीएम योगी का ममता पर तीखा हमला, कहा- बंगाल की धरती पर सिर्फ बांग्ला चलेगी, उर्दू नहीं

ममता बनर्जी के गढ़ में गरजे सीएम योगी! बंगाल की धरती से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भाषा और संस्कृति को लेकर ऐसा कौन सा बड़ा ऐलान कर दिया, जिससे टीएमसी खेमे में खलबली मच गई है? क्या योगी का यह 'उर्दू बनाम बांग्ला' वाला दांव बंगाल की सत्ता का रुख मोड़ देगा? जानें!

Wrriten By :

Chandan Das

Published On :

अप्रैल 22, 2026

Yogi Adityanath Bengal :  पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 के प्रथम चरण के मतदान से ठीक एक दिन पहले सियासी पारा अपने चरम पर पहुंच गया है। कल यानी 23 अप्रैल को राज्य की 152 सीटों पर वोट डाले जाने हैं। इसी चुनावी गहमागहमी के बीच उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री और भाजपा के फायरब्रांड नेता योगी आदित्यनाथ ने नादिया में एक विशाल जनसभा को संबोधित किया। योगी आदित्यनाथ ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (TMC) पर हमलावर होते हुए तुष्टीकरण की राजनीति का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि बंगाल की अस्मिता के साथ खिलवाड़ करने वाली किसी भी ताकत को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उनके इस दौरे ने पहले चरण के चुनाव से पहले भाजपा कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह भर दिया है।

भाषा और संस्कृति का मुद्दा: “उर्दू नहीं, बांग्ला ही होगी सर्वोच्च”

नादिया की रैली में सीएम योगी ने टीएमसी के एक नेता के कथित बयान को ढाल बनाते हुए क्षेत्रीय अस्मिता का कार्ड खेला। उन्होंने कहा, “मुझे जानकारी मिली है कि टीएमसी के एक मेयर दावा करते हैं कि वे बंगाल की आधी आबादी पर उर्दू थोप देंगे। मैं उन्हें और पूरी टीएमसी को यह बताने आया हूं कि बंगाल की महान धरती पर केवल बांग्ला भाषा ही बोली जाएगी।” योगी ने आगे कहा कि बंगाली संस्कृति ने हमेशा से भारत को दिशा दिखाई है और इसी संस्कृति के माध्यम से देश नई ऊंचाइयों को छुएगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि थोपी गई भाषा या संस्कृति बंगाल के गौरवशाली इतिहास को धूमिल नहीं कर सकती।

आस्था और परंपरा पर प्रहार: काबा-मदीना बनाम महाकाली और चैतन्य महाप्रभु

धार्मिक संदर्भों का उपयोग करते हुए योगी आदित्यनाथ ने टीएमसी की एक सांसद के बयान पर पलटवार किया। उन्होंने कहा, “उनकी एक सांसद कहती हैं कि उनके हृदय में काबा और आंखों में मदीना बसा है। लेकिन नादिया की पावन धरती इसे स्वीकार नहीं करेगी।” योगी ने स्थानीय भावनाओं को स्वर देते हुए नारा दिया कि नादिया के लोगों के हृदय में साक्षात मां महाकाली का वास है और आंखों में महाप्रभु चैतन्य का दर्शन है। उन्होंने चैतन्य महाप्रभु की वैष्णव परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि बंगाल की पहचान भक्ति और शक्ति के संगम से है, न कि किसी विदेशी प्रभाव से।

हावड़ा में गरजे योगी: गुंडागर्दी के खिलाफ और शौर्य की गाथा का आह्वान

नादिया के बाद योगी आदित्यनाथ ने हावड़ा जिले के उदयनारायणपुर में एक और रैली को संबोधित किया। यहां उन्होंने बंगाल की धरती को भारत की सबसे गौरवशाली भूमि बताया। उन्होंने कहा कि पूरा देश बंगाल के क्रांतिकारियों और वीरों की शौर्य गाथाएं गाता है, लेकिन आज यही बंगाल अपनी खोई हुई पहचान वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहा है। योगी ने आरोप लगाया कि टीएमसी के ‘गुंडों’ ने सभा की तैयारियों में बाधा डालने और भाजपा कार्यकर्ताओं को धमकाने की कोशिश की। उन्होंने जनता की भीड़ को देखकर कहा कि चिलचिलाती धूप में आपकी उपस्थिति यह साबित करती है कि आपने बंगाल में बदलाव की गंभीर प्रतिज्ञा ले ली है।

चुनाव का गणित: दो चरणों में फैसला और 4 मई को परिणाम

पश्चिम बंगाल की 294 विधानसभा सीटों के लिए हो रहे इस चुनाव की प्रक्रिया इस बार दो चरणों में सिमटी हुई है। पहले चरण का मतदान 23 अप्रैल को 152 सीटों पर होगा, जिसके लिए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। इसके बाद, शेष 142 सीटों के लिए 29 अप्रैल को दूसरे चरण की वोटिंग होगी। भाजपा ने इस बार हावड़ा और नादिया जैसे जिलों में अपनी पूरी ताकत झोंक दी है। योगी आदित्यनाथ ने दावा किया कि इस बार हावड़ा की सभी सीटों पर ‘कमल’ खिलेगा। अब सभी की निगाहें 4 मई को आने वाले नतीजों पर टिकी हैं, जो यह तय करेंगे कि बंगाल की सत्ता पर किसका राज होगा।

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